अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद कश्मीर घाटी में भाजपा को मिले 50 हजार नए सदस्य
- कश्मीर घाटी में भाजपा को मिले 50 हजार नए सदस्य
- हालात सामान्य होने के बाद फिर लोगों को जोडने की मुहिम में जुटेगी पार्टी
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सदस्यता अभियान से जुड़े पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक चूंकि सदस्यता अभियान की शुरुआत अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद शुरू हुआ। इस फैसले के बाद कश्मीर घाटी में फोन और इंटरनेट सेवाएं अनियमित थी। इसके बावजूद नमो एप, मिस्ड कॉल और फार्म के जरिए पार्टी करीब 50 हजार नए सदस्य बनाने में कामयाब हुई है। स्थिति सामान्य होने के बाद पार्टी घाटी के खासतौर से युवाओं को अपने साथ लाने के लिए बड़ा मुहिम शुरू करेगी। पार्टी के रणनीतिकारों को विश्वास है जब विकट और विरोध वाली परिस्थिति में उल्लेखनीय संख्या में विशेष समुदाय से जुड़े लोग साथ आए तो स्थिति सामान्य होने पर इसमें जबर्दस्त बढ़ोत्तरी होगी।
अभियान की खासबात इसे अलगाववादियों-आतंकियों केगढ़ में मिली सफलता है। आतंकी जाकिर मूसा और बुरहान वानी से गृह क्षेत्र त्राल में पार्टी को एक हजार नए सदस्य मिले। इसी प्रकार आतंकवादियों का गढ़ माने जाने वाले पुलवामा, शेपियां और कुलगाम में भी पार्टी को तीन हजार नए सदस्य मिले। पार्टी की योजना कश्मीर घाटी में हालात सामान्य होने के बाद एक लाख लोगों को जोडने की है।
काम आए सरपंच
तीन संसदीय क्षेत्रों में करीब 50 हजार नए सदस्य बनाने में सरपंचों ने अहम भूमिका निभाई। चूंकि राज्य में पहली बार विकास राशि सीधे पंचायत तक पहुंच रही है, इससे वहां की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। पार्टी मान रही है कि राज्य की सियासत में बड़ा बदलाव लाने के लिए भविष्य में इन सरपंचों की भूमिका अहम होगी।
कहां कितने सदस्य
पार्टी ने बारामुला के कारनाह में 6059, कुपवारा में 902, हंदवारा में 409, बांदीपोरा में 247, बारामुला में 627, गुलमर्ग में 269, श्रीनगर के गंदरबेल में 1309, हजरतबल में 158, चादुरा में 590, बडगाम में 471, अनंतनाग के पहलगाम में 416, नूराबाद में 837 सदस्य फार्म भरवाकर बनाए हैं। गौरतलब है कि इन तीन संसदीय क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या करीब 24 लाख है।