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Karnataka: राज्यपाल को भाजपा नेताओं ने दिया ज्ञापन, विधानसभा से 18 विधायकों का निलंबन रद्द करने की मांग की

Mon, 28 Apr 2025 06:36 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: पवन पांडेय Updated Mon, 28 Apr 2025 06:36 PM IST
सार

Karnataka: कर्नाटक में भाजपा नेताओं ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की है। इस दौरान भाजपा नेताओं ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए विधानसभा से निलंबित किए गए विधायकों के निलंबन को रद्द करने की मांग की है।

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BJP petitions Karnataka Guv seeking revocation of suspension of 18 MLAs from Assembly, News in Hindi
कर्नाटक में राज्यपाल को भाजपा नेताओं ने दिया ज्ञापन - फोटो : X @BYVijayendra

विस्तार

कर्नाटक में विपक्षी दल भाजपा ने सोमवार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर 18 विधायकों के निलंबन को रद्द करने की मांग की। भाजपा ने इस निलंबन को अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक बताया है। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे विधानसभा अध्यक्ष यू. टी. खादर को निलंबन पर पुनर्विचार करने और विधायकों को फिर से जनता की सेवा करने का अवसर देने के निर्देश दें।
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क्या है पूरा मामला?
21 मार्च को विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन, भाजपा विधायकों ने सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। वे मुस्लिम समुदाय को सार्वजनिक ठेकों में 4% आरक्षण दिए जाने और सहकारिता मंत्री के. एन. राजन्ना के खिलाफ "हनी ट्रैप" मामले में न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे। विरोध के दौरान कुछ विधायक अध्यक्ष की कुर्सी के पास चढ़ गए और कुछ ने सदन के वेल में आकर कागज फेंके। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने 18 विधायकों को 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया और मार्शलों के जरिये उन्हें जबरन सदन से बाहर निकाला गया।
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भाजपा ने रखा अपना पक्ष
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि निलंबन न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि विधायकों को जनता की सेवा से रोक रहा है। अशोक ने कहा, 'सदन में भाग लेना हमारा अधिकार है। कांग्रेस सरकार लोकतंत्र को कुचलने का काम कर रही है।' उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने पहले ही विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से बात की थी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और सरकार व संबंधित मंत्री से इस बारे में बात करने का आश्वासन दिया है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि निलंबन पूरे सत्र तक सीमित रहना चाहिए था, छह महीने तक नहीं।

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विधानसभा अध्यक्ष का जवाब
विधानसभा अध्यक्ष यू. टी. खादर ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सब कुछ संविधान और नियमों के अनुसार होगा।

भाजपा ने अपने ज्ञापन में क्या कहा?
भाजपा ने अपने ज्ञापन में कहा कि उनके विधायक केवल विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन इसे गलत तरीके से देखा गया। उन्होंने कहा कि अगर उस दिन अध्यक्ष उनसे बातचीत करते, तो वे अपना पक्ष स्पष्ट करते और सदन व अध्यक्ष का सम्मान जताते। लेकिन बिना सुनवाई का मौका दिए 18 विधायकों पर सख्त कार्रवाई कर दी गई। भाजपा ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है और वे हमेशा इसके नियमों और गरिमा का सम्मान करते रहे हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि उनका विरोध किसी भी तरह से अध्यक्ष के प्रति असम्मान का इरादा नहीं था।

ये हैं निलंबित विधायक
निलंबित विधायकों में भाजपा के मुख्य सचेतक डोड्डानगौड़ा पाटिल, पूर्व उपमुख्यमंत्री सी. एन. अश्वथ नारायण, एस. आर. विश्वनाथ, बी. ए. बसवराजू, एम. आर. पाटिल, चन्नाबसप्पा, बी. सुरेश गौड़ा, उमनाथ कोटियन, शरणु सालगर, डॉ. शैलेन्द्र बेल्दाले, सी. के. राममूर्ति, यशपाल सुवर्णा, बी. पी. हरिश, भरत शेट्टी, धीरज मुनिराजू, चंद्रू लामानी, मुनिरत्ना और बसवराज मट्टीमुड शामिल हैं।

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