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पार्टियों को चंदा: 2019-20 में भाजपा को मिले 785 करोड़, कांग्रेस से पांच गुना ज्यादा
Thu, 10 Jun 2021 08:11 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 10 Jun 2021 08:11 PM IST
सार
भाजपा की ओर से निर्वाचन आयोग के समक्ष चंदे को लेकर फरवरी में जमा नवीनतम रिपोर्ट और इस सप्ताह निर्वाचन आयोग द्वारा सार्वजनिक की गई जानकारी के मुताबिक पार्टी को 785 करोड़ रुपये का चंदा मिला है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान व्यक्तिगत दान, चुनावी न्यास और उद्योग समूहों से कुल 785 करोड़ रुपये का चंदा मिला। यह देश के मुख्य विपक्षी कांग्रेस को इसी अवधि में मिले चंदे का करीब पांच गुना है। जानकारी के मुताबिक भाजपा के चंदे में सबसे अधिक योगदान चुनावी न्यास (इलेक्टोरल ट्रस्ट), उद्योगों और पार्टी के अपने नेताओं ने दिया है।
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भाजपा को सर्वाधिक चंदा देने वाले नेताओं में पीयूष गोयल, पेमा खांडू, किरण खेर और रमन सिंह रहे। आईटीसी, कल्याण ज्वैलर्स, रेयर एंटरप्राइजेज, अंबुजा सीमेंट, लोढा डेवलपर्स और मोतीलाल ओसवाल जैसे प्रमुख उद्योग समूहों ने भी भाजपा को चंदा दिया। न्यू डेमोक्रेटिक इलेक्टोरल ट्रस्ट, प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट, जलकल्याण इलेक्टोरल ट्रस्ट, ट्रिम्फ इलेक्टोरल ने भी भाजपा को चंदा दिया।
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वहीं, इस संबंध में कांग्रेस पार्टी की ओर से मुहैया कराई गई जानकारी के मुताबिक उसे कुल 139 करोड़ रुपये का चंदा मिला। इसके अलावा अन्य राजनीतिक दलों की बात करें तो पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को आठ करोड़ रुपये का चंदा मिला है। भाकपा (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी) को 1.3 करोड़ रुपये मिले हैं तो माकपा को 19.7 करोड़ रुपये का चंदा मिला है।
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गौरतलब है कि इस रिपोर्ट में 20 हजार से अधिक राशि देने वालों की ही जानकारी है। कोविड-19 महामारी के चलते निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2019-20 के लिए वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जमा कराने की अंतिम तरीख बढ़ाकर 30 जून कर दी है।