भारत को कुपोषण से मुक्त देखना चाहते हैं बिल गेट्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माइक्रोसॉफ्ट के प्रवर्तक बिल गेट्स चाहते हैं कि भारत को कुपोषण की समस्या से जल्द राहत मिले। वह इसके लिए भारत में बेहतर काम करने के इच्छुक दिखे। उनका मानना है कि यदि उन्हें भारत में किसी स्वास्थ्य संबंधी मामले को हल करने का अधिकार मिले तो यहां कुपोषण का खात्मा उनका मिशन होगा।
उन्होंने देश को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी सिस्टम बनाने पर जोर दिया। वह बिल व मेलिन्डा गेट्स फाउंडेशन के उपाध्यक्ष भी हैं।
उन्होंने भारत में स्वास्थ्य मामलों पर कहा कि यदि मैं भारत में कुपोषण संकट को हल करने की दिशा में काम करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि यहां कुछ राज्यों ने इस पर काफी अच्छा काम किया है लेकिन कुछ इलाके ऐसे हैं जहां कुपोषण अपवाद नहीं, सामान्य बात है।
भारत में अविकसित बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा
माना जाता है कि दुनिया के भीतर भारत में अविकसित बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि यदि इसका निराकरण नहीं किया गया तो कुपोषण के शिकार बच्चे भारतीय अर्थव्यवस्था पर 2030 तक आश्चर्यजनक रूप से 46 अरब डॉलर का भार बढ़ाएंगे।
भारत में पांच साल की उम्र वाले करीब 4 करोड़ 40 लाख बच्चे अविकसित हैं। यानी देश के हर 10 बच्चों में से करीब 4 बच्चे अविकसित हैं। बिल गेट्स ने कहा कि भारत को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए तथा एक ऐसा तकनीकी सिस्टम बनाना चाहिए जिससे देश वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सके।
उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व की निगाहें भारत पर हैं कि वह कैसे इनोवेशन के क्षेत्र में चुनौतियों का सामना करता है। गेट्स ने यह बातें नई दिल्ली में नीति आयोग द्वारा आयोजित ट्रांस्फार्मिंग इंडिया के संवाद की दूसरी श्रंखला में कहीं। उन्होंने भारत सरकार की स्टार्ट अप इंडिया और स्वच्छ भारत अभियान की भी सराहना की।