दिल्ली में उत्तराखंड की सियासत की जंग, राष्ट्रपति से मिली बीजेपी-कांग्रेस
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उत्तराखंड की सियासत को लेकर अब दिल्ली में जंग तेज हो गई है। प्रदेश के सियासी हालात व हरीश सरकार के अल्पमत में आने के बाद आज भाजपा व कांग्रेस बारी-बारी से राष्ट्रपति के दरबार में पहुंची।उत्तराखंड में कांग्रेस की हरीश सरकार के संकट को लेकर नेताओं की दिल्ली में दौड़ जारी है।
भाजपा नेताओं ने प्रदेश सरकार के हालात पर राष्ट्रपति से मुलाकात की। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रपति को मुलाकात कर राज्य के सियासी हालातों से अवगत कराया। भाजपा नेताओं ने कहा कि हरीश रावत सरकार अल्पमत है और बीजेपी राज्य में सरकार बना रही है। भाजपा ने बहुमत साबित करने का दावा किया।
भाजपा नेता विजय वर्गीय की अगुवाई में बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर बताया कि विधानसभा में बजट गिरने के बाद प्रदेश की कांग्रेस सरकार बहुमत खो चुकी है। कांग्रेस के नौ विधायकों ने सदन में बजट का विरोध करते हुए वोटिंग की मांग की।
लेकिन नियमों को दरकिनार करते हुए बजट पारित करा दिया गया। बताया कि इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई है। भाजपा नेता विजय वर्गीय ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से उत्तराखंड सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है।
कांग्रेस ने भी खटखटाया राष्ट्रपति का दरवाजा
भाजपा नेताओं की राष्ट्रपति से मुलाकात के ठीक बाद कांग्रेस ने भी राष्ट्रपति का दरवाजा खटखटाया। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ट नेता गुलामनबी आजाद की अगुवाई में कपिल सिब्बल, अंबिका सोनी, एके एंटनी ने राष्ट्रपति से मुलाकात की।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा उनके विधायकों को जबरन विधायकों की मर्जी के खिलाफ राज्यपाल के सामने पेश किया। कांग्रेस नेता गुलामनबी आजाद ने कहा कि भाजपा केंद्र सरकार की मदद से उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। वहीं कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मुख्यमंत्री हरीश रावत को 28 मार्च को विश्वास मत हासिल करने का समय देने की मांग की।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में कांग्रेस 9 विधाय प्रदेश की मौजूदा कांग्रेस सरकार से बागी हो गए हैं। बागी हुए नौ विधायक अब भाजपा के साथ खड़े हैं। विधायकों के बगावत के बाद कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई है। हालांकि उत्तराखंड के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को आगामी 28 तारीख को विश्वासमत साबित करने का समय दिया है।