ममता ने रोकी भाजपा की रथा यात्रा, पार्टी ने उच्चतम न्यायालय में दाखिल की कैविएट
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पश्चिम बंगाल की भाजपा इकाई ने आज उच्चतम न्यायालय में कैविएट दाखिल की है। यह कैविएट भाजपा की रथ यात्रा को लेकर कोलकता उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के संबंध में दाखिल की गई है। अब अगर ममता सरकार उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल करती है तो उसे भाजपा को नोटिस देना होगा। ऐसे उच्चतम न्यायालय भाजपा का पक्ष सुने बिना कोई फैसला नहीं दे सकता है।
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने भाजपा को रथ यात्रा की इजाजत नहीं दी। सरकार के फैसले से भड़के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कहा था कि रथ यात्रा खत्म नहीं बल्कि स्थगित हुई है। उन्होंने कहा था कि पार्टी हर हाल में रथ यात्रा करने के लिए अदालती लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने राज्य की ममता सरकार पर नौकरशाही के माध्यम से लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाते हुए कहा था कि कि राज्य की मुख्यमंत्री भाजपा के उभार के कारण सत्ता छिन जाने के भय में जी रही हैं।
प्रेस काफ्रेंस में शाह ने कहा था कि राज्य सरकार की तुष्टिकरण की नीतियों, सत्ता-नौकरशाही की मिलीभगत के कारण राज्य न सिर्फ विकास के मापदंडों पर बुरी तरह पिछड़ गया है। बल्कि राजनीतिक हत्या, हिंसा, कानून व्यवस्था, मानव तस्करी, आतंकवाद जैसे अहम मानकों पर हाशिये पर चला गया है। उन्होंने कहा था कि ममता भाजपा को रोकने की लाख कोशिशें कर लें, मगर लोकसभा चुनाव में भाजपा को सबसे अधिक सीट मिलना और विधानसभा चुनाव में उनकी सरकार की विदाई की पटकथा लिखी जा चुकी है।
क्या होती है कैविएट
कैविएट का मतलब होता है ऐसी याचिका जिसमें याचिकाकर्ता का पक्ष सुने बिना अदालत अपना फैसला नहीं दे सकती है। यह कैविएट उच्चतम और उच्च न्यायासय में दाखिल की जाती हैं। कैविएट उस परिस्थिति में दाखिल किया जाता है जब याचिकाकर्ता को ऐसा पूर्वानुमान हो कि दूसरा पक्ष उसकी याचिका को चुनौती दे सकता या फिर उसे अदालत से खारिज करवा सकता है।
West Bengal BJP has filed a caveat in Supreme Court today in connection with the order passed by Calcutta High Court division bench in connection with BJP's yatra order. Now the state govt will have to give a notice to BJP if they move an application to SC against HC bench order.
— ANI (@ANI) December 8, 2018