Seat ka samikaran: राजनगर में अब तक हुए सात चुनाव, तीन बार कांग्रेस, दो बार राजद और दो बार भाजपा को जीत
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज राजनगर विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट पर 2020 में भजपा के डॉ. रामप्रीत पासवान को जीत मिली थी।
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बिहार में चुनावों की तारीखों का एलान हो गया है। इस बार राज्य में दो चरण में 6 और 11 नवंबर को चुनाव होगें। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। आयोग द्वारा जारी आकड़ों के अनुसार इस बार कुल 7.4 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं। बिहार की गद्दी इस बार किसको मिलेगी, यह तो नतीजों के बाद ही पता चलेगा, लेकिन इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज राजनगर विधानसभा सीट की बात करेंगे।
पहले जानते हैं राजनगर सीट के बारे में
बिहार के 38 जिलों में से एक मधुबनी जिला भी है। यह जिला 5 अनुमंडल और 21 ब्लाक में विभाजित है। मधुबनी जिले में कुल 10 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें हरलाखी, बेनीपट्टी, खजौली, बाबूबरही, बिस्फी, मधुबनी, राजनगर, झंझारपुर, फुलपरास और लौकहा विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। आज बात राजनगर विधानसभा सीट की करेंगे। इस सीट पर 1967 में पहली बार चुनाव हुए थे। इसके बार 1977 से 2008 तक यह सीट अस्तित्व में नहीं थी।
पहले जानते है 1977 से पहले हुए चुनावों के बारे में
1977 जब से इस सीट का अस्तित्व खत्म हुआ था, उससे पहले यहां तीन बार चुनाव हुए थे। इन तीनों चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी। 1967 में पहली बार चुनाव हुए थे तब यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। तब यहां कांग्रेस के आर. महतो को जीत मिली थी। उन्होंने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के एस.आर. महतो को 7280 वोट से हरा दिया था।
1969 के चुनाव में भी कांग्रेस को जीत मिली थी। लेकिन उम्मीदवार बदल गया था। कांग्रेस के बिलाट पासवान ने लोकतांत्रिक कांग्रेस के राम कृष्ण महतो को 1843 वोट से हरा दिया।
1972 के चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस के बिलाट पासवान को जीत मिली। उन्होंने सोशलिस्ट पार्टी के बिलातु राम को 13419 वोट से हरा दिया था।
1972 का चुनाव इस सीट पर आखिरी चुनाव था इसके बाद सीट निष्क्रिय हो गई। लेकिन 2008 में परिसीमन के बाद ये सीट फिर से अस्तित्व में आई।
2010 में राजद को जीत
सीट के अस्तित्व में आने के बाद फिर 2010 में पहली बार चुनाव हुए। तब सीट पर राजद ने कब्जा किया। राजद के रामलखन राम रमण ने भाजपा के रामप्रित पासवान को 2,459 वोट से हरा दिया था।

2014 में हुआ उपचुनाव
रामनगर सीट पर मौजूदा विधायक के इस्तीफा देने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। 2014 में इस सीट पर उपचुनाव कराए गए। इस चुनाव में एक बार फिर राजद के उम्मीदवार को जीत मिली थी। राजद के रामावतार पासवान ने भाजपा के रामप्रीत पासवान को 3,448 वोट से हरा दिया।
2015 में भाजपा को जीत
2015 में पिछले बार के नतीजे पूरी तरह के बदल गए थे। इस चुनाव में भाजपा के राम प्रीत पासवान ने राजद के रामावतार पासवान को 6242 वोट से हरा दिया था।

2020 में एक बार फिर रामनगर सीट पर भाजपा को ही जीत मिली। इस बार भाजपा के डॉ. रामप्रीत पासवान ने राजद के रामावतार पासवान को एक बार फिर हरा दिया। इस बार भाजपा उम्मीदवार ने राजद उम्मीदवार को 19,121 वोट से हराया था।