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Bharat Jodo Yatra: इस यात्रा से किसकी मुश्किलें बढ़ा रहे हैं कांग्रेस नेता राहुल गांधी?

Sat, 10 Sep 2022 07:59 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Sat, 10 Sep 2022 07:59 PM IST
सार

Bharat Jodo Yatra: डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक और भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अनिर्बान गांगुली का कहना है कि राहुल गांधी खुद को और कांग्रेस को बेनकाब कर रहे हैं। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर जरूर निकले हैं, लेकिन वह असल में भारत की संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और लोगों को भलीभांति नहीं समझते...

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Bharat Jodo Yatra: Why BJP is continuously attacking congress leader Rahul Gandhi during his visit
Bharat Jodo Yatra: Rahul Gandhi - फोटो : Agency

विस्तार

राहुल गांधी पांच महीने की भारत जोड़ो यात्रा पर हैं। वह कन्याकुमारी से निकले और उनके पीछे एक जन सैलाब चल रहा है, लेकिन उनके हर पहलू, प्रयास और कदम पर भाजपा की बारीक निगाह टिकी हुई है। तमिलनाडु में कांग्रेस के नेता एसवी रमणी कहते हैं कि भाजपा को कुछ नहीं मिल रहा है, तो वह दिन-रात कमियां खोजकर राहुल गांधी की छवि खराब करने में लगी है। लेकिन कामयाब नहीं होगी, क्योंकि भाजपा बेनकाब हो चुकी है। जवाब में डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक और भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अनिर्बान गांगुली का कहना है कि राहुल गांधी खुद को और कांग्रेस को बेनकाब कर रहे हैं।  

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अनिर्बान गांगुली कहते हैं कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर जरूर निकले हैं, लेकिन वह असल में भारत की संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और लोगों को भलीभांति नहीं समझते। इसलिए भारत जोड़ो यात्रा के जरिए राहुल गांधी खुद को प्रासंगिक नहीं बना सकते। वह केवल लोगों और राजनीति में मनोरंजन का जरिया भर बन सकते हैं। अनिर्बान कहते हैं कि आजादी के बाद 75 सालों में कांग्रेस की हालत क्या हो गई है। विचारधारा से दूर और एक परिवार तक सिमटी पार्टी होकर रह गई है। इसके जनाधार वाले नेता इसे छोड़कर जा रहे हैं।

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कैसे हो रहे हैं राहुल गांधी प्रासंगिक?

कुछ महीनों से राहुल गांधी, उनके वक्तव्य और छवि को खराब करने पर भाजपा के रणनीतिकारों ने ध्यान देना कम कर दिया था। अनिर्बान गांगुली समेत तमाम भाजपा के नेता कहते हैं कि राहुल गांधी इतने योग्य नहीं है कि उन पर इतनी चर्चा की जाए। लेकिन भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने से थोड़ा पहले राहुल गांधी ने देश में मंहगाई और जनता के बढ़ते बोझ पर चर्चा की। राहुल गांधी ने राहुल गांधी ने आटे का भाव लीटर में क्या बताया कि भाजपा के प्रवक्ता और आईटी सेल पीछे पड़ गई। जवाब में कांग्रेस के नेताओं और आईटी सेल ने भाजपा के नेताओं के तमाम पुराने बयान को वायरल कर दिया।

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दूसरी स्थिति राहुल गांधी की यात्रा में इस्तेमाल हो रही कोच को लेकर आई। भाजपा के नेता और आईटी सेल ने उसके अत्याधुनिक होने को मुद्दा बनाया। जबकि भाजपा के नेताओं ने अपनी हर रथयात्रा में उस समय के हिसाब से उत्तम कोच का प्रयोग किया।

