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बिहार के बाद अब बंगाल की बारी, चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे रही भाजपा

Wed, 11 Nov 2020 08:48 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 11 Nov 2020 08:48 PM IST
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BJP giving finishing touches to its Bengal assembly election strategy
भाजपा - फोटो : पीटीआई

बिहार विधानसभा चुनाव से सबक लेते हुए भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रही है। पार्टी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। राज्य में इस समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। 

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243 विधानसभा सीट वाले बिहार में हुए चुनाव के मंगलवार को आए परिणामों में एनडीए को 125 सीटों पर जीत मिली है। 74 सीटों पर जीत हासिल करने के साथ भाजपा बिहार में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। भाजपा ने अपने प्रमुख सहयोगी दल को काफी पीछे छोड़ दिया, जिसे केवल 43 सीटें मिलीं।      
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बिहार में जीत सुनिश्चित करने के बाद अब भाजपा का ध्यान राजनीतिक रूप से बेहद अहम बंगाल पर केंद्रित है। पार्टी ने अगले साल राज्य में मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव में 294 में से 200 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। लोकसभा में बंगाल के 42 सांसद हैं, जबकि बिहार के केवल दो।
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सूत्रों ने बताया कि पिछले लोकसभा चुनाव में 42 में से 18 सीटों को जीतकर भाजपा ने पश्चिम बंगाल में गहरी पैठ बना ली है, जो सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से महज चार कम है।उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर आखिरी दौर का हमला शुरू करने के लिए बिहार चुनावों के संपन्न होने का इंतजार कर रही थी।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को कहा था कि पश्चिम बंगाल में पार्टी की जीत बड़ी होगी और वह चुनाव में दो तिहाई बहुमत हासिल करेगी। उन्होंने कहा था कि  पश्चिम बंगाल की जनता तृणमूल कांग्रेस के कुशासन से उब चुकी है और अब वे बदलाव चाहते हैं।

राज्य इकाई के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने उनका समर्थन करते हुए कहा था कि बिहार के बाद भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल होगा। बिहार में भगवा लहर थी और यह टीएमसी सरकार का भी सफाया कर देगी। दोनों राज्यों में बस इतना अंतर होगा कि बिहार में हम करीब 15 साल से सत्ता में है जबकि पश्चिम बंगाल में हम चुनौती दे रहे हैं।

भाजपा नेताओं के एक धड़े का मानना है कि बिहार चुनाव के नतीजों का असर सीमावर्ती इलाकों को छोड़ पश्चिम बंगाल में बहुत कम होगा लेकिन यह पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में सहायक होगा। राज्य के कई भाजपा नेताओं ने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजों से संकेत ले पार्टी पश्चिम बंगाल में अपनी रणनीति को नए सिरे से धार दे रही है।


हालांकि, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के 200 से अधिक सीटें लाने के लक्ष्य का माखौल उड़ाया है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद और प्रवक्ता सौगत रॉय ने कहा कि जहां तक सवाल पश्चिम बंगाल की सत्ता में आने का है तो भाजपा अब भी स्वप्नलोक में है। अधिकतर सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो जाएगी।

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