भाजपा : अमित शाह का दावा- बंगाल में 200 से ज्यादा सीटें जीतेंगे, असम में वापसी के साथ सीटें बढ़ेंगी
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पांच राज्यों में हो रहे विधानसभ चुनाव में जीत को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पूरी तरह आश्वस्त हैं। मंगलवार को उन्होंने दावा किया कि बंगाल में भाजपा 200 से ज्यादा सीटें जीतेगी तो असम में सत्ता में वापसी के साथ ही पार्टी की सीटें बढ़ेंगी।
पीटीआई को दिए साक्षात्कार में भाजपा के वरिष्ठ नेता ने पश्चिम बंगाल में अपनी पार्टी की शानदार जीत का अनुमान जताया और कहा कि वहां लोग तृणमूल कांग्रेस के 'कुशासन' के कारण बदलाव चाहते हैं और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य के विकास के विजन को गले लगाएंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल में हम 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेंगे और असम में हमारी सीटों की संख्या बढ़ेगी।
असम में अजमल से भाजपा को लाभ
शाह ने कहा कि असम में बदरूद्दीन अजमल के नेतृत्व वाले एआईयूडीएफ के साथ कांग्रेस का गठबंधन राज्य में भाजपा की जीत का बड़ा कारण बनेगा। उन्होंने कहा कि अजमल से हाथ मिलाकर कांग्रेस घुसपैठ को नहीं रोक सकती है। शाह ने दावा किया कि भाजपा पश्चिम बंगाल में 294 सीटों में से 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगी वहीं असम में सीटों की संख्या बढ़ेगी।
विश्वास का आधार पूछने पर शाह ने कहा...
पश्चिम बंगाल चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत के विश्वास का आधार पूछने पर शाह ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद पार्टी ने अपनी स्थिति लगातार मजबूत की है जबकि तृणमूल कांग्रेस का जनाधार खिसका है और बड़ी संख्या में उसके नेता संगठन से अलग हुए हैं। उनमें से अधिकतर भाजपा में आ गए हैं।
उन्होंने कहा कि 2019 में हमने 42 लोकसभा सीटों में से 18 पर जीत दर्ज की और तीन सीट पर काफी कम अंतर से हारे। वह भी तब जब लोगों को हमारी जीत के बारे में संदेह था। अब उन्हें विश्वास है कि हम जीत सकते हैं। लोग बदलाव चाहते हैं और हम उनके साथ हैं।
बंगाल के लोगों ने मोदी के प्रति दिखाया प्रेम
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी भले ही मोदी को नहीं देखना चाहती हों और यह उनकी पसंद है लेकिन पश्चिम बंगाल के लोगों ने उनके प्रति अपना प्यार दिखाया है और काफी संख्या में उनकी रैलियों में शामिल हुए हैं।
भाजपा पर धार्मिक ध्रुवीकरण के बनर्जी के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि अगर लोगों के मुद्दे उठाना धार्मिक ध्रुवीकरण है तो उन्होंने यह 'नई परिभाषा' सुनी है। उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक बयान दे रहे हैं कि हर किसी को अपना त्योहार मनाना चाहिए। अगर कोई रमजान या क्रिसमस मनाता है तो हमें कोई ऐतराज नहीं है। लेकिन आप दुर्गापूजा और सरस्वती पूजा पर पाबंदियां नहीं लगा सकते हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं में कुछ उम्मीदवारों को लेकर नाराजगी है?
पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा कुछ उम्मीदवारों को लेकर नाराजगी जताने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि भाजपा उन्हें मनाएगी और कहा कि चुनाव पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा अनुशासित कार्यकर्ताओं की पार्टी है और लोग पार्टी के साथ हैं। असम चुनाव के बारे में शाह ने कहा कि एआईयूडीएफ अध्यक्ष अजमल के साथ गठबंधन के कारण कांग्रेस की पराजय होगी।
कांग्रेस ने ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के साथ गठबंधन किया है जिसके समर्थक मुख्य रूप से बंगाली बोलने वाले मुस्लिम हैं और भाजपा उस पर घुसपैठियों की रक्षा करने के आरोप लगाती है ताकि वह भाजपा विरोधी वोट को मजबूत कर सके।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और असम में उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा और आश्चर्य जताया कि वह किस तरह की 'धर्मनिरपेक्ष' पार्टी है जिसने केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के साथ, असम में अजमल के साथ और पश्चिम बंगाल में फुरफुरा शरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्दिकी की पार्टी के साथ गठबंधन किया है।
नागरिकता संशोधन कानून पर भी बोले शाह
असम में विवादास्पद नागरिकता संशोधन कानून को लागू नहीं करने के राहुल गांधी के बयान के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि वह राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लागू करेंगे या नहीं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बताना चाहिए कि एनआरसी पर उनकी क्या नीति है।
यह पूछने पर कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सीएए लागू करने की घोषणा की है, लेकिन पार्टी असम में यह मुद्दा नहीं उठा रही है, तो उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार इसके खिलाफ है, जिसके बाद पार्टी ने राज्य में कानून के समर्थन पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि सीएए देश के लिए कानून है।
शाह ने कहा कि राज्य में भाजपा नीत राजग सरकार ने घुसपैठ और उग्रवाद से मुक्ति के लिए काम किया है और अब वह बाढ़ के संकट का समाधान करने पर काम करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि गठबंधन की सीटों की संख्या में इजाफा होगा। गठबंधन ने 2016 के विधानसभा चुनावों में 126 में से 86 सीटों पर जीत दर्ज की थी।