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UPPSC: ऐसे हुआ था उत्तर प्रदेश में RO/ARO परीक्षा का पेपर लीक, रिसॉर्ट्स में ठहरे आवेदक, यूं हुई काली कमाई

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Tue, 19 Nov 2024 05:58 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) आरओ/एआरओ परीक्षा पेपर लीक मामले में ईडी के हाथ बड़ी सफलता लगी है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में दो मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। 

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Big revelation in RO/ARO exam paper leak case in Uttar Pradesh, Ed arrested two masterminds
पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), लखनऊ ने उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) आरओ/एआरओ परीक्षा पेपर लीक मामले के दो मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम रवि अत्री और सुभाष प्रकाश हैं। यह कार्रवाई, ईडी के विशेष न्यायालय (पीएमएलए), लखनऊ, के आदेश के बाद हुई है। दोनों आरोपियों ने शातिर तरीके से पेपर लीक के काम को अंजाम दिया। जिन युवाओं को परीक्षा होने से पहले ही पेपर मुहैया कराया गया, उन्हें हरियाणा और मध्यप्रदेश के रिसॉर्ट्स में ठहराया गया था। उसके बाद काली कमाई का खेल चला। आरोपियों के बैंक खातों में धन जमा होता चला गया। नकदी के अलावा आरोपियों के पास भूखंड व अपार्टमेंट भी मिलने लगे। 

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ईडी कर रही थी जांच
ईडी ने आईपीसी, 1860, उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 1998 की विभिन्न धाराओं के तहत यूपी पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर पेपर लीक मामले की जांच शुरू की थी। इसमें यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक और यूपीपीएससी के आरओ/एआरओ परीक्षा पेपर लीक, दोनों मामले शामिल थे। ईडी की जांच में पता चला है कि आरोपी रवि अत्री और सुभाष प्रकाश ने अपने सहयोगियों की मदद से यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2023 और आरओ/एआरओ परीक्षा-2023 के प्रश्न पत्र लीक किए थे। उन्होंने निर्धारित तिथि से पहले ही परीक्षा के इच्छुक उम्मीदवारों को लीक हुए प्रश्न पत्र उपलब्ध करा दिए। इसके बाद उनके खातों में नकदी जमा होने लगी। दोनों ने अपराध से आय अर्जित की। 
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जांच में हुआ खुलासा
जांच में पता चला है कि इन दोनों आरोपियों के संपर्क में अनेक उम्मीदवार थे। यूपी पुलिस को भनक न लगे, इसके लिए उन्होंने परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को हरियाणा और मध्यप्रदेश में बुलाया। इसके लिए दोनों राज्यों में रिसॉर्ट्स बुक कराए गए थे। वहां पर आवेदकों के लिए परीक्षा से संबंधित सुविधाएं मुहैया कराई गई। हरियाणा के मानेसर और मध्य प्रदेश के रीवा में बुक रिसॉर्ट्स में आवेदकों को बुलाया गया। जब सभी आवेदक इकट्ठा हो गए तो उन्हें प्रश्न पत्र एवं उत्तर पुस्तिका मुहैया करा दी गई। परीक्षा अधिसूचना जारी होने के ठीक बाद और परीक्षा की तारीख तक व उसके कुछ दिन बाद तक दोनों आरोपी, आवेदकों के संपर्क में रहे। इसी दौरान आरोपियों के बैंक खातों में महत्वपूर्ण क्रेडिट और नकद जमा देखे गए। इससे पहले, भूखंड, अपार्टमेंट, बैंक खाते और ऑटोमोबाइल सहित अन्य संपत्ति भी मिली थी। ईडी ने 1.02 करोड़ रुपये भी जब्त किए थे। 

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