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BJP List Analysis: शिकस्त को जीत में बदलने के लिए हारे चेहरों पर दांव; परिवारवाद और सियासी रसूख की भी झलक
Thu, 17 Aug 2023 08:11 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Thu, 17 Aug 2023 08:11 PM IST
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भाजपा ने 60 नामों की सूची जारी की।
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के कुल 60 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी गई है। इनमें मध्य प्रदेश से 39 और छत्तीसगढ़ से 21 प्रत्याशियों के नाम का एलान किया गया है। दोनों राज्यों की इन साठ सीटों में से 59 पर भाजपा को 2018 में हार मिली थी। वहीं, झाबुआ सीट पर 2018 में पार्टी को जीत जरूर मिली थी। लेकिन, बाद में हुए उपचुनाव में यहां से कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया विधायक बने थे। इस तरह इन सभी साठ सीटों पर इस वक्त भाजपा का कोई विधायक नहीं है।आइये जानते हैं दोनों राज्यों की सूची में क्या है? किन चेहरों को मौका दिया गया है? टिकट पाने वालों का सियासी रसूख क्या है? किस क्षेत्र से कितने उमीदवार घोषित किए गए हैं? सूची में कितने चेहरे ऐसे हैं जो राजनीतिक परिवारों से आते हैं?
दोनों राज्यों की सूची में क्या है?
भाजपा ने मध्य प्रदेश के 39 और छत्तीसगढ़ के 21 उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। विधानसभा चुनाव के एलान से पहले ही पार्टी ने पहली सूची जारी करके अपनी आक्रामक रणनीति साफ कर दी है। मध्य प्रदेश की 39 सीटों में से 38 पर इस वक्त कांग्रेस और एक सीट पर बसपा का कब्जा है। इसी तरह छत्तीसगढ़ की सभी 21 सीटों पर इस वक्त कांग्रेस का कब्जा है। 2018 के चुनाव में इन 21 में से 20 पर कांग्रेस और एक पर जनता कांग्रेस को जीत मिली थी। मरवाही सीट से जनता कांग्रेस सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी जीते थे। जोगी के निधन के बाद हुए उपचुनाव में यहां सीट कांग्रेस के खाते में चली गई।
भाजपा ने मध्य प्रदेश के 39 और छत्तीसगढ़ के 21 उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। विधानसभा चुनाव के एलान से पहले ही पार्टी ने पहली सूची जारी करके अपनी आक्रामक रणनीति साफ कर दी है। मध्य प्रदेश की 39 सीटों में से 38 पर इस वक्त कांग्रेस और एक सीट पर बसपा का कब्जा है। इसी तरह छत्तीसगढ़ की सभी 21 सीटों पर इस वक्त कांग्रेस का कब्जा है। 2018 के चुनाव में इन 21 में से 20 पर कांग्रेस और एक पर जनता कांग्रेस को जीत मिली थी। मरवाही सीट से जनता कांग्रेस सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी जीते थे। जोगी के निधन के बाद हुए उपचुनाव में यहां सीट कांग्रेस के खाते में चली गई।
सीएम, सिंधिया
- फोटो :
सोशल मीडिया
सूची में सिंधिया समर्थकों को क्या हुआ?
2020 में पाला बदलने वाले कुछ विधायकों की सीट पर भी उम्मीदवारों का एलान हुआ है। सुमावली से 2018 में कांग्रेस के टिकट पर जीते अदल सिंह कंसाना 2020 के उपचुनाव में हार गए थे। हालांकि, पार्टी ने उन्हें एक बार फिर टिकट दिया है। वहीं, गोहद से 2018 में कांग्रेस के टिकट पर जीते रनवीर जाटव 2020 के उपचुनाव में हार गए थे। सिंधिया समर्थक जाटव टिकट पाने में असफल रहे हैं। यहां से पार्टी ने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष लाल सिंह आर्य को टिकट दिया है। आर्य 2013 और 2018 में यहां से हार चुके हैं।
2020 में पाला बदलने वाले कुछ विधायकों की सीट पर भी उम्मीदवारों का एलान हुआ है। सुमावली से 2018 में कांग्रेस के टिकट पर जीते अदल सिंह कंसाना 2020 के उपचुनाव में हार गए थे। हालांकि, पार्टी ने उन्हें एक बार फिर टिकट दिया है। वहीं, गोहद से 2018 में कांग्रेस के टिकट पर जीते रनवीर जाटव 2020 के उपचुनाव में हार गए थे। सिंधिया समर्थक जाटव टिकट पाने में असफल रहे हैं। यहां से पार्टी ने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष लाल सिंह आर्य को टिकट दिया है। आर्य 2013 और 2018 में यहां से हार चुके हैं।
भाजपा सीईसी की बैठक।
- फोटो :
सोशल मीडिया।
…और कौन से चर्चित चेहरों को मौका मिला है?
