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भीमा कोरेगांव मामलाः एनआईए को जांच सौंपने से पहले कानूनी राय लेगें उद्धव ठाकरे
Tue, 28 Jan 2020 10:44 PM IST
आसिम खान
सुरेन्द्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
सुरेन्द्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 28 Jan 2020 10:44 PM IST
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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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भीमा कोरेगांव हिंसा मामले की जांच का प्रभार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने से पहले मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे राज्य के महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी से राय लेंगे। इस बीच राज्य के पुलिस महानिदेशक सबोध जायसवाल ने मंगलवार को एनआईए का पत्र मुख्यमंत्री ठाकरे को सौंपा जिसमें मामले को जल्द से जल्द एनआईए को सौंपने का अनुरोध किया गया है।
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लेकिन मुख्यमंत्री इसमें जल्दबाजी करने की बजाए पहले कानूनी राय लेना चाहते हैं। महाराष्ट्र सरकार के सूत्रों ने कहा कि 25 जनवरी को एनआईए का पत्र 24 जनवरी को अपने अधिकारियों द्वारा आंतरिक रूप से सौंपी गई एक रिपोर्ट पर आधारित है, जिसने मामले के जांच का प्रभार दिए जाने की सिफारिश की थी।
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...तो एनआईए को चुनौती देने वाला दूसरा राज्य बनेगा महाराष्ट्र
अगर भीमा कोरेगाव हिंसा मामले को अदालत में चुनौती दी गई, तो छत्तीसगढ़ के बाद महाराष्ट्र देश का दूसरा राज्य होगा जो एनआईए के आदेश को अदालत में ले जाएगा। इससे पहले नक्सली हिंसा से जुड़े कुछ मामलों को संभालने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने एनआईए अधिनियम की संवैधानिकता को चुनौती दी थी।
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महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि आज हमें एनआईए पत्र मिला है और इस संबंध में डीजीपी से एक प्रस्ताव मिला है। कानूनी राय मांगने के बाद हम निर्णय लेंगे। वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय कुमार ने कहा कि हमें पुलिस महानिदेशक की तरफ से प्रस्ताव मिला है। लेकिन मुख्यमंत्री ने पहले इस संबंध में कानूनी राय लेने के लिए निर्देशित किया है।