भारतीय किसान यूनियन: विश्व व्यापार संगठन की बैठक में रखा जाए भारतीय कृषि उत्पादकों के हितों का ध्यान
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव दिवाकर मिश्रा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह देश के किसानों के हित के लिए पहले से ही इन मुद्दों को विश्व बिरादरी के सामने गंभीरता से उठा रही है...
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भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने मांग की है कि 12-15 जून को जेनेवा में होने वाली डब्ल्यूटीओ (WTO) की बैठक में भारतीय किसानों के हितों का ध्यान रखा जाए। संगठन ने स्टॉक होल्डिंग मुद्दे के स्थाई समाधान, नीति निर्धारण में विकसित देशों के साथ-साथ अल्पविकसित और विकासशील देशों के किसानों के हितों का ध्यान रखने और भारतीय कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा योग्य बनाने के लिए नीतियां बनाने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव दिवाकर मिश्रा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह देश के किसानों के हित के लिए पहले से ही इन मुद्दों को विश्व बिरादरी के सामने गंभीरता से उठा रही है। वह वार्ता के दौरान भारतीय कृषकों और उनके द्वारा पैदा की जा रही फसलों के व्यापार का पूरा ख्याल रखेगी।
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का मंत्री-स्तरीय सम्मेलन 12-15 जून को जिनेवा में शुरू होने जा रहा है। इस सम्मेलन में कृषि सब्सिडी और विश्व खाद्य कार्यक्रम सहित विभिन्न मुद्दे 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के एजेंडे में शामिल होंगे। दुनिया में 164 सदस्यीय बहुपक्षीय संगठन वैश्विक व्यापार नियम बनाता है और सदस्य देशों के बीच व्यापार से संबंधित मुद्दों का समाधान करता है। गैट (GATT) वर्ष 1948 से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को संचालित करने वाली एकमात्र बहुपक्षीय व्यवस्था थी और वर्ष 1995 में विश्व व्यापार संगठन की स्थापना हुई जिसने गैट का स्थान लिया।