आने वाले चुनाव में छत्तीसगढ़ की पाटन सीट सबसे ज्यादा चर्चित सीटों में से एक होनी तय हो गई है। यहां से भाजपा ने सांसद विजय बघेल को टिकट दिया है। विजय बघेल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भतीजे हैं। भूपेश बघेल पाटन से सीट से जीतते रहे हैं। ऐसे में यह सीट पारिवारिक लड़ाई में फंसती दिख रही है।
मध्य प्रदेश के लिए 39 चेहरों के नाम घोषित किए गए हैं। राजधानी भोपाल की भोपाल उत्तर सीट से भाजपा ने पूर्व मेयर आलोक शर्मा को उतारा गया है। इस सीट से कांग्रेस के आरिफ अकील लगातार जीतते रहे हैं। लगातार सात बार यहां से जीत चुके अकील इस बार अपने परिवार के लिए कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं। अकील अपने मझले बेटे को यहां से टिकट दिलाना चाहते हैं। हालांकि, उनके परिवार में ही टिकट को लेकर रस्साकस्सी हो रही है। अकील के भाई और उनके बड़े बेटे भी इस सीट पर दावेदारी पेश कर रहे हैं।
भोपाल की ही एक अन्य सीट भोपाल मध्य से ध्रुव नारायण सिंह को टिकट मिला है। ध्रुवनारायण सिंह 2008 में यहां से विधायक चुने गए थे। 2011 में हुए शहला मसूद हत्याकांड के बाद 2013 के विधानसभा चुनाव में उनका टिकट कट गया था। ध्रुवनारायण की जगह सुरेंद्र नाथ सिंह 2013 में यहां से भाजपा के टिकट पर लड़े और जीते थे। 2018 में सुरेंद्र नाथ सिंह को आरिफ मसूद ने हरा दिया था। अब पार्टी ने फिर से ध्रुवनारायण को टिकट दिया है।
इंदौर की राऊ सीट से मधु वर्मा को चुनावी मैदान में उतर गया है। इस सीट पर अभी कांग्रेस से जीतू पटवारी विधायक हैं। जीतू कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। इसी तरह कमलनाथ कैबिनेट में मंत्री रहे सज्जन सिंह वर्मा की सीट सोनकच्छ से राजेश सोनकर को उम्मीदवार बनाया गया है। सोनकर इंदौर जिले के सांवेर सीट से विधायक रह चुके हैं। सांवेर से इस वक्त सिंधिया समर्थक तुलसी सिलावट भाजपा विधायक हैं।
आने वाले चुनाव में छत्तीसगढ़ की पाटन सीट सबसे ज्यादा चर्चित सीटों में से एक होनी तय हो गई है। यहां से भाजपा ने सांसद विजय बघेल को टिकट दिया है। विजय बघेल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भतीजे हैं। भूपेश बघेल पाटन से सीट से जीतते रहे हैं। ऐसे में यह सीट पारिवारिक लड़ाई में फंसती दिख रही है।
मध्य प्रदेश के लिए 39 चेहरों के नाम घोषित किए गए हैं। राजधानी भोपाल की भोपाल उत्तर सीट से भाजपा ने पूर्व मेयर आलोक शर्मा को उतारा गया है। इस सीट से कांग्रेस के आरिफ अकील लगातार जीतते रहे हैं। लगातार सात बार यहां से जीत चुके अकील इस बार अपने परिवार के लिए कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं। अकील अपने मझले बेटे को यहां से टिकट दिलाना चाहते हैं। हालांकि, उनके परिवार में ही टिकट को लेकर रस्साकस्सी हो रही है। अकील के भाई और उनके बड़े बेटे भी इस सीट पर दावेदारी पेश कर रहे हैं।
भोपाल की ही एक अन्य सीट भोपाल मध्य से ध्रुव नारायण सिंह को टिकट मिला है। ध्रुवनारायण सिंह 2008 में यहां से विधायक चुने गए थे। 2011 में हुए शहला मसूद हत्याकांड के बाद 2013 के विधानसभा चुनाव में उनका टिकट कट गया था। ध्रुवनारायण की जगह सुरेंद्र नाथ सिंह 2013 में यहां से भाजपा के टिकट पर लड़े और जीते थे। 2018 में सुरेंद्र नाथ सिंह को आरिफ मसूद ने हरा दिया था। अब पार्टी ने फिर से ध्रुवनारायण को टिकट दिया है।
