बंगाल में नया बवाल : मनोनीत सांसद स्वपन दासगुप्ता को टिकट देने पर घिरी भाजपा, टीएमसी और कांग्रेस ने उठाए सवाल
- राज्यसभा से मनोनीत सांसद स्वपन दासगुप्ता के भाजपा से चुनाव लड़ने के एलान पर मचा बवाल
- टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने उठाए सवाल
- महुआ मोइत्रा ने भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची का दिया हवाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस एक दूसरे पर वार-पलटवार करते नहीं थक रहे हैं। हाल ही में राज्यसभा के नामित सदस्य स्वपन दासगुप्ता को भाजपा की ओर से हुगली की तारकेश्वर विधानसभा सीट से टिकट देने पर टीएमसी ने बवाल मचा दिया है। हालांकि इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी सभापति से जवाब मांगा है।
भाजपा ने रविवार को 26 और उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, जिसमें स्वपन दासगुप्ता का नाम भी था। इसके बाद टीएमसी स्वपन दासगुप्ता की राज्यसभा सदस्यता खत्म करने के लिए विशेष प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इस मुद्दे पर ट्वीट कर विरोध जताया है। हालांकि स्वपन दासगुप्ता ने बयान जारी किया और कहा कि नामांकन से पहले सभी मामले हल हो जाएंगे।
Swapan Dasgupta is BJP candidate for WB polls.
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) March 15, 2021
10th Schedule of Constitution says nominated RS member to be disqualified if he joins any political party AFTER expiry of 6 months from oath.
He was sworn in April 2016, remains unallied.
Must be disqualified NOW for joining BJP. pic.twitter.com/d3CDc9dNCe
महुआ मोइत्रा ने जताया विरोध
महुआ मोइत्रा ने संविधान की 10वीं अनुसूची का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा कि भाजपा की ओर से स्वपन दासगुप्ता को उम्मीदवार के तौर पर उतारा गया है। संविधान की 10वीं अनुसूची कहती है कि अगर कोई राज्यसभा का मनोनीत सदस्य शपथ लेने और उसके छह महीने की अवधि खत्म होने के बाद अगर किसी भी राजनैतिक पार्टी में शामिल होता है तो उसे राज्यसभा की सदस्यता के लिए अघोषित कर दिया जाएगा। महुआ मोइत्रा ने आगे लिखा कि उन्हें साल 2016 में भाजपा ने शपथ दिलाई थी, जो अभी भी जारी है।
कांग्रेस ने सभापति से मांगी सफाई
इधर, कांग्रेस ने भी स्वपन दासगुप्ता के चुनाव लड़ने पर सवाल उठाया है। कांग्रेस ने सभापति वेंकैया नायडु से इस मुद्दे पर सफाई मांगी है। वेंकैया नायडु को लिखे पत्र में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि दासगुप्ता ने चुनाव लड़ने से पहले ना तो सदन से इस्तीफा दिया है और ना ही ना ही वे किसी पार्टी में शामिल हुए हैं।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने वेंकैया नायडु से सवाल किया और पूछा कि क्या कोई राज्यसभा का सदस्य जो नामित होने के छह महीने बाद भी औपचारिक तौर पर किसी राजनैतिक पार्टी से ना जुड़ा हो और बिना राजनीतिक पार्टी के नामित सदस्य के तौर पर काम कर रहा हो, क्या बिना इस्तीफा दिए लोकसभा या विधानसभा का चुनाव लड़ सकता है?
जयराम रमेश ने आगे कहा कि आपने हाल ही में संसद की कार्यवाही में ऐसे किसी इस्तीफे का एलान नहीं किया है। उन्होंने आगे लिखा कि मुझे कुछ और कहने की जरूरत नहीं है।