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G20 India: पहली स्वास्थ्य कार्य समूह की बैठक संपन्न, महामारी नीति को स्वास्थ्य नीति का हिस्सा बनाने पर जोर
Wed, 18 Jan 2023 06:09 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 18 Jan 2023 06:09 PM IST
सार
जी20 इंडिया की अध्यक्षता में पहली स्वास्थ्य कार्य समूह की बैठक में पवार ने कहा कि महामारी की रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया के लिए विविध बहु-क्षेत्रीय, बहु-एजेंसी समन्वय प्रयासों की आवश्यकता है।
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भारती प्रवीण पवार
- फोटो : ट्विटर/डॉ. भारती प्रवीण पवार
विस्तार
स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने बुधवार को कहा कि महामारी नीति हमारी स्वास्थ्य नीति का एक निर्णायक हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज कोई भी स्वास्थ्य संकट दुनिया को आर्थिक संकट की ओर ले जाता है, क्योंकि दुनिया बहुक्षेत्रीय प्रकृति के कारण आपस में जुड़ी हुई है।
जी20 इंडिया की अध्यक्षता में पहली स्वास्थ्य कार्य समूह की बैठक में पवार ने कहा कि महामारी की रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया के लिए विविध बहु-क्षेत्रीय, बहु-एजेंसी समन्वय प्रयासों की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी बयान के मुताबिक, पवार ने भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के प्रति लचीला बनने के लिए समुदायों को मजबूत और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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उन्होंने कहा कि कोविड-19 आखिरी महामारी नहीं होगी। सीख हमारी तैयारियों और प्रतिक्रिया के लिए एजेंडा होनी चाहिए। हमें अपनी क्षमताओं में विविधता लाने और सामूहिक रूप से यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हम किसी भी स्वास्थ्य संकट का सामना करने के लिए खुद को सुरक्षित रखें।
बयान में कहा गया है कि उन्होंने लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण और जीवनरक्षक टीकों, चिकित्सीय और निदान में निवेश के महत्व को भी रेखांकित किया। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एसवी मुरलीधरन और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
मुरलीधरन ने भारत की चिकित्सा पद्धतियों और नवाचार (इनोवेशन) की मजबूत संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के लिए प्रधानमंत्री का आह्वान प्रो-प्लैनेट दृष्टिकोण है, जो एक तेजी से वैश्वीकृत दुनिया के लिए प्रकृति के अनुरूप है।
उन्होंने प्रतिनिधियों पर किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति को प्रभावी ढंग से पूरा करने में सक्षम होने के लिए तैयारियों और प्रतिक्रिया के लिए हमारे एजेंडे को श्रेणीबद्ध करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य चुनौती से सामूहिक रूप से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।
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जी20 इंडिया की अध्यक्षता में पहली स्वास्थ्य कार्य समूह की बैठक में पवार ने कहा कि महामारी की रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया के लिए विविध बहु-क्षेत्रीय, बहु-एजेंसी समन्वय प्रयासों की आवश्यकता है।
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स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी बयान के मुताबिक, पवार ने भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के प्रति लचीला बनने के लिए समुदायों को मजबूत और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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उन्होंने कहा कि कोविड-19 आखिरी महामारी नहीं होगी। सीख हमारी तैयारियों और प्रतिक्रिया के लिए एजेंडा होनी चाहिए। हमें अपनी क्षमताओं में विविधता लाने और सामूहिक रूप से यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हम किसी भी स्वास्थ्य संकट का सामना करने के लिए खुद को सुरक्षित रखें।
बयान में कहा गया है कि उन्होंने लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण और जीवनरक्षक टीकों, चिकित्सीय और निदान में निवेश के महत्व को भी रेखांकित किया। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एसवी मुरलीधरन और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
मुरलीधरन ने भारत की चिकित्सा पद्धतियों और नवाचार (इनोवेशन) की मजबूत संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के लिए प्रधानमंत्री का आह्वान प्रो-प्लैनेट दृष्टिकोण है, जो एक तेजी से वैश्वीकृत दुनिया के लिए प्रकृति के अनुरूप है।
उन्होंने प्रतिनिधियों पर किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति को प्रभावी ढंग से पूरा करने में सक्षम होने के लिए तैयारियों और प्रतिक्रिया के लिए हमारे एजेंडे को श्रेणीबद्ध करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य चुनौती से सामूहिक रूप से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।