Seat Ka Samikaran: राजद और भाजपा के बीच गुरुआ में रहता है कांटे का मुकाबला; ऐसा है इस सीट का चुनावी इतिहास
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात गुरुआ सीट की करेंगे। इस सीट पर मौजूदा समय में राजद के विनय यादव विधायक हैं।
विस्तार
बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावी तारीखों के एलान से पहले ही सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सीट बंटवारे को लेकर दोनों बड़े गठबंधनों में खींचतान जारी है। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज गया जिले की गुरुआ विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट से मौजूदा समय में राजद के विनय यादव विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलें में से एक जिला गया जी भी है। गया जी जिला चार अनुमंडल और 24 ब्लॉक में बंटा है। जिले में 10 विधानसभा सीट हैं। इनमें गुरुआ, शेरघाटी, इमामगंज (एससी), बाराचट्टी (एससी), बोधगया (एससी) ,गया टाउन, टिकारी, बेलागंज, अतरी, वजीरगंज शामिल हैं। आज सीट का समीकरण में गुरुआ सीट की बात करेंगे। यह सीट पहली बार 1977 में अस्तित्व में आई।
1977: जनता दल को मिली जीत
1977 के चुनाव में जनता दल के उपेंद्र नाथ वर्मा को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के शाहजहां को 3,315 वोट से मात दी। उपेंद्र नाथ को कुल 17,548 वोट मिले। वहीं, शाहजहां को 14,233 वोट से संतोष करना पड़ा। उपेंद्र नाथ वर्मा 1990 में लालू प्रसाद यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। इसके साथ ही 15 वर्षों तक विभिन्न विभागों का दायित्व संभाला। बाद में उन्होंने राजद छोड़कर जदयू जॉइन किया।

1980: कांग्रेस को मिली जीत
- पिछले चुनाव में हार का सामना कर चुके कांग्रेस (आई) के शाहजहां को 1980 के चुनाव में जीत मिली। इस चुनाव में उन्होंने जनता पार्टी के शंकर दयाल सिंंह को 3,103 वोट से हराया। शाहजहां को कुल 22,758 वोट मिले। वहीं, शंकर दयाल सिंह को 19,655 वोट मिले।
- 1985 के चुनाव कांग्रेस के एमडी खान अली को जीत मिली। उन्होंने लोकदल के रामचंद्र सिंह को 8,771 वोट से हराया। एमडी खान को कुल 36,439 वोट मिले। वहीं रामचंद्र सिंह को 27,668 मिले।
1990: निर्दलीय उम्मीदवार को मिली जीत
- 1990 के चुनाव में गुरुआ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार रामधर सिंह को जीत मिली। उन्होंने भाजपा के कौशलेंद्र कुमार सिंह को 6,022 वोट से हराया। रामधर सिंह को 36,137 वोट मिले। वहीं कौशलेंद्र सिंह को 30,115 वोट मिले।
- 1995 के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार रामचंद्र सिंह को 13,560 जीत मिली। वहीं, जनता दल के मसरूर आलम दूसरे नंबर पर रहे। रामचंद्र सिंह को कुल 31,904 वोट मिले। वहीं मसरूर आलम को 18,344 वोट मिले।
2000: राजद को मिली जीत
- 2000 के चुनाव में राजद के शकील अहमद खान को जीत मिली। उन्होंने 2005 के फरवरी और अक्तूबर में भी जीत हासिल की। 2000 के चुनाव में शकील ने बीपीएसपी के अमरेंद्र कुमार सिंह को 21,583 वोट से हराया।। शकील अहमद को कुल 44,249 वोट मिले। वहीं, अमरेंद्र सिंह को 22,711 वोट मिले।
- फरवरी 2005 में राजद के शकील अहमद ने लोजपा के वीर भद्र यशराज को 14,993 वोट से हराया। शकील अहमद को कुल 48,966 वोट मिले। वहीं, वीर भ्रद को 33,972 वोट मिले।
- अक्तूबर 2005 के चुनाव में राजद के शकील अहमद ने भाजपा के वीर भद्र यशराज को 1,580 वोट से हराया। शकील अहमद को कुल 27,777 वोट मिले। वहीं, वीर भ्रद को 26,197 वोट मिले।
2010: भाजपा को मिली जीत
- 2010 के चुनाव में गुरुआ सीट से भाजपा को पहली जीत मिली। भाजपा के सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा ने राजद के बिंदेश्वरी प्रसाद यादव 11,436 वोट से हराया। सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा को 46,767 वोट मिले। वहीं बिंदेश्वरी प्रसाद को 35,331 वोट मिले।
- 2015 के चुनाव में भाजपा को गुरुआ सीट से दूसरी जीत मिली। इस बार भाजपा के राजीव नंदन ने जदयू के रामचंद्र प्रसाद सिंह को 6,515 वोट से हराया। राजीव नंदन को कुल 56,480 वोट मिले। वहीं, रामचंद्र को कुल 49,965 वोट मिले।
2020: राजद की वापसी
2020 के चुनाव में राजद के विनय कुमार को जीत मिली। वहीं तत्कालीन विधायक राजीव नंदन दूसरे नंबर पर रहे। विनय कुमार को कुल 70,761 और राजीव नंदन को 64,162 वोट मिले।
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