फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bharatiya Kisan union will rally from Haridwar to the Parliament

भारतीय किसान यूनियन निकालेगी हरिद्वार से संसद तक पदयात्रा, संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग

Wed, 05 Sep 2018 09:44 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 05 Sep 2018 09:44 PM IST
विज्ञापन
Bharatiya Kisan union will rally from Haridwar to the Parliament

भारतीय किसान यूनियन किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा निकालेगी। किसान क्रांति यात्रा 23 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक चलेगी। किसान नेताओं का कहना है कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार किसानों से किये गये वायदों को निभाने में नाकाम रही है। उन्होंने किसानों की समस्याओं पर संसद का विशेष संयुक्त अधिवेशन बुलाने की मांग की।

विज्ञापन


भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि किसान क्रांति यात्रा कर्ज माफी समेत नौ मांगों को लेकर हरिद्वार के टिकैत घाट से लेकर संसद भवन तक निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के चार साल पूरे हो जाने के बाद भी पूरे देश में किसान आंदोलन हो रहे हैं, जो प्रमाण हैं कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। टिकैट का कहना है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य न मिलने के कारण कर्ज का भार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की आत्महत्याओं के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले 20 सालों में 3 लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं, उन्होंने मांग की कि उनके परिवारों का पुर्नवास किया जाए और उन्हें नौकरी दी जाए।
विज्ञापन


टिकैट ने सरकार से मांग की है कि किसानों की न्यूनतम आमदनी सुनिश्चित की जाए। लघु एवं सीमांत किसानों को 60 वर्ष की आयु के बाद कम से कम 5000 रुपये मासिक पेंशन दी जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में एनजीटी की 10 साल से पुराने डीजल वाहनों के संचालन पर लगाई गई पाबंदी को तुरंत हटाया जाए। साथ ही किसानों के ट्रैक्टर, पंपिंग सैट, कृषि कार्यो में इस्तेमाल होने वाले डीजल इंजन को (एंटिक कारों के आधार पर) इससे बाहर रखा जाए। टिकैट का कहना है कि सरकार देश में पर्याप्त मात्रा में पैदावार होने वाली फसलों का आयात बंद करे। उन्होंने कहा कि एसियान मुक्त व्यापार समझौते की आड़ में कई देशों द्वारा ऐसी वस्तुओं का निर्यात किया जा रहा है जिसके वह उत्पादक नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता युद्धवीर सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के हित में न होकर बीमा कंपनियों के हित में कार्य कर रही है। उन्होंने मांग की कि योजना में बदलाव कर प्रत्येक किसान को ईकाई मानकर सभी फसलों में स्वैच्छिक रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि देश के गन्ना किसानों पर लगभग 19 हजार करोड़ रुपया गन्ना सीजन बंद होने के बाद भी बकाया है। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में 14 दिन में गन्ना भुगतान देने की बात कही थी, लेकिन यह जुमला ही साबित हुआ है।


उन्होंने कहा कि देश में किसान के नाम पर बने डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पिछले 15 साल से धूल चाट रही है। उसे लागू करना तो दूर आज तक उस पर संसद में चर्चा भी नहीं हुई। उन्होंने सरकार से सी2+50 के फॉर्मूले के हिसाब से एमएसपी देने की मांग की। साथ ही कहा कि सरकार सभी फसलों की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद की गारंटी को सुनिश्चित करे और ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे। साथ ही उन्होंने देश के किसानों के सभी तरह के कर्जे माफ करने की मांग भी की। उनका कहना है कि देश के किसानों पर तकरीबन 80 प्रतिशत कर्ज राष्ट्रीयकृत बैंकों का है। 2008 की तरह देश के किसानों के सभी तरह के कर्ज (राष्ट्रीयकृत बैंक/सहकारी बैंक/साहुकार) एक ही समय में बिना किसी समय सीमा के माफ किए जाएं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed