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BHU के प्रोफेसर ने खोजा 'करामाती इलाज', जड़ से खत्म होगा कैंसर
तबस्सुम/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 01 May 2016 05:30 AM IST
सार
- रुथेनियम धातु में एंटी कैंसर गुण, बनाए रुथेनियम के दो कंपाउंड
- खून में मौजूद कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने में सहायक
- शोध जर्नल ऑफ बैलकन यूनियन ऑफ आंकोलॉजी में प्रकाशित
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प्रो. लल्लन मिश्र
- फोटो : amar ujala bureau
विस्तार
घातक बीमारी कैंसर से लड़ रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। बीएचयू के प्रोफेसर ने कैंसर का प्रभावी इलाज खोज निकाला है। उन्होंने रिसर्च में रुथेनियम के दो कंपाउंड बनाए हैं जो कैंसर की कोशिकाओं का खात्मा कर इस बीमारी को समाप्त करने में सक्षम हैं।
इन कंपाउंड में कैंसर सेल से लड़ने की क्षमता है। चिकित्सा जगत में उनकी इस खोज को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उनका यह शोध जर्नल आफ बैलकन यूनियन ऑफ आंकोलॉजी में प्रकाशित भी हुआ है जो चिकित्सा जगत में एक प्रतिष्ठित जर्नल है।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विज्ञान संस्थान के केमिस्ट्री विभाग के प्रो. लल्लन मिश्र ने ये शोध किया है। वो बताते हैं कि मनुष्य के रक्त में कैंसर सेल प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है जिससे शरीर दिनोंदिन कमजोर होता जाता है। शोध में हमने रुथेनियम के जिन दो कंपाउंड को ढूंढा है उनमें इन कैंसर सेल से लड़ने की जबर्दस्त क्षमता है। इसमें एंटी कैंसर गुण पाए गए हैं जो कैंसर सेल को खत्म करने की ताकत रखता है। मनुष्य के शरीर में जैसे ही ये कंपाउंड प्रवेश करेगा, कैंसर सेल से उसका मुकाबला होगा।
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प्रो. मिश्र बताते हैं कि कैंसर में हमें सेल के ऐसे एंजाइम को पकड़ना होता है जो कैंसर सेल को बढ़ाने में मदद करते हैं। चूँकि ये कंपाउंड फ्लोरिसेंट रंग के गुण रखता है इसलिए इसके एंटी कैंसर होने की क्षमता और बढ़ जाती है। ये कोशिकाओं के विकास को पूरी तरह बाधित कर देते हैं और कैंसर सेल को खत्म करने का भी इसमें गुण है।
साथ ही इस शोध में ये भी सामने आया है कि यह खून में मौजूद कैंसर सेल को निष्क्रिय कर सकता है। इससे निश्चित तौर पर कैंसर का प्रभावी तरीके से इलाज किया जा सकेगा। इस लिहाज से अगर इनका उपयोग कैंसर की दवा बनाने में किया जाए तो ये काफी लाभप्रद साबित हो सकता है।
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इन कंपाउंड में कैंसर सेल से लड़ने की क्षमता है। चिकित्सा जगत में उनकी इस खोज को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उनका यह शोध जर्नल आफ बैलकन यूनियन ऑफ आंकोलॉजी में प्रकाशित भी हुआ है जो चिकित्सा जगत में एक प्रतिष्ठित जर्नल है।
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काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विज्ञान संस्थान के केमिस्ट्री विभाग के प्रो. लल्लन मिश्र ने ये शोध किया है। वो बताते हैं कि मनुष्य के रक्त में कैंसर सेल प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है जिससे शरीर दिनोंदिन कमजोर होता जाता है। शोध में हमने रुथेनियम के जिन दो कंपाउंड को ढूंढा है उनमें इन कैंसर सेल से लड़ने की जबर्दस्त क्षमता है। इसमें एंटी कैंसर गुण पाए गए हैं जो कैंसर सेल को खत्म करने की ताकत रखता है। मनुष्य के शरीर में जैसे ही ये कंपाउंड प्रवेश करेगा, कैंसर सेल से उसका मुकाबला होगा।
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प्रो. मिश्र बताते हैं कि कैंसर में हमें सेल के ऐसे एंजाइम को पकड़ना होता है जो कैंसर सेल को बढ़ाने में मदद करते हैं। चूँकि ये कंपाउंड फ्लोरिसेंट रंग के गुण रखता है इसलिए इसके एंटी कैंसर होने की क्षमता और बढ़ जाती है। ये कोशिकाओं के विकास को पूरी तरह बाधित कर देते हैं और कैंसर सेल को खत्म करने का भी इसमें गुण है।
साथ ही इस शोध में ये भी सामने आया है कि यह खून में मौजूद कैंसर सेल को निष्क्रिय कर सकता है। इससे निश्चित तौर पर कैंसर का प्रभावी तरीके से इलाज किया जा सकेगा। इस लिहाज से अगर इनका उपयोग कैंसर की दवा बनाने में किया जाए तो ये काफी लाभप्रद साबित हो सकता है।