{"_id":"5dd56b1d8ebc3e54da2257bf","slug":"bjp-made-black-money-white-with-electoral-bonds-says-congress","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा ने इलेक्ट्रोरल बांड से कालेधन को सफेद बनाया: कांग्रेस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
भाजपा ने इलेक्ट्रोरल बांड से कालेधन को सफेद बनाया: कांग्रेस
Wed, 20 Nov 2019 10:04 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 20 Nov 2019 10:04 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस ने फिर इलेक्ट्रोरल बांड को लेकर भाजपा और सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस अभी तक इलेक्ट्रोरल बांड से मिली बड़ी रकम की हिस्सेदारी को लेकर भाजपा पर निशाना साध रही थी। अब आरटीआई के हवाले से इलेक्ट्रोरियल बांड से जुड़ी फाइल में रिर्जव बैंक और चुनाव आयोग की गंभीर टिप्पणियों के आधार पर प्रधानमंत्री कार्यालय पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने संसद परिसर में प्रेस कांफ्रेस कर इस मामले का खुलासा किया।
विज्ञापन
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद का कहना है आरटीआई से साफ है कि प्रधानमंत्री कार्यालय के कहने पर ही नियम तोड़े गए। इसलिए सरकार संसद के दोनों सदनों में बताए कि इलेक्ट्रोरल बांड के किसे कितनी रकम मिली और किसने दी। आनंद शर्मा का कहना है कि ये राजनीतिक घोटाला है बांड के माध्यम से रकम उगाही है जो चुनावी प्रक्रिया को कलंकित करती है।
विज्ञापन
इसमें न तो रकम देने वाले पता न ही किस स्रोत से रकम आई इसका खुलासा कितनी रकम दी इसकी भी जानकारी नहीं। ऐसे में आरबीआई और चुनाव आयोग की चिंता और टिप्पणी महत्वपूर्ण है। रणदीप सुरजेवाला ने आरटीआई के हवाले बताया कि इलेक्ट्रोरल बांड का इस्तेमाल लोकसभा चुनाव में होना था लेकिन कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान वित्त मंत्रालय ने 3 अप्रैल 2018 बांड से चंदा लेने पर रोक लगाई लेकिन छह दिन बाद यानि 10 अप्रैल को वित्त मंत्रालय प्रधानमंत्री कार्यालय का हवाला देते हुए अपने फैसले का रद्द कर दिया।
विज्ञापन
फिर उसे बाद में राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना को लेकर भी पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद छूट दी गई। सरकार ने जो नियम बनाए उन्हें खुद ही तोड़ने के पीछे एक बड़ा षडयंत्र है।
आजाद ने बताया कि आरबीआई ने इलेक्ट्रोरल बांड को लेकर आपत्ति जताते हुए लिखा है कि इससे मनी लांड्रिंग करने वालों को फायदा होगा। इससे मनी लांड्रिंग बढ़ेगी और पीएमओ इसे प्रोत्साहित कर रहा है।
मनी लांड्रिंग को रोकने का प्रवाधान है लेकिन इससे रास्ता मिलेगा। वहीं चुनाव आयोग की आपत्ति है कि इससे चुनावी चंदे की पारदर्शिता समाप्त होती है। राजनीतिक पार्टियों में कालाधन का फ्लो बढ़ेगा और शैल कंपनियों की माध्यम से लेन-देन होगा। आजाद का कहना है कि आरटीआई से ये बात साफ है कि ये सब चीजें पीएमओ के कहने पर हुईं।