Bihar SIR: चिदंबरम ने अंतिम मतदाता सूची पर EC से पूछा- क्या एसआईआर के बाद भी 5.2 लाख डुप्लिकेट प्रविष्टियां?
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित हो चुकी है। अब नवंबर में चुनाव कराए जाएंगे। इसी बीच चुनाव आयोग से सवाल पूछे जाने का सिलसिला जारी है। ताजा घटनाक्रम में कांग्रेस नेता और पूर्व गृह और वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम ने निर्वाचन आयोग से वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट एंट्री को लेकर सवाल किए हैं। चिदंबरम ने आयोग से और क्या सवाल पूछे? जानिए इस खबर में
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विस्तार
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग (ECI) से कई सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूछा है कि बिहार की वयस्क आबादी का कितना हिस्सा अंतिम मतदाता सूची में शामिल है? उन्होंने यह भी पूछा है कि क्या एसआईआर के बाद प्रकाशित सूची में लगभग 5.2 लाख मतदाताओं के नाम डुप्लीकेट हैं?
पारदर्शिता के हित में इन सवालों के जवाब मिलने ही चाहिए
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की सरकार में गृह मंत्री रहे चिदंबरम ने बृहस्पतिवार को कहा, वे चुनाव आयोग पर किसी प्रकार के गलत आचरण का आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन बिहार और पूरे देश के लोगों को पारदर्शिता के हित में इन सवालों के जवाब मिलने ही चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर बिहार में कराए गए एसआईआर को लेकर सवाल किया।
बिहार के कितने प्रतिशत लोग मतदाता सूची में शामिल हैं?
चिदंबरम में अपने एक्स हैंडल पर लिखा, 'भारत सरकार के अनुसार बिहार की वयस्क आबादी का अनुमान क्या है? उनमें से कितने प्रतिशत लोग मतदाता सूची में शामिल हैं? क्या यह संख्या 90.7 प्रतिशत है? शेष 9.3 प्रतिशत वयस्क आबादी सूची से बाहर क्यों है?'
पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करे चुनाव आयोग
अपने एक्स हैंडल पर चिदंबरम में कुल सात सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूछा कि मतदाता सूची में कितने नाम गलत या अस्पष्ट हैं? क्या यह संख्या लगभग 24,000 है? कितने मकान नंबर खाली या अमान्य हैं? क्या यह दो लाख से अधिक हैं? साथ ही, उन्होंने यह भी पूछा कि मतदाता सूची में कितने नाम दोहराए गए हैं- क्या यह संख्या लगभग 5.2 लाख है? पूर्व केंद्रीय मंत्री ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता और निष्पक्षता का हवाला देते हुए कहा कि देश हित में इन सवालों के उत्तर देने ही होंगे।
कांग्रेस ने बिहार में मतदाता सूची संशोधन पर कई आपत्तियां दर्ज कराईं
गौरतलब है कि मतदाता सूची को लेकर यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब कांग्रेस ने बिहार में मतदाता सूची संशोधन पर कई आपत्तियां दर्ज कराई हैं। कांग्रेस ने विशेषज्ञों की एक समिति भी बनाई है। एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप ऑफ लीडर्स एंड एक्सपर्ट्स (Empowered Action Group of Leaders and Experts (EAGLE) ने इस संबंध में कहा है कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण 'जवाबों से अधिक सवाल' खड़े करता है।
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पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर नहीं रहेगा
विशेषज्ञों के मुताबिक कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर सत्तारूढ़ दल- भाजपा से प्रभावित होकर काम करने का आरोप लगाया है। हालांकि आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। आयोग ने आश्वस्त किया है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर नहीं रहेगा और कोई अयोग्य व्यक्ति सूची में नहीं रहेगा।
मनीष तिवारी ने कहा- स्पष्टीकरण दे सकते हैं चिदंबरम
कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम की टिप्पणी पर कांग्रेस के ही एक अन्य सांसद मनीष तिवारी ने कहा, चिदंबरम चाहें तो अपने बयान पर स्पष्टीकरण दे सकते हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि अगर आप उस समय विदेश सचिव रहे शिवशंकर मेनन की किताब या तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन के लेख पढ़ें, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि भारत ने रणनीतिक कार्रवाई के विकल्प को बहुत गंभीरता से लिया था। तत्कालीन सरकार ने जानबूझकर यह सुनिश्चित किया कि वह कूटनीतिक दबाव डालकर पाकिस्तान को दुनिया की मुख्यधारा से अलग-थलग कर दे।
#WATCH | Delhi: On Congress leader and former Home Minister P Chidambaram's remarks, Congress MP Manish Tewari says, "Mr Chidambaram can offer his own clarification on his statement if he wishes. But the reality is that if you read the book of Shivshankar Menon, who was Foreign… pic.twitter.com/0iOTJ3p9vS
— ANI (@ANI) October 9, 2025
दबाव में राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी फैसले लेने की बात गलत
उन्होंने कहा, 'यह कहना कि कोई भी सरकार, खासकर यूपीए सरकार और डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार, दबाव में राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी फैसले लेती है, पूरी तरह से गलत है।' मनीष तिवारी ने कहा कि शिवशंकर मेनन की किताब, 'चॉइसेस', निर्णय लेने की पूरी प्रक्रिया का विस्तार से विश्लेषण करती है। उन्होंने कहा, 'जैसा कि मैंने पहले उल्लेख किया है, राष्ट्रीय सुरक्षा और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से जुड़ी राजनीतिक 'वह-वह' वाली बातें एकता, राष्ट्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संकल्प को कमजोर करती हैं।'
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चुनाव आयोग ने एसआईआर को सफल बताया, अंतिम सूची पर अब भी कई सवाल
गौरतलब है कि बिहार में मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस प्रक्रिया को सफल बताया था। गत सोमवार यानी छह अक्तूबर को प्रेस वार्ता के दौरान सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया था कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर दो चरणों में मतदान कराए जाएंगे। पहले चरण में छह नवंबर और दूसरे चरण में 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। चुनाव नतीजों की घोषणा 14 नवंबर को होगी। एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7.23 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। इस पर सवाल खड़े करने वाले लोगों का कहना है कि जनसंख्या और वयस्क आबादी की तुलना में मतदाता सूची में शामिल नाम काफी कम हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे योगेंद्र यादव का दावा है कि एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अभी भी कई मतदाताओं के नाम ऐसे हैं जो डुप्लीकेट हैं। घुसपैठिए के मुद्दे पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।