फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BJP is not in haste for 'Lotus' operation

ऑपरेशन ‘लोटस’ को लेकर जल्दबाजी में नहीं भाजपा

Wed, 16 Jan 2019 03:37 AM IST
गौरव द्विवेदी हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव द्विवेदी Updated Wed, 16 Jan 2019 03:37 AM IST
सार

  • संख्या बल जुटाने के बाद ही कुमारस्वामी सरकार पर हमला बोलेगी पार्टी
  • निर्दलीय विधायकों की समर्थन वापसी के बाद कांग्रेस में टूट का इंतजार

विज्ञापन
BJP is not in haste for 'Lotus' operation
ऑपरेशन लोटस

विस्तार

कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार से दो निर्दलीय विधायकों की समर्थन वापसी और सियासी उथल-पुथल के बीच भाजपा को अब कांग्रेस में बड़ी टृट का इंतजार है। पार्टी ‘ऑपरेशन लोटस’ को अमलीजामा पहनाने को लेकर जल्दबाजी में नहीं है। बताया जाता है कि कांग्रेस के पांच विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। फिलहाल किसी तरह की चूक से बचने के लिए पार्टी को कम से कम दो और विधायकों के टूटने का इंतजार है। 

विज्ञापन


राज्य में दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने के बाद 225 सदस्यीय विधानसभा में फिलहाल कुमारस्वामी सरकार को 117 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। यह आंकड़ा बहुमत से चार ज्यादा है। माना जा रहा है कि पांच विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। भाजपा यदि इन विधायकों को साध कर अविश्वास प्रस्ताव पेश करती है, तो बात बन जाएगी। मगर इसमें खतरा यह है कि ऐन मौके पर एक भी बागी विधायक ने पाला बदला, तो भाजपा को लेने के देने पड़ जाएंगे। यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व सत्ताधारी गठबंधन के कम से कम दो-तीन और विधायकों के टूटने का इंतजार कर रहा है।
विज्ञापन


दरअसल भाजपा नेतृत्व को पता है कि ऑपरेशन लोटस को अमलीजामा पहनाने में चूक हुई, तो पार्टी की फजीहत होगी और लोकसभा चुनाव में इस पर असर पड़ेगा। इसलिए नेतृत्व चाहता है कि कुमारस्वामी सरकार पर ऐसे समय धावा बोला जाय जब चूक की कोई गुंजाइश न बचे। चूंकि पार्टी दो वर्ष पूर्व गुजरात राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस महासचिव अहमद पटेल से मात खाने के बाद आलोचनाओं का शिकार हो चुकी है, इसलिए पार्टी अब कोई खतरा नहीं उठाना चाहती। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गुरुग्राम में इसलिए विधायकों को इकट्ठा किया

पार्टी ने पूरी तरह सोची-समझी रणनीति के तहत अपने 104 विधायकों को गुरुग्राम के रिजॉर्ट में रखा है। इस मामले में पार्टी को जहां एक ओर कांग्रेस-जेडीएस के पलटवार का अंदेशा है, वहीं इससे यह सियासी धारणा भी बन रही है कि राज्य में विधायकों के तोड़फोड़ में कांग्रेस-जेडीएस भी लगी हुई है।


डी शिवकुमार ने संभाली सरकार बचाने की कमान

कांग्रेस के लिए कई बार संकटमोचक बन चुके वरिष्ठ नेता डी शिवकुमार की सरकार में शामिल विधायकों की निगरानी से विरोधी कैंप में चिंता है। कांग्रेस के पांच विधायकों के मुंबई में अचानक गायब होने के बाद सरकार बचाने की कमान शिवकुमार को मिल गई है। शिवकुमार अपनी पार्टी के ही नहीं, सरकार को समर्थन देने वाले बसपा विधायक पर भी नजर रखे हुए हैं। वहीं, भाजपा की केपीजेपी और निर्दलीय के एक-एक विधायकों को तोड़ने के बाद बसपा विधायक पर नजरें टिकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed