झारखंड: भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने स्वामी अग्निवेश को पीटा, कपड़े फाडे़
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सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश की कथित तौर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पिटाई कर दी है। उन्होंने स्वामी अग्निवेश के कपड़े भी फाड़ दिए। स्वामी अग्निवेश मंगलवार को लिट्टीपारा में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए झारखंड के पाकुड़ पहुंचे थे।
अग्निवेश ने बताया कि कार्यक्रम स्थल से बाहर आते ही युवा मोर्चा और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। उन्होंने अग्निवेश पर हिंदुओं के खिलाफ बोलने का आरोप लगाया। अग्निवेश ने कहा, ‘मुझे लगता था कि झारखंड शांतिपूर्ण राज्य है, लेकिन इस घटना के बाद मेरे विचार बदल गए हैं।’
घटना के सामने आए वीडियो में भीड़ अग्निवेश और उनके समर्थकों को पीटते हुए दिख रही है। पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र प्रसाद बरनवाल ने कहा कि जिले में अग्निवेश के कार्यक्रम की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। पाकुड़ के उपमंडलीय पुलिस अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुछ समय पहले सनातन धर्म को लेकर दिए अग्निवेश के बयान से कुछ संगठन नाराज हो गए थे। इसके बाद अग्निवेश के रांची दौरे को लेकर भाजयुमो कार्यकर्ता विरोध कर रहे थे। यह घटना तब हुई है जब सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ही देश भर में हो रही भीड़ की हिंसा की निंदा की है।
सीएम रघुबर दास ने दिए जांच के आदेश
झारखंड के पाकुर में भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से स्वामी अग्निवेश की पिटाई के मामले में मुख्यमंत्री रघुबर दास ने जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गृह सचिव को पाकुड़ में स्वामी अग्निवेश के साथ हुई मारपीट की जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार संथालपरगना के आयुक्त और डीआईजी मामले की जांच करेंगे।
Swami Agnivesh thrashed, allegedly by BJP Yuva Morcha workers in Jharkhand's Pakur: CM Raghubar Das has ordered a probe into the matter.
— ANI (@ANI) July 17, 2018
2011 में भी पीटे गए थे स्वामी अग्निवेश
गौरतलब है कि इससे पहले मई, 2011 में गुजरात के अहमदाबाद में एक जनसभा के दौरान स्वामी अग्निवेश के साथ एक संत ने अभद्रता की। जनसभा के दौरान संत ने स्वामी अग्निवेश को थप्पड़ मारा। संत की पहचान महंत नित्यानंद दास के रूप में हुई थी।
अमरनाथ में शिवलिंग के बारे में अग्निवेश द्वारा हाल ही में दिए गए बयान से संत नाराज था। उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था। संत अमरनाथ शिवलिंग के बारे में अग्निवेश द्वारा दिए गए बयान से नाराज था।
अग्निवेश ने कहा था कि अमरनाथ शिवलिंग का निर्माण कृत्रिम बर्फ से किया गया है। इसके बाद संत ने अग्निवेश पर जूता चलाने वाले को 51,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की थी। नित्यानंद नादिआद के पास एक मंदिर में महंत है। अग्निवेश सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के साथ एक जनसभा में भाग लेने के लिए यहां आए थे। इस सभा में नित्यानंद भी पहुंचा था।