असम में चुनावी मुद्दा बना भारत माता की जय का नारा
शाह जहां भी रैलियों को संबोधित करने पहुंच रहे हैं। वहां उपस्थित जनसमूह उनका अभिनंदन भारत माता की जय के नारे से कर रही है। तो शाह भी मैदान नहीं चूक रहे हैं। अपने संबोधन भाषण की शुरूआत और समापन वो भारत माता की जय के नारे के साथ कर रहे हैं। जनता से भी उनका आग्रह होता है कि वे इतनी जोर से भारत माता के नारे लगाएं। जोकि दिल्ली बैठे कांग्रेस के शीर्ष नेताओं तक पहुंचे।
शाह ने भारत माता की जय का आह्वान
नलबाडी में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि वे भारत माता की जय का नारा इतनी जोर से लगाए कि देश के लोगों को सुनाई दे। जनता से उन्होंने आह्वान किया की वे इतने जोर से भारत माता की जय कहें कि उनकी आवाज दिल्ली में बैंठी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तक पहुंचे।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने धरमपुर की सभा में कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत बनाना है तो असम को भी कांग्रेस से मुक्त करना होगा। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे कांग्रेस को उखाड़ फेंके। शाह ने कहा कि कांग्रेस के शासन में देश इटली से चलता था।
आज मोदी के नेतृत्व में भारत की साख दुनिया में बढ़ी है। उन्होंने बांगलादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी से असम की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करने को कहा। कांग्रेस उपाध्यक्ष पर सियासी प्रहार करते हुए शाह ने पलासबारी की सभा में कहा कि राहुल गांधी असम में आकर जेएनयू मुद्दे और अभिव्यक्ति के आजादी की बात करते हैं।
लेकिन यहां की जनता के लिए असल मुद्दा बांगलादेशी घुसपैठ का है। इसलिए कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को जनता के सामने यह बताना होगा कि बांगलादेशी घुसपैठ पर उनकी सोच क्या है।
वहीं मतदाताओं को स्पष्ट जनादेश देने के लिए शाह ने एआईयूडीएफ नेता बदरूदीन का भी भय दिखाया। भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि सरकार बनाने के लिए वे बदरूदीन का समर्थन नहीं लेंगे। बेशक उन्हें विपक्ष में क्यों न बैठना पड़े।