फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bilkis Bano case: No SC relief, kin of one convict says he will surrender on Sunday

Bilkis Bano Case: 'वह कल शाम को आत्मसमर्पण करेगा...', शीर्ष अदालत की तय समयसीमा पर बोले एक दोषी के परिजन

Sat, 20 Jan 2024 10:11 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 20 Jan 2024 10:11 PM IST
सार

Bilkis Bano Case: बिलकिस बानो मामले के सभी 11 दोषियों को कल यानी रविवार को जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करना होगा। शीर्ष अदालत ने आत्मसमर्पण करने की समयसीमा को बढ़ाने से इनकार कर दिया था। 

विज्ञापन
Bilkis Bano case: No SC relief, kin of one convict says he will surrender on Sunday
बिलकिस बानो मामला। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बिलकिस बानो मामले के ग्यारह दोषियों में से एक के परिजनों ने कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय की तय समयसीमा के भीतर 21 जनवरी की शाम को आत्मसमर्पण करेगा। शीर्ष अदालत ने मामले में शुक्रवार को दोषियों को राहत देने से इनकार कर दिया था और उनकी आत्मसमर्पण की समयसीमा को बढ़ाने की मांग को खारिज कर दिया था। इन दोषियों ने गुजरात दंगों के दौरान बानो से सामूहिक दुष्कर्म किया था और उनके परिवार के सात सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया था।

विज्ञापन

दाहोद के सिंगवाड़ और रंधिकपुर गावों के रहने वाले इन दोषियों को रविवार को पंचमहल जिले के गोधरा उप कारागार में आत्मसमर्पण करना है। दोषियों में से एक शैलेष भट्ट के एक रिश्तेदार ने बताया कि वह रविवार शाम गोधरा जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करेगा। उच्चतम न्यायालय ने आठ जनवरी को इस बहुचर्चित मामले में दोषियों को गुजरात सरकार से मिली माफी रद्द कर दी थी। इसके साथ शीर्ष अदालत ने सत्ता पाने के लिए एक दोषी के साथ 'मिलीभगत' के लिए राज्य सरकार को फटकार लगाई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

गुजरात सरकार ने अपनी माफी नीति के तहत दोषियों के आवेदन को स्वीकार कर लिया था। जिसके बाद दोषियों को 2022 के स्वतंत्रता दिवस के दिन समय से पहले रिहा कर दिया गया था। सर्वोच्च न्यायालय ने आठ जनवरी को दोषियों को माफी देने के गुजरात सरकार के फैसले को रद्द किया था और आदेश दिया था कि इन सभी दो हफ्ते के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए। बाद में दोषियों ने खराब स्वास्थ्य, बेटे की शादी और फसल की कटाई आदि का हवाला देते हुए आत्मसमर्पण के लिए और समय की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में आवेदन दाखिल किए थे। अदालत ने इन आवेदनों को खारिज किया और कहा कि दोषियों ने जो कारण बताए हैं उनमें कोई दम नहीं है। 

विज्ञापन

दोषी बाकाभाई वोहानिया, बिपिन चंद्र जोशी, केसरभाई वोहानिया, गोविंद नाई, जसवंत नाई, मितेश भट्ट, प्रदीप मोरधिया, राधेश्याम शाह, राजूभाई सोनी, रमेश चंदना और शैलेश भट्ट अगस्त 2022 में अपनी रिहाई से पहले 14 साल तक जेल में रहे। राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली बानो की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने माफी के आदेश को रद्द किया और कहा कि गुजरात सरकार के पास दोषियों को समय से पहले रिहा करने का कोई अधिकार नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed