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हिंदू पलायन मुद्दे को नए सिरे से धार देगी भाजपा, स्थानीय नेता खड़ा करेंगे आंदोलन
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, कोझिकोड
Updated Wed, 28 Sep 2016 05:58 AM IST
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- फोटो : amar ujala
पश्चिम उत्तर प्रदेश के कैराना सहित कुछ अन्य इलाकों से हिंदुओं के पलायन संबंधी मुद्दे को भाजपा अब नए सिरे से धार देगी। अंतर सिर्फ इतना होगा कि इस बार अलग-अलग जगहों पर स्थानीय नेता आंदोलन की कमान संभालेंगे, जबकि केंद्र और प्रदेश के बड़े नेता इससे दूर रहेंगे। इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने के बाद अचानक शांत हुई भाजपा ने यह रणनीति मानवाधिकार आयोग की पलायन की पुष्टि के बाद तैयार की है। केरल के कोझीकोड में हुई पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में संयुक्त संगठन महासचिव शिवप्रकाश की अगुवाई में इस पर गंभीर मंथन के बाद नई रणनीति तैयार की गई। नई रणनीति के तहत इस मुद्दे को फिलहाल पश्चिम उत्तर प्रदेश तक ही सीमित रखने का फैसला किया गया है।
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इस बैठक में उपस्थित राज्य संगठन से जुड़े एक वरिष्ठï नेता के मुताबिक नए सिरे से छेड़ा जाने वाला आंदोलन विधानसभा चुनाव तक बदस्तूर जारी रहेगा। फिलहाल इस आंदोलन से प्रदेश और केंद्रीय नेताओं को दूर रखने का फैसला किया गया है। हालांकि समीक्षा के बाद जरूरत महसूस हुई तो पहले प्रदेश के वरिष्ठ नेता और बाद में केंद्रीय स्तर के वरिष्ठï नेता इस मुद्दे को आगे बढ़ाएंगे। इसी तरह आंदोलन को पहले पश्चिम उत्तर प्रदेश तक ही सीमित रखने का फैसला किया गया है। समीक्षा के बाद इसका दायरा अन्य क्षेत्रों में बढ़ाया जा सकता है।
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गौरतलब है कि सांसद हुकुम सिंह ने कुछ महीने पूर्व हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठा कर देश की सियासत को गरम कर दिया था। उन्होंने पलायन किए गए हिंदू परिवारों की सूची भी जारी की थी। बाद में इस मुद्दे को खुद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इलाहाबाद में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बाद हुई जनसभा में उठा कर तूल दिया था। हालांकि पार्टी धीरे धीरे इस मुद्दे पर शांत हो गई थी। इसी बीच मानवाधिकार आयोग की जांच टीम की पलायन की पुष्टिï के बाद पार्टी ने फिर से इस मुद्दे को धार देने की योजना बनाई।
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