इंदौर की राऊ सीट से मधु वर्मा को चुनावी मैदान में उतर गया है। इस सीट पर अभी कांग्रेस से जीतू पटवारी विधायक हैं। जीतू कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। इसी तरह कमलनाथ कैबिनेट में मंत्री रहे सज्जन सिंह वर्मा की सीट सोनकच्छ से राजेश सोनकर को उम्मीदवार बनाया गया है। सोनकर इंदौर जिले के सांवेर सीट से विधायक रह चुके हैं। सांवेर से इस वक्त सिंधिया समर्थक तुलसी सिलावट भाजपा विधायक हैं।
सूची में कितने चेहरे ऐसे हैं जो राजनीतिक परिवारों से आते हैं?
भोपाल मध्य से उम्मीदवार बनाए गए ध्रुव नारायण सिंह पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण सिंह के बेटे हैं। सबलगढ़ के विधायक रहे मेहरबान सिंह रावत की बहू सरला रावत को सबलगढ़ से उम्मीदवार बनाया गया है। छतरपुर के महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री मानवेंद्र सिंह के बेटे कामाख्या प्रताप सिंह को मैदान में उतारा गया है। जबलपुर जिले की बरगी सीट से विधायक रहीं प्रतिभा सिंह के बेटे नीरज सिंह ठाकुर को टिकट दिया गया है। भाजपा के दिग्गज नेता दिलीप सिंह भूरिया की बेटी निर्मला भूरिया को पार्टी ने पेटलावद से मैदान में उतारा है। निर्मला पेटलावद से चार बार विधायक रह चुकी हैं। हालांकि, 2008 और 2018 में उन्हें यहां से हार का सामना करना पड़ा है।
भोपाल मध्य से उम्मीदवार बनाए गए ध्रुव नारायण सिंह पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण सिंह के बेटे हैं। सबलगढ़ के विधायक रहे मेहरबान सिंह रावत की बहू सरला रावत को सबलगढ़ से उम्मीदवार बनाया गया है। छतरपुर के महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री मानवेंद्र सिंह के बेटे कामाख्या प्रताप सिंह को मैदान में उतारा गया है। जबलपुर जिले की बरगी सीट से विधायक रहीं प्रतिभा सिंह के बेटे नीरज सिंह ठाकुर को टिकट दिया गया है। भाजपा के दिग्गज नेता दिलीप सिंह भूरिया की बेटी निर्मला भूरिया को पार्टी ने पेटलावद से मैदान में उतारा है। निर्मला पेटलावद से चार बार विधायक रह चुकी हैं। हालांकि, 2008 और 2018 में उन्हें यहां से हार का सामना करना पड़ा है।
दिग्विजय सिंह के भाई के खिलाफ IRS अधिकारी की पत्नी को टिकट
दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह के खिलाफ भाजपा ने प्रियंका मीणा को टिकट दिया है। प्रियंका मूलत: राजस्थान की रहने वाली हैं। 2020 में शादी के बाद गुना आईं। इसके बाद यहां उनकी राजनीतिक सक्रियता बहुत ज्यादा रही। 2022 के पंचायत चुनाव में प्रियंका चर्चा में आईं थीं। उन्होंने मौजूदा जिला पंचायत सदस्य को तीसरे नंबर पर धकेल दिया था। पूर्व विधायक ममता मीणा भी इस सीट से टिकट की दावेदार थीं। हालांकि, प्रियंका ने उनका पत्ता काट दिया।
दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह के खिलाफ भाजपा ने प्रियंका मीणा को टिकट दिया है। प्रियंका मूलत: राजस्थान की रहने वाली हैं। 2020 में शादी के बाद गुना आईं। इसके बाद यहां उनकी राजनीतिक सक्रियता बहुत ज्यादा रही। 2022 के पंचायत चुनाव में प्रियंका चर्चा में आईं थीं। उन्होंने मौजूदा जिला पंचायत सदस्य को तीसरे नंबर पर धकेल दिया था। पूर्व विधायक ममता मीणा भी इस सीट से टिकट की दावेदार थीं। हालांकि, प्रियंका ने उनका पत्ता काट दिया।
ग्राफिक्स
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अमर उजाला
कई हारे प्रत्याशियों पर भी भरोसा दिखाया गया
पार्टी ने 2018 में हारे कई उम्मीदवारों पर दोबारा भरोसा जताया है। राऊ सीट से हारे मधु वर्मा फिर से यहां से मैदान में होंगे। पेटलावाद से हारीं निर्मला भूरिया भी टिकट पाने में सफल रहीं हैं। झाबुआ जिले की झाबुआ एसटी सीट से भानु भूरिया को उतरा गया है। भूरिया झाबुआ जिला भाजपा इकाई के प्रमुख हैं और 2019 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया के सामने हार गए थे।
2018 में पथरिया से हारे लखन पटेल पर भी पार्टी ने फिर से भरोसा जताया है। पटेल को 2018 में पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया के बागी होने की वजह से हार का समाना करना पड़ा था। कुसमारिया फिर से टिकट की दावेदारी पेश कर रहे थे। हालांकि, पार्टी ने पटेल पर भी भरोसा जताया।
इसी तरह छतरपुर की पूर्व विधायक ललिता यादव को भी फिर से टिकट दिया गया है। 2018 में ललिता को छतरपुर की जगह मलहरा से टिकट मिला था। जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले ललिता मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री थीं। इसी तरह इस बार टिकट पाने वाले आत्माराम पटेल, लाल सिंह आर्य, राजेश वर्मा, सुरेंद्र सिंह गहरवार, ओमप्रकाश धुर्वे, नाना भाऊ मोहोड़, राजकुमार मेव, आत्माराम पटेल को 2018 में हार का सामना करना पड़ा था।
पार्टी ने 2018 में हारे कई उम्मीदवारों पर दोबारा भरोसा जताया है। राऊ सीट से हारे मधु वर्मा फिर से यहां से मैदान में होंगे। पेटलावाद से हारीं निर्मला भूरिया भी टिकट पाने में सफल रहीं हैं। झाबुआ जिले की झाबुआ एसटी सीट से भानु भूरिया को उतरा गया है। भूरिया झाबुआ जिला भाजपा इकाई के प्रमुख हैं और 2019 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया के सामने हार गए थे।
2018 में पथरिया से हारे लखन पटेल पर भी पार्टी ने फिर से भरोसा जताया है। पटेल को 2018 में पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया के बागी होने की वजह से हार का समाना करना पड़ा था। कुसमारिया फिर से टिकट की दावेदारी पेश कर रहे थे। हालांकि, पार्टी ने पटेल पर भी भरोसा जताया।
इसी तरह छतरपुर की पूर्व विधायक ललिता यादव को भी फिर से टिकट दिया गया है। 2018 में ललिता को छतरपुर की जगह मलहरा से टिकट मिला था। जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले ललिता मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री थीं। इसी तरह इस बार टिकट पाने वाले आत्माराम पटेल, लाल सिंह आर्य, राजेश वर्मा, सुरेंद्र सिंह गहरवार, ओमप्रकाश धुर्वे, नाना भाऊ मोहोड़, राजकुमार मेव, आत्माराम पटेल को 2018 में हार का सामना करना पड़ा था।
aap and bjp
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SOCIAL MEDIA
सुबह दलबदल करने वाले को शाम को टिकट
बालाघाट जिले की लांजी सीट से राजकुमार कर्राये भाजपा उम्मीदवार बनाए गए हैं। राजकुमार ने गुरुवार सुबह ही आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में वापसी की थी। शाम को उनका नाम भी भाजपा की 39 उम्मीदवारों की पहली सूची में था। राजकुमार आप से पहले भाजपा में ही थे। दो बार से टिकट की मांग कर रहे थे। हालांकि, उन्हें दोनों बार टिकट नहीं मिला था।
बालाघाट जिले की लांजी सीट से राजकुमार कर्राये भाजपा उम्मीदवार बनाए गए हैं। राजकुमार ने गुरुवार सुबह ही आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में वापसी की थी। शाम को उनका नाम भी भाजपा की 39 उम्मीदवारों की पहली सूची में था। राजकुमार आप से पहले भाजपा में ही थे। दो बार से टिकट की मांग कर रहे थे। हालांकि, उन्हें दोनों बार टिकट नहीं मिला था।
सांसद विजय बघेल और सीएम भूपेश बघेल
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अमर उजाला
छत्तीसगढ़ की सूची में क्या खास ?
