{"_id":"5c4e9737bdec227395216f9d","slug":"bhopal-gas-supreme-court-agreed-to-hear-the-curative-petition-filed-by-the-central-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल गैस कांड: पीड़ितों को मुआवजा देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
भोपाल गैस कांड: पीड़ितों को मुआवजा देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार
Mon, 28 Jan 2019 11:16 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 28 Jan 2019 11:16 AM IST
विज्ञापन
भोपाल गैस कांड
- फोटो : Social Media
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि वह अप्रैल में केंद्र सरकार द्वारा दाखिल की गई क्यूरेटिव याचिका पर सुनवाई करने के लिए तैयार है। इस याचिका में सरकार ने गैस कांड के पीड़ितों के लिए यूएस बेस्ड यूनियन कार्बाइड कॉर्पोरेशन से अतिरिक्त 7413 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है।
विज्ञापन
मध्य प्रदेश के भोपाल में 2-3 दिसंबर 1984 यानी आज से लगभग 34 साल पहले यह गैस कांड हुआ था। भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड नामक कंपनी के कारखाने से एक जहरीली गैस का रिसाव हुआ, जिससे लगभग 15,000 से अधिक लोगो की जान गई और कई लोग अनेक तरह की शारीरिक अपंगता से लेकर अंधेपन के भी शिकार हुए, जो आज भी त्रासदी की मार झेल रहे हैं।
विज्ञापन
भोपाल गैस कांड में मिथाइल आइसो साइनाइट (मिक) नामक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। जिसका उपयोग कीटनाशक बनाने के लिए किया जाता था। मरने वालों के अनुमान पर विभिन्न स्त्रोतों की अपनी-अपनी राय होने से इसमें भिन्नता मिलती है, फिर भी पहले अधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या 2,259 बताई गई थी।
विज्ञापन
मध्यप्रदेश की तत्कालीन सरकार ने 3,787 लोगों के मरने की पुष्टि की थी, जबकि अन्य अनुमान बताते हैं कि 8,000 से ज्यादा लोगों की मौत तो दो सप्ताह के अंदर ही हो गई थी और लगभग अन्य 8,000 लोग रिसी हुई गैस से फैली बीमारियों के कारण मारे गये थे। इसे मानव इतिहास में अबतक विश्व की सबसे भयावह और दर्दनाक औद्योगिक त्रासदी में से एक कहा जाता है।
मानवाधिकार समूह कहते हैं कि हजारों टन खतरनाक अपशिष्ट भूमिगत दफनाया गया है, और यहां तक की सरकार ने स्वीकार किया है कि यह क्षेत्र दूषित है। स्वास्थ्य को लेकर हालात कुछ ऐसे हैं की, भोपाल गैस कांड के बाद सरकार की ओर से बनाए गए गैस राहत विभाग में हर माह दर्जन भर आवेदन ऐसे आते हैं, जिसमें कैंसर के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की जाती है।
Supreme Court says it will hear in April the curative petition filed by the Central government seeking additional Rs 7413 Crores from US-based Union Carbide Corporation (UCC) as compensation for the Bhopal gas disaster victims.
— ANI (@ANI) January 28, 2019