Bihar Election: मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग पहुंचे ओवैसी, कहा- प्रक्रिया के लिए और समय दिया जाए
चुनाव आयोग ने 24 जून को बिहार में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कराने के निर्देश दिए थे। इसे लेकर खूब सियासत हो रही है। सियासी दल चुनाव आयोग की प्रक्रिया के खिलाफ हैं। इस मुद्दे को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी चुनाव आयोग पहुंचे।
विस्तार
#WATCH | Delhi | "...Even if 15-20% of people are missed from the list, they will also lose their citizenship... We are not against Special Intensive Revision (SIR), but time must be given, " says AIMIM chief Asaduddin Owaisi after visiting the office of Election Commission on… https://t.co/k19XKX4sgv pic.twitter.com/87ihUSoVyR
— ANI (@ANI) July 7, 2025विज्ञापन
एआईएमआईएम के प्रमुख अगर 15-20 फीसदी लोगों के नाम मतदाता सूची से छूट भी गए, तो वे अपनी नागरिकता भी खो देंगे। अगर किसी का नाम हटा दिया जाएगा, तो वह व्यक्ति न केवल अपना वोट खो देगा, बल्कि यह उसकी आजीविका का भी मुद्दा है। हमारा एकमात्र मुद्दा यह है कि चुनाव आयोग इतने कम समय में इस तरह की कवायद को कैसे लागू कर सकता है? लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ेगा और हमने व्यावहारिक कठिनाइयों को उजागर करते हुए इन मुद्दों को चुनाव आयोग के सामने रखा है।
बिहार में एमआईएमआईएम के राज्य प्रमुख और विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि हमने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि पुनरीक्षण की तिथि बढ़ा दी जाए या रोक लगा दी जाए क्योंकि राज्य में कई लोगों के पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं हैं, कई प्रवासी मजदूर हैं और मानसून का मौसम भी है। राज्य में केवल 2% आबादी के पास पासपोर्ट है और स्नातकों की संख्या 14% है। गरीब लोगों के पास कोई दस्तावेज नहीं है। बाढ़ के दौरान कई लोगों ने अपने दस्तावेज और सामान खो दिए हैं। डर है कि लोग वोट नहीं कर पाएंगे।
मतदाता सूची संशोधन पर विपक्षी दलों की चुनाव आयोग के साथ बैठक टली; नाम कटने की आंशकाओं पर EC की दो टूक
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, 10 जुलाई को सुनवाई
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई पर सहमति जताई। सुप्रीम कोर्ट याचिकाओं पर 10 जुलाई को सुनवाई करेगा। मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में राजद सांसद मनोज झा, एडीआर और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने याचिका दायर की है।
ये भी पढ़ें: चुनाव आयोग ने फिर किया आगाह बहकावे में न आएं मतदाता, कहा- निर्देशों को पढ़े बिना ही कुछ दल कर रहे भ्रमित
चुनाव आयोग ने 24 जून को बिहार में एसआईआर करने के निर्देश जारी किए थे, जिसका उद्देश्य अपात्र नामों को हटाना और यह सुनिश्चित करना था कि केवल पात्र नागरिक ही मतदाता सूची में शामिल हों। आयोग ने कहा कि तेजी से बढ़ती शहरीकरण, प्रवासन, युवा मतदाता बनने, मौत की सूचनाएं न मिलने और विदेशी अवैध प्रवासियों के नाम जुड़ने जैसे कारणों से यह पुनरीक्षण जरूरी हो गया है। इस प्रक्रिया में बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर नामों की जांच करेंगे। बिहार में इस साल के अंत में चुनाव होने हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.