{"_id":"6487ac3d3655f8b61b009ea5","slug":"bjp-alleges-bengal-rajasthan-bihar-and-punjab-governments-are-not-giving-rights-to-obc-2023-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"BJP: ओबीसी को हक नहीं दे रहीं बंगाल, राजस्थान, बिहार व पंजाब सरकारें, भाजपा ने लगाया भेदभाव करने का आरोप","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
BJP: ओबीसी को हक नहीं दे रहीं बंगाल, राजस्थान, बिहार व पंजाब सरकारें, भाजपा ने लगाया भेदभाव करने का आरोप
Tue, 13 Jun 2023 05:07 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Tue, 13 Jun 2023 05:07 AM IST
सार
इन राज्यों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, राजद और जदयू की सरकारें हैं। केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता भूपेंद्र यादव ने कहा कि जहां भी यह दल सत्ता में हैं, ओबीसी वर्ग से भेदभाव कर रहे हैं।
विज्ञापन
भाजपा (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा ने सोमवार को राजस्थान, बंगाल, बिहार, पंजाब की राज्य सरकारों पर हमला कर कहा कि वे ओबीसी को उनके वाजिब लाभ नहीं दे रही हैं। चारों राज्यों में ओबीसी वर्ग को संविधान के तहत मिले लाभ न देकर भेदभाव किया जा रहा है। कुछ जगह धर्म के आधार पर भी उनसे भेदभाव किया जा रहा है।
इन राज्यों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, राजद और जदयू की सरकारें हैं। केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता भूपेंद्र यादव ने कहा कि जहां भी यह दल सत्ता में हैं, ओबीसी वर्ग से भेदभाव कर रहे हैं। कांग्रेस ने कभी ओबीसी को उनके वाजिब हक नहीं दिए, उनके लिए आरक्षण का भी विरोध किया। वहीं भाजपा ने केंद्र में एनसीबीसी को सांविधानिक दर्जा दिलाया, सामाजिक न्याय के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) की ताजा रिपोर्ट के हवाले से कहा कि यह राज्य ओबीसी विद्यार्थियों की प्रगति को लेकर गंभीर नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि राजनीतिक रूप से ओबीसी वर्ग मजबूत माना जाता है, कई राज्यों में इसकी आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है। लोकसभा चुनाव 2024 करीब आने के साथ ही भाजपा व विपक्षी दलों ने इस वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर एक-दूसरे पर हमले तेज कर दिए हैं। कई विपक्षी दल भाजपा पर जातिगत जनगणना करवाने का दबाव डाल रहे हैं ताकि ओबीसी वर्गों को उनका वाजिब हिस्सा मिल सके।
पश्चिम बंगाल
भूपेंद्र यादव ने बताया कि यहां सरकार ओबीसी की कीमत पर मुसलमानों का पक्ष ले रही है। आयोग की रिपोर्ट कहती है कि राज्य में साल 2011 में ओबीसी वर्ग की सूची में मुसलमानों की 108 जातियां थीं, उसी वर्ष सत्ता में आई तृणमूल कांग्रेस ने यह संख्या बढ़ाकर 179 पहुंचा दी। धार्मिक आधार पर ओबीसी वर्ग से ऐसा भेदभाव कभी नहीं सुना गया।
विज्ञापन
राजस्थान
आयोग के अनुसार ओबीसी आरक्षण बेहद कम है और पात्र होने पर भी हजारों अभ्यर्थियों को गैर-क्रीमी लेयर के प्रमाण पत्र भी नहीं मिल रहे। आयोग ने राज्य सरकार को लिखा कि किसी ओबीसी अभ्यर्थी को क्रीमी लेयर में रखने के लिए कृषि आय को न गिनें।
बिहार
यहां भी कृषि आय की गणना क्रीमी लेयर तय करने में हो रही है, जो नियमों के खिलाफ है।
पंजाब
यहां ओबीसी को महज 12 फीसदी आरक्षण मिल रहा है, जबकि 27 फीसदी आरक्षण सांविधानिक अधिकार के तहत मिलना चाहिए।
विज्ञापन
इन राज्यों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, राजद और जदयू की सरकारें हैं। केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता भूपेंद्र यादव ने कहा कि जहां भी यह दल सत्ता में हैं, ओबीसी वर्ग से भेदभाव कर रहे हैं। कांग्रेस ने कभी ओबीसी को उनके वाजिब हक नहीं दिए, उनके लिए आरक्षण का भी विरोध किया। वहीं भाजपा ने केंद्र में एनसीबीसी को सांविधानिक दर्जा दिलाया, सामाजिक न्याय के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) की ताजा रिपोर्ट के हवाले से कहा कि यह राज्य ओबीसी विद्यार्थियों की प्रगति को लेकर गंभीर नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि राजनीतिक रूप से ओबीसी वर्ग मजबूत माना जाता है, कई राज्यों में इसकी आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है। लोकसभा चुनाव 2024 करीब आने के साथ ही भाजपा व विपक्षी दलों ने इस वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर एक-दूसरे पर हमले तेज कर दिए हैं। कई विपक्षी दल भाजपा पर जातिगत जनगणना करवाने का दबाव डाल रहे हैं ताकि ओबीसी वर्गों को उनका वाजिब हिस्सा मिल सके।
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल
भूपेंद्र यादव ने बताया कि यहां सरकार ओबीसी की कीमत पर मुसलमानों का पक्ष ले रही है। आयोग की रिपोर्ट कहती है कि राज्य में साल 2011 में ओबीसी वर्ग की सूची में मुसलमानों की 108 जातियां थीं, उसी वर्ष सत्ता में आई तृणमूल कांग्रेस ने यह संख्या बढ़ाकर 179 पहुंचा दी। धार्मिक आधार पर ओबीसी वर्ग से ऐसा भेदभाव कभी नहीं सुना गया।
विज्ञापन
राजस्थान
आयोग के अनुसार ओबीसी आरक्षण बेहद कम है और पात्र होने पर भी हजारों अभ्यर्थियों को गैर-क्रीमी लेयर के प्रमाण पत्र भी नहीं मिल रहे। आयोग ने राज्य सरकार को लिखा कि किसी ओबीसी अभ्यर्थी को क्रीमी लेयर में रखने के लिए कृषि आय को न गिनें।
बिहार
यहां भी कृषि आय की गणना क्रीमी लेयर तय करने में हो रही है, जो नियमों के खिलाफ है।
पंजाब
यहां ओबीसी को महज 12 फीसदी आरक्षण मिल रहा है, जबकि 27 फीसदी आरक्षण सांविधानिक अधिकार के तहत मिलना चाहिए।