राम मंदिर पर स्वामी का नया दांव, बातचीत से नहीं बनी तो लाएंगे कानून
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि अगर बातचीत से राम मंदिर विवाद नहीं सुलझा तो इसके लिए नए कानून लाएंगे। बुधवार को स्वामी ने ट्टवीट में लिखा है कि राम मंदिर बनाने के लिए पार्टी संसद में कानून लाएगी। उन्होंने कहा कि 2018 तक बीजेपी संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में बहुमत में आ जाएगी। इसके बाद संसद में इसके लिए कानून लाएंगे। स्वामी ने ट्वीट में लिखा है कि मुसलमानों को सरयू नदी के पार मस्जिद बनाने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए।
Muslim should accept my proposal for a masjid across Saryu. Or else in 2018 on getting the RS majority we will enact a law to build temple
— Subramanian Swamy (@Swamy39) March 21, 2017विज्ञापन
वहीं स्वामी ने एक ट्वीट में लिखा है कि राम जन्म भूमि को लेकर मुख्य न्यायाधीश ने जो ऑफर दिया है, उसे मुस्लिम पक्ष ने अस्वीकार कर दिया। इसलिए सुप्रीम कोर्ट को 18 अप्रैल से प्रतिदिन इस मामले की सुनवाई करनी चाहिए। स्वामी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, '1994 में सुप्रीम कोर्ट ने जिस हिस्से को रामजन्मभूमि करार दिया है, वहां रामलला विराजमान हैं और उनकी रोज पूजा हो रही है। क्या कोई उनको वहां से हटा सकता है?'
There is already a temporary Ramlala temple in Ramjanmabhoomi sanctioned by Supreme Court in 1994. Puja on. Can anyone dare to demolish it?
— Subramanian Swamy (@Swamy39) March 21, 2017
Muslim parties in the Ramjanmabhoomi dispute have rejected the noble offer of the CJI let us go for day to day hearing with 4/18 deadline
— Subramanian Swamy (@Swamy39) March 22, 2017
गौरतलब है कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर विवाद को संवेदनशील और धार्मिक मामला बताते हुए बैठकर निबटारे की सलाह दी थी। बता दें कि वर्तमान समय में राज्यसभा में बहुमत न होने की वजह से केंद्र को कई बिल पारित कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ चुका है। लेकिन यूपी में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद एनडीए के राज्यसभा में सबसे बड़े दल बनने का रास्ता साफ हो गया है। अगले साल तक एनडीए उच्च सदन में सबसे बड़ा दल बन जाएगा।
इस समय राज्यसभा में एनडीए के 77 सांसद हैं। इसमें से बीजेपी के 56, टीडीपी के छह, शिवसेना के तीन, शिरोमणि अकाली दल के तीन, पीडीपी के दो सांसद शामिल हैं। इसके अलावा सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट आदि के चार सांसद हैं।
वहीं, अभी एनडीए के मुकाबले यूपीए के राज्यसभा में सांसदों की संख्या अधिक है। कांग्रेस के 59, जेडीयू के 10, डीएमके के चार, आरजेडी के तीन और अन्य पार्टियों को मिलाकर यह संख्या कुल 84 पहुंचती है। इसके अलावा अन्य पार्टियों के 82 सांसद राज्यसभा में हैं।