आतंकियों संग गिरफ्तार डीएसपी देविंदर सिंह को लेकर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू
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आतंकियों संग जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार डीएसपी देविंदर सिंह को लेकर अब आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो गई है। एक ओर कांग्रेस ने जहां केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे हैं, वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए उस पर पाकिस्तान की भाषा बोलने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस की ओर से आरोपों की बौछार करने का जिम्मा पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने संभाला। सुरजेवाला ने डीएसपी देविंदर सिंह की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें एक मोहरा करार दिया। इन आरोपों का जवाब देने का मोर्चा भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने संभाला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आज जिस तरह का व्यवहार दिखाया है वह लोकतांत्रिक सर्जिकल स्ट्राइक का हकदार है। संबित पात्रा ने न सिर्फ सुरजेवाला को बल्कि अधीर रंजन को भी जवाब दिए।
कांग्रेस ने दागे ये सवाल :
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि देश के गृह मंत्री को इस मामले की तहकीकात करनी चाहिए और साफ करना चाहिए। सुरजेवाला ने आरोपी डीएसपी को मेडल दिए जाने पर भी सवाल उठाया। कांग्रेस नेता ने कहा, 'एक तरफ आप देविंदर सिंह को पुलिस मेडल दे रहे हैं। दूसरी तरफ देविंदर तीन आतंकियों को प्रवेश करा रहा था। सरकार कह रही है कि उसको इसकी एवज में 12 लाख रुपये मिलने थे। ये पूरी कहानी संशय पैदा करती है। इसकी जांच होनी चाहिए?' उन्होंने एक के बाद एक कई सवाल दागे।
- 2001 में संसद पर हुए हमले में उसकी क्या भूमिका थी
- पुलवामा में हुए आतंकी हमले में उसकी क्या भूमिका थी, यहां वो डीएसपी के पद पर तैनात था।
- क्या वो अपनी कार में हिज्बुल के आतंकियों को ले जा रहा था या वो पूरी साजिश का केवल एक मोहरा है
- क्या इसका मुख्य साजिशकर्ता कहीं और है?
- आरोप हैं कि वो 12 लाख रुपये के एवज में 2 आतंकवादियों और उनके एक सहयोगी को दिल्ली ला रहा था। ये षड्यंत्र क्या था?
- पुलवामा हमले में हमारे 42 जवान शहीद हुए थे। वो आरडीएक्स कहां से आया? वो आरडीएक्स लेकर कौन आया?
- इतनी सुरक्षा के बाद भी पुलवामा हमला कैसे हो गया?
- जो कार सेना के काफिले में नहीं आ सकती थी वो कार कहां से आ गई?
अगर डीएसपी देविंदर सिंह खान होते तो...
- अगर इत्तेफाक से देविंदर सिंह का नाम देविंदर खान होता तो आरएसएस की ट्रोल रेजीमेंट की प्रतिक्रिया ज्यादा तीखी और मुखर होती।
- वर्ण, मत और संप्रदाय से इतर देश के दुश्मनों की निंदा होनी चाहिए।
- यह ट्रोल आर्मी पूरे देश के सांप्रदायिक सदभाव को बुरी तरह से प्रभावित कर देती।
- घाटी में इस कमजोरी का खुलासा हुआ है वो हमें परेशान करने वाली है।
- अब सवाल यह पैदा होता है कि पुलवामा हमले के पीछे के असली गुनाहगार कौन हैं?
- इस मामले पर नए सिरे से जांच की जरूरत है।
भाजपा का पलटवार : कांग्रेस ने यहां भी ढूंढ लिया धर्म
- इस पूरी प्रक्रिया में कांग्रेस के अधीर रंजन ने आव देखा न ताव और मिनटों के अंदर धर्म ढूंढ लिया।
- आतंकवाद पर धर्म की राजनीति करना कांग्रेस की संस्कृति है।
- कांग्रेस ने मोदी जी पर हमला करते हुए उन्हें हिन्दू जिन्ना कहा था। हिंदू जिन्ना, हिंदू आतंकवाद जैसे शब्दों का प्रयोग करना कहीं न कहीं हिंदुओं को आतंकी सिद्ध करना है।
- राहुल गांधी ने भी कहा था कि हमें सिमी या इस्लामिक आतंकवाद से डर नहीं है, हमें हिंदुओं से डर है।
- कांग्रेस पार्टी ने आज जिस तरह का व्यवहार दिखाया वह लोकतांत्रिक सर्जिकल स्ट्राइक का हकदार है। वे रोज पाकिस्तान को खुश कर रहे हैं।
- कांग्रेस ने समय-समय पर आतंक को धर्म से जोड़ा है। उन्होंने भगवा आतंक और हिंदू आतंकवाद जैसे शब्दों को गढ़ा है।
- सोनिया गांधी के कहने पर उन्होंने 'भगवा आतंक' शब्द गढ़ा था।
रोज सहलाते हैं पाकिस्तान की पीठ को...'
भाजपा नेता संबित पात्रा ने कांग्रेस को जवाब देने के लिए शेरो-शायरी का भी सहारा लिया। उन्होंने कहा...रोज सहलाते हैं पाकिस्तान की पीठ को, खंजर भोंकते हैं, हिंदुस्तान की पीठ पर, फिर कहते हैं, हमें देशद्रोही न कहो, तुम पर छोड़ते हैं हम, बताओ इनको क्या कहें।
कांग्रेस के सवालों के बदले भाजपा के सवाल
- कांग्रेस पाकिस्तान को क्लीन चिट क्यों देना चाहती है? भारत आज यह सवाल कांग्रेस से पूछ रहा है।
- 26/11 के बाद भी कांग्रेस ने ऐसा ही किया था। तब सोनिया गांधी ने हमलों के लिए आरएसएस को दोषी ठहराने के लिए दिग्विजय सिंह को भेजा था।
- राहुल गांधी पाकिस्तान के सहयोगी के रूप में क्यों काम कर रहे हैं?
- यही हमारा सवाल है। जब पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में एक डोजियर प्रस्तुत किया तो राहुल गांधी का नाम सूची में सबसे ऊपर था।