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BJP National Executive Meeting: भाजपा का पीछा नहीं छोड़ेगा मनमोहन सरकार का ‘काला अतीत’, सबसे बड़ी चुनौती कमजोर अर्थव्यवस्था

Sun, 03 Jul 2022 08:49 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Sun, 03 Jul 2022 08:49 PM IST
सार

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हैदराबाद को उसके पुराने नाम ‘भाग्यनगर’ से संबोधित कर बता दिया है कि तेलंगाना में सत्ता में आने पर उसका ‘भाग्य’ भी बदल जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को 2004 से 2014 के बीच के ‘काले अतीत’ को जनता को न भूलने देने  की बात भी कही है।

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BJP National Executive Meeting Manmohan government dark past will not leave the pursuit biggest challenge is weak economy
bjp national executive meeting - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के साथ भाजपा की हैदराबाद में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी संपन्न हो गई। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हैदराबाद को उसके पुराने नाम ‘भाग्यनगर’ से संबोधित कर बता दिया है कि तेलंगाना में सत्ता में आने पर उसका ‘भाग्य’ भी बदल जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को 2004 से 2014 के बीच के ‘काले अतीत’ को जनता को न भूलने देने  की बात भी कही है। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया है कि बीजेपी 30-40 साल तक सत्ता में बनी रहने वाली है। वह भी ऐसे समय में जब देश के कई राजनीतिक दल अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। देश की सत्ता में लंबे समय तक बने रहने के लिए भाजपा का प्लान क्या है?

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प्रधानमंत्री ने भाजपा को लोकतांत्रिक पार्टी बताते हुए कहा है कि उन्होंने उन सभी मूल्यों को अपनाने में उदारता दिखाई है जो राष्ट्र के लिए अच्छे हैं। किसी दूसरे दल के व्यक्ति भी यदि राष्ट्रहित में अच्छी बातें कहते हैं तो उसे वह खुले दिल से स्वीकार करती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण सरदार पटेल थे जो कि कांग्रेस नेता थे, लेकिन उनके योगदान का गुणगान करने में भाजपा सबसे आगे है। भाजपा की यह सोच उसे दूसरे दलों से आगे खड़ा करती है। 
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लेकिन क्या दूसरे दल भी दूसरे दलों के अच्छे विचारों को अपनाने की सहृदयता दिखा पाएंगे? प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकर्ताओं से ऐसी किसी गलती को दोहराने से बचने की सलाह दी है जो दूसरे दल करते रहे हैं और जिनके कारण आज वे खत्म होने की कगार पर आ गए हैं। दूसरे दलों को भाजपा की इस सोच से सवक सीखने की जरूरत है।
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हर वर्ग को साधने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषक सुनील पांडेय कहते हैं कि भाजपा अपना आधार वोट बढ़ाने के लिए लगातार  अलग-अलग वर्गों को साधने की कोशिश करती है। कभी बनियाओं की पार्टी समझी जाने वाली भाजपा ने सबसे पहले अगड़े वर्गों में अपना जनाधार बढ़ाया, बाद में ओबीसी और दलितों को अपने से जोड़ा। अब वह जनजातीय वर्गों के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के बीच भी अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन दूसरे दल इस तरह की मजबूत कोशिश करते हुए नहीं देखे जाते। इसी का परिणाम दिख रहा है कि भाजपा लगातार मजबूत हो रही है तो कई दल अपनी जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हर उस वर्ग की भावनाओं को समझने की कोशिश की है जो उसकी राजनीतिक यात्रा में बड़ा आधार बन सकती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि आज का युवा लोकतांत्रिक सोच वाला है। वह परिवारवादी सोच को गलत समझता है और ऐसे दलों से उसका लगातार मोहभंग हो रहा है जो राजनीतिक दल इस आधार पर अब तक चलते रहे हैं। यह कहकर प्रधानमंत्री ने युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश की है।

पार्टी ने अल्पसंख्यक, दलित और उसके बाद अब अनुसूचित जनजाति का राष्ट्रपति बनवाने में अपनी भूमिका होने को मजबूती से स्थापित कर इन वर्गों तक संदेश देने की कोशिश की है। महिलाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा कई योजनाएं चालू करने और तीन तलाक से मुस्लिम समाज की महिलाओं को मुक्ति दिलाने में अपनी भूमिका का उल्लेख कर बताया है कि आगे भी महिलाओं का विकास उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता में रहने वाला है।

सर्वजन हिताय की राजनीति केंद्र की सोच
केंद्र सरकार ने अपनी योजनाओं में समाज के हर वर्गों तक लाभ पहुंचाने की कोशिश की है। माना जाता है कि उसकी इसी सोच का परिणाम उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान उसे मिला है। भाजपा की यह नीति सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की राजनीति को आगे बढ़ाती हुई दिखती है। एक भारत श्रेष्ठ भारत की ओर बढ़ने के लिए उसके लिए आवश्यक है कि वह समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चले। भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती समाज के सभी वर्गों को साथ लिए बिना नहीं कारगर हो सकती।   

मनमोहन सरकार की तरह अर्थव्यवस्था चलाकर दिखाएं प्रधानमंत्री: कांग्रेस
दलित महिला कांग्रेस अध्यक्ष ऋतु चौधरी ने अमर उजाला से कहा कि प्रधानमंत्री अपने अतिशयोक्तिपूर्ण भाषण के लिए जाने जाते हैं। 2014 में अपनी राजनीतिक यात्रा के समय भी उन्होंने देश के युवाओं को हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का सपना दिखाया था। लेकिन आज हर कैटेगरी में नौकरियां खत्म की जा रही हैं। अब तो अग्निवीर योजना के सहारे देश की सेना को भी ‘ठेके’ पर देने की कोशिश की जा रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल को काला अतीत कहना भारतीय जनता पार्टी की भारी भूल है। उस समय देश की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत थी और देश का हर सेक्टर विकास कर रहा था। जबकि अब केवल बेरोजगारी और गरीबी में ही विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि रूपया डॉलर के मुकाबले गिरने में हर रोज नया रिकॉर्ड बना रहा है, केवल उनके आठ सालों में रूपये में 20 रूपये तक की गिरावट आ चुकी है और अब वह 80 रूपये प्रति डॉलर तक पहुंचने वाला है, लेकिन इसके बाद भी आत्ममुग्ध प्रधानमंत्री अपने कार्यकाल को बेहतर बताने की कोशिश करते हैं तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।


उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं और महंगाई की मार झेलने वाली महिलाओं वाला यह  देश अब भाजपा सरकार से छुटकारा चाहता है। उन्होने कहा कि भाजपा का सत्ता में लंबे समय तक बने रहने का सपना कभी कामयाब नहीं होगा।

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