BJP: भूपेंद्र यादव बने एमपी के चुनाव प्रभारी, राजस्थान प्रहलाद जोशी के हवाले, इन नेताओं को मिली ये जिम्मेदारी
शुक्रवार को हुई इन नियुक्तियों में सबसे चौंकाने वाला नाम सुनील बंसल का है, जो उत्तर प्रदेश में भाजपा को शानदार जीत दिलाकर केंद्र में सरकार बनाने में बहुत उपयोगी साबित हुए थे। उनकी काम करने की क्षमता को देखते हुए ही भाजपा ने उन्हें दक्षिण के किले पर लगाया था, जिससे वे पार्टी को दक्षिण में विस्तार देने में कामयाबी हासिल कर सकें...
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चार राज्यों में विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने अपने संगठन में भारी बदलाव किए हैं। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को मध्यप्रदेश का चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि प्रहलाद जोशी को राजस्थान की कमान सौंपी गई है। ओम प्रकाश माथुर को छत्तीसगढ़ और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को तेलंगाना का चुनाव प्रभारी बनाया गया है। सुनील बंसल तेलंगाना में सह चुनाव प्रभारी के तौर पर काम करेंगे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडविया को गुजरात भेजे जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन फिलहाल उन्हें छत्तीसगढ़ में सह चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी द्वारा सौंपी गई किसी भी जिम्मेदारी को बहुत सफलतापूर्वक निभाने के कारण वे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के बेहद करीबी नेता के तौर पर देखे जाते हैं। छत्तीसगढ़ में उन्हें जिम्मेदारी देकर भाजपा ने उनके सिर पर कांटों का ताज रखा है। भाजपा की छत्तीसगढ़ में स्थिति बहुत नाजुक बताई जाती है। पार्टी राज्य में आंतरिक कलह से जूझ रही है। उसके पास कोई बेहतर चेहरा भी उपलब्ध नहीं है, जो भूपेश बघेल सरकार को चुनौती दे सके। ऐसे में ओम प्रकाश माथुर और डॉक्टर मनसुख मंडाविया के सामने पार्टी को छत्तीसगढ़ में जीत दिलाने की कठिन चुनौती सामने रहेगी।
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सरकार को कड़े एंटी इनकंबेंसी फैक्टर का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी में आंतरिक गुटबाजी और जोड़-तोड़ भी चरम पर है। कर्नाटक और हिमाचल की जीत से उत्साह से लबरेज कांग्रेस मध्यप्रदेश में भी अभी से जीत के दावे कर रही है। पार्टी नेता कमलनाथ अभी से यहां मुफ्त योजनाओं के तीर चलाना शुरू कर चुके हैं। भाजपा के लिए इस तीर से निपटना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। ऐसे में मध्यप्रदेश के चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और सह चुनाव प्रभारी अश्विनी वैष्णव के सामने इस राज्य में भाजपा को सत्ता में वापस लाना बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।
गुजरात के पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल और कुलदीप विश्नोई राजस्थान में प्रहलाद जोशी के सह प्रभारी के तौर पर काम करेंगे। यहां भी भाजपा को अशोक गहलोत सरकार से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। लोकप्रिय योजनाओं के सहारे अशोक गहलोत सरकार भाजपा के सामने कड़ी चुनौती पेश कर रही है। राजस्थान में भी वसुंधरा राजे सिंधिया को पार्टी का चेहरा बनाए जाने पर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है। कई नेताओं की गुटबाजी यहां भी पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बनी हुई है। ऐसे में प्रहलाद जोशी और नितिन पटेल के सामने राजस्थान में सत्ता में वापस आना मुश्किल भरा काम साबित होने वाला है।
शुक्रवार को हुई इन नियुक्तियों में सबसे चौंकाने वाला नाम सुनील बंसल का है, जो उत्तर प्रदेश में भाजपा को शानदार जीत दिलाकर केंद्र में सरकार बनाने में बहुत उपयोगी साबित हुए थे। उनकी काम करने की क्षमता को देखते हुए ही भाजपा ने उन्हें दक्षिण के किले पर लगाया था, जिससे वे पार्टी को दक्षिण में विस्तार देने में कामयाबी हासिल कर सकें। भाजपा उत्तर प्रदेश में अपनी स्थिति किसी भी स्तर पर कमजोर नहीं होने देना चाहती। यही कारण है कि सुनील बंसल को पिछले दरवाजे से एक बार फिर उत्तर प्रदेश की चुनावी कमान सौंप दी गई है। लेकिन तेलंगाना में वे प्रकाश जावड़ेकर के सह चुनाव प्रभारी के तौर पर काम करते रहेंगे।