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चुनावी बांड की पिच पर फ्रंट फुट पर खेल रही भाजपा, ट्विटर वॉर में प्रियंका से लेकर पीयूष तक शामिल

Sat, 23 Nov 2019 05:04 AM IST
देव कश्यप डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला 
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला  Published by: देव कश्यप Updated Sat, 23 Nov 2019 05:04 AM IST
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BJP are on front foot in front of congress over Electoral Bond, Priyanka Gandhi in twitter war
Twitter war on Electoral Bonds - फोटो : Twitter

देश की दो बड़ी राजनीतिक पार्टियां चुनावी बांड की पिच पर आमने सामने हैं। इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस एक के बाद गुगली फेंक रही है तो वहीं भाजपा भी फ्रंट फुट पर खेलते हुए चौके-छक्के जड़ रही है।

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कांग्रेस की ओर से महासचिव प्रियंका गांधी, लोकसभा सांसद मनीष तिवारी और रणदीप सुरजेवाला बॉल फेंक रहे हैं। दूसरे छोर पर भाजपा के दिग्गज खिलाडी यानी रेल मंत्री पीयूष गोयल कांग्रेसियों की इस गुगली का जवाब देने में लगे हैं। भाजपा पर हमला बोलने के लिए कांग्रेस हर बार अपनी रणनीति बदल रही है, मगर भाजपाई बल्लेबाज भी उसी अंदाज में चौका लगा देते हैं। चुनावी बांड पर दोनों पार्टियों के भीतर चल रही ट्विटर वॉर चरम पर है। शुक्रवार को कांग्रेस की ओर इस बाबत दर्जनभर ट्वीट  किए गए तो वहीं भाजपा ने पिछले 24 घंटे में 35 से ज्यादा ट्वीट किए हैं।
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कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर लिखा... इलेक्टोरल बांड के जरिए चंदा लेने के मामले में एक रिपोर्ट ने चार खुलासे किए हैं। कल भाजपा सरकार के मंत्री ने एक रटा रटाया कागज प्रेस के सामने पढ़ दिया, लेकिन इन प्रश्नों के जवाब कहां हैं। उन्होंने आगे लिखा, क्या ये सच है कि आरबीआई और चुनाव आयोग की आपत्तियों को नकारा गया है। इससे पहले कांग्रेस पार्टी के ट्विटर पर लिखा था कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर ये रिश्ता क्या कहलाता है।

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BJP are on front foot in front of congress over Electoral Bond, Priyanka Gandhi in twitter war
Twitter war on Electoral Bonds - फोटो : Twitter

मुंबई आतंकी हमले के शहीदों की गरिमा के साथ ये खिलवाड़ क्यों किया गया। देश हित के ऊपर पैसों को वरीयता देकर भाजपा ने देश विरोधी कार्य किया है। कांग्रेस यहीं पर नहीं रूकी, अगले ट्वीट में कहा, भाजपा सिर्फ पैसे का रंग देखती है, देने वाले का ढंग नहीं। भले ही वह आतंक को फंडिंग करने वाली कंपनी ही क्यों न हो। भाजपा को सिर्फ पैसा चाहिए।पीएम मोदी से आज देश जवाब मांग रहा है कि 1993 के बम धमाकों के आरोपी को पैसा देने वाली कंपनी से भाजपा ने चंदा क्यों लिया है। मनीष तिवारी ने चुनावी बांड की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती है, वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।

भाजपा ने इस तरह लगाया चौका, वैसी ही भाषा में दिया जवाब...

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भाजपा के ट्विटर पर लिखा, मोदी सरकार ने इलेक्टोरल बॉन्ड से राजनीति में इस्तेमाल होने वाले कालेधन का रास्ता बंद कर दिया है। इससे राजनीतिक चंदे की व्यवस्था में पारदर्शिता आई है। राजनीतिक दलों को मिलने वाले नकद व गुप्त चंदे का चलन थम गया है। चंदे पर कर अवलोकन और ऑडिट से निगरानी की जा सकती है।दानकर्ताओं को हर प्रकार के उत्पीड़न से सुरक्षा दी गई है।

नरेन्द्र मोदी की सरकार ने पहली बार चुनाव आयोग की सलाह पर कैश में डोनेशन के रूप में 2,000 रुपये से ज्यादा देने पर रोक लगा दी। पहले 20 हजार तक कैश में डोनेशन दी जा सकती थी। गोयल ने आगे लिखा, भाजपा एकमात्र पार्टी है जिसने इलेक्टोरल बांड्स के माध्यम से सुनिश्चित किया है कि जो भी पैसा राजनीति में आये, वह बैंक के माध्यम से आए, उसका केवाईसी भी हो। वर्षों तक जिन पार्टियों में भ्रष्टाचार का पैसा चंदे के रूप में लेकर जो व्यक्ति अमीर हुए हैं, आज उन्हें जब चोट लग रही तो वे उल्टा भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं। आज ईमानदारी का पैसा राजनीति में आया है। इलेक्टोरल बांड्स का सिर्फ वही लोग विरोध कर रहे हैं, जो काले धन में विश्वास रखते हैं।

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