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बिलकिस बानो मामला: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रिश्तेदारों-गवाहों ने जताई खुशी, राहुल गांधी बोले- न्याय की जीत

Mon, 08 Jan 2024 03:46 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दाहोद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दाहोद Published by: आदर्श शर्मा Updated Mon, 08 Jan 2024 03:46 PM IST
सार

बिलकिस बानो मामले में 11 दोषियों की सजा माफ करने वाले गुजरात सरकार के फैसले को  सुप्रीम कोर्ट ने रद्द करते हुए दोषियों को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं। 

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Bilkis Bano case: Witness welcomes supreme Court verdict, relatives burst firecrackers in Gujarat town
बिलकिस बानो मामले पर फैसला - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गुजरात सरकार द्वारा बिलकिस बानो मामले में 11 दोषियों की सजा में छूट देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया हैं। मामले में एक गवाह ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बानो को वास्तव में आज न्याय मिला है। मैं इस मामले में गवाहों में से एक हूं। इन 11 दोषियों को महाराष्ट्र की एक अदालत ने सजा सुनाई थी। गुजरात सरकार का उन्हें रिहा करने का फैसला गलत था, इसलिए हमने इसे अदालत में चुनौती दी थी। फैसले के बाद दाहोद जिले के देवगढ़ बारिया में बिलकिस बानो के रिश्तेदारों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खुशी जाहिर करते हुए जमकर आतिशबाजी की हैं। 
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वास्तव में आज मिला पूर्ण न्याय-अब्दुल रजाक
देवगढ़ बारिया शहर के रहने वाले मामले के गवाहों में से एक अब्दुल रजाक मंसूरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार के फैसले को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने दोषियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा हैं। मुझे लगता है कि आज हमें न्याय मिला हैं। गौरतलब है कि गोधरा में 2002 में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान बिलकिस बानो 21 साल की थीं औ पांच माह की गर्भवती भी थी। उस दौरान आरोपियों द्वारा उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इस दौरान आरोपियों ने उनकी तीन साल की बेटी और परिवार के सात लोगों की हत्या कर दी गई थी। 
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सुप्रीम कोर्ट ने पलटा गुजरात सरकार का फैसला
दरअसल, गुजरात सरकार ने 11 दोषियों को सजा में छूट देकर 15 अगस्त 2022 को रिहा कर दिया था। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सजा में दी गई छूट को सोमवार को रद्द कर दिया और दोषियों को दो सप्ताह के भीतर जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि गुजरात सरकार को छूट का आदेश पारित करने का अधिकार नहीं था।
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राहुल गांधी बोले- फैसले ने बताया कौन देता है अपराधियों को पनाह
इसी बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने एक बार फिर दिखा दिया कि अपराधियों को पनाह कौन देता हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बिलकिस बानो का अथक संघर्ष अहंकारी भाजपा सरकार के खिलाफ न्याय की जीत का प्रतीक है। चुनावी लाभ के लिए न्याय की हत्या करने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक हैं। 
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