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भीमा कोरेगांव हिंसा : बॉम्बे हाईकोर्ट ने गौतम नवलखा की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
Fri, 26 Jul 2019 09:05 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Gaurav Pandey
Updated Fri, 26 Jul 2019 09:05 PM IST
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गौतम नवलखा (फाइल फोटो)
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जनवरी 2018 में पुणे के नजदीक भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के आरोपी गौतम नवलखा की गिरफ्तारी पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया है। अपनी याचिका में नवलखा ने पुणे पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की है। याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश रंजीत मोरे और भारती डांगरे की खंडपीठ ने कहा कि पुलिस के कुछ दस्तावेज संकेत करते हैं कि नवलखा निर्दोष हैं, जबकि रिकॉर्ड के बाकी दस्तावेजों को ध्यान से जांचने की जरूरत है।
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उल्लेखनीय है कि पुलिस ने इस हिंसा में पांच लोगों के खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया था। सरकारी वकील ने अदालत से कहा कि नवलखा के नक्सलियों तथा प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से संबंध हैं। भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़काने में भी उनका हाथ था। न्यायाधीशों ने कहा कि पुलिस द्वारा दिए कुछ दस्तावेज नवलखा को निर्दोष बताते हैं जबकि अन्य में जांच की जरूरत है। अदालत ने यह कहते हुए नलवखा पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
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