पार्टी के कद्दावर नेता रामविचार नेताम को रामानुजगंज से उम्मीदवार बनाया गया है। इसी तरह राजिम से रोहित साहू उम्मीदवार होंगे। 2018 में यहां से कांग्रेस के कद्दावर नेता श्यामाचरण शुक्ल के बेटे अमितेश शुक्ल विधायक हैं। मंत्री अनिला भेंडिया की दौंडी लोहारा से देवलाल हलवा ठाकुर उम्मीदवार होंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सीट पाटन से बघेल के भतीजे और भाजपा सांसद विजय बघेल उम्मीदवार होंगे। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष लखनलाल देवांगन को कोरबा से टिकट दिया गया है।
पार्टी के कद्दावर नेता रामविचार नेताम को रामानुजगंज से उम्मीदवार बनाया गया है। इसी तरह राजिम से रोहित साहू उम्मीदवार होंगे। 2018 में यहां से कांग्रेस के कद्दावर नेता श्यामाचरण शुक्ल के बेटे अमितेश शुक्ल विधायक हैं। मंत्री अनिला भेंडिया की दौंडी लोहारा से देवलाल हलवा ठाकुर उम्मीदवार होंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सीट पाटन से बघेल के भतीजे और भाजपा सांसद विजय बघेल उम्मीदवार होंगे। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष लखनलाल देवांगन को कोरबा से टिकट दिया गया है।
भाजपा की चुनावी तैयारियां
- फोटो :
सोशल मीडिया
सीटों का समीकरण क्या है?
छत्तीसगढ़ के लिए घोषित कुल 21 सीटों में 10 ऐसे सीटें है जो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, जबकि एक सीट अनुसूचित जाति के लिए। बाकी 10 सामान्य सीटों के लिए भी उम्मीदवारों की सूची जारी की गई है।
इसी तरह मध्य प्रदेश के लिए घोषित कुल 39 सीटों में आठ ऐसे सीटें है जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं, जबकि 13 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए। बाकी 18 सामान्य सीटों के लिए भी उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की गई है। सबसे ज्याद इंदौर उज्जैन क्षेत्र से 11 उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। चंबल-ग्वालियर इलाके से छह चेहरों को मौका दिया गया है। भोपाल क्षेत्र से दो नामों को जगह दी गई है।
छत्तीसगढ़ के लिए घोषित कुल 21 सीटों में 10 ऐसे सीटें है जो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, जबकि एक सीट अनुसूचित जाति के लिए। बाकी 10 सामान्य सीटों के लिए भी उम्मीदवारों की सूची जारी की गई है।
इसी तरह मध्य प्रदेश के लिए घोषित कुल 39 सीटों में आठ ऐसे सीटें है जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं, जबकि 13 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए। बाकी 18 सामान्य सीटों के लिए भी उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की गई है। सबसे ज्याद इंदौर उज्जैन क्षेत्र से 11 उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। चंबल-ग्वालियर इलाके से छह चेहरों को मौका दिया गया है। भोपाल क्षेत्र से दो नामों को जगह दी गई है।