तीसरी स्थिति में राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान एक ब्रांडेड कंपनी की टी-शर्ट, पैंट, स्पोर्ट्स शू का इस्तेमाल करते हैं। इसको लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने सीधे हमला बोल दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कहा कि राहुल गांधी विदेशी टी-शर्ट पहनते हैं और भारत को जोड़ने की बात करते हैं। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा के मुताबिक राहुल गांधी भारत को तोड़ने  का काम कर रहे हैं। स्मृति ईरानी ने भी सवाल उठाया तो असम के मुख्यमंत्री हिमंता ने उन्हें पाकिस्तान से यात्रा शुरू करने की सलाह दे डाली। अनिर्बान गांगुली कहते हैं कि राहुल गांधी ने इस तरह की हरकत देश के भीतर और बाहर दोनों में की है। वह चीन के नेताओं से मिलते हैं, पाकिस्तान के नेताओं से प्रधानमंत्री मोदी को चुनाव में हराने की बात करते हैं, विदेश में बैठकर भारत विरोधी बयान देते हैं। वह उस गोल्डन रूल को तोड़ रहे हैं जिसे पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, पीवी नरसिंहा राव, अटल बिहारी वाजपेयी ने स्थापित किया। देश के प्रधानमंत्री के बारे में बाहर गलतबयानी नहीं की।

राहुल गांधी अभी कांग्रेस को और डुबाएंगे - भाजपा

राहुल गांधी का तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन स्वागत करते हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनसे मिलने दिल्ली आते हैं। कांग्रेस के नेता कहते हैं कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी को समझते हैं। जवाब में अनिर्बान गांगुली कहते हैं कि राहुल गांधी डीएमके के नेता और उनकी पार्टी का तमिलनाडु में इस्तेमाल कर रहे हैं। जबकि यह वही डीएमके है, जिसकी भूमिका पर राजीव गांधी हत्याकांड को लेकर सवाल उठे थे। नीतीश कुमार आकर साथ खड़े हो जाते हैं। अनिर्बान कहते हैं कि पहले विपक्षी दल कांग्रेस को विपक्ष की अगुआ पार्टी मान तो लें और राहुल गांधी को नेता तो स्वीकार कर लें? विपक्ष एकजुट होकर तो दिखाए। एकजुट होगा तभी तो कुछ राजनीतिक ताकत बन पाएगा। अनिर्बान कहते हैं कि भाजपा राहुल गांधी और कांग्रेस की यथास्थिति को जनता के सामने खोल कर रख देने की रणनीति पर काम कर रही है। आप देखेंगे कि 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी कांग्रेस को अभी और डुबोएंगे।

हमारा नेता निकलता है तो भाजपा घबराती है - कांग्रेस

एसवी रमणी कहते हैं कि जब भाजपा के नेता राहुल गांधी की जोर से और अकारण आलोचना करते हैं तो मान लीजिए कि उनका शीर्ष नेतृत्व घबरा रहा है। राहुल गांधी दक्षिण भारत में कन्याकुमारी से जम्मू-कश्मीर तक यात्रा करेंगे। जो जन समुदाय उमड़ रहा है, वह भाजपा के होश उड़ा रहा है। रमणी कहते हैं कि अभी तो कारवां शुरू हुआ है। उत्तर भारत पहुंचने तक क्या होगा? भाजपा यही सोचकर परेशान है। कांग्रेस पार्टी के पूर्व महासचिव कहते हैं कि केंद्र सरकार और भाजपा की राज्य सरकारों के कामकाज से देश की जनता त्रस्त है। मंहगाई, बेरोजगारी आसमान छू रही है। जनता का यह गुस्सा राहुल गांधी के समर्थन में खड़ा हो रहा है। मुझे लग रहा है कि भाजपा इसे महसूस कर रही है। एक पूर्व केंद्रीय मंत्री का कहना है कि राहुल गांधी की आलोचना की जा सकती है। यह लोकतंत्र है, लेकिन केंद्र सरकार और भाजपा के नेताओं को चाहिए कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे का जवाब भी दे।

क्या है राहुल गांधी की सियासी रणनीति ?

राहुल गांधी दक्षिण भारत में एक विवादास्पद कैथोलिक पादरी जार्ज पोन्नैया से मिले। सवाल पूछा कि क्या यीशु मसीह भगवान का एक रूप हैं? राहुल गांधी इतना कहकर चुप हो गए। पादरी ने समझाते हुए कहा कि यीशु मसीह ही असली भगवान है। पादरी धर्मगुरू है। उसका अपना मत है, लेकिन भाजपा नेताओं ने इस बयान पर जोर देना शुरू कर दिया है। इससे पहले कांग्रेस सांसद कह चुके हैं कि वह लोगों में नफरत नहीं बांटते। माना यह जा रहा है कि राहुल गांधी आगे की यात्रा के पड़ावों में सनातन, इस्लाम समेत सभी के धर्मगुरुओं से मिलेंगे। पूजा स्थलों में जा सकते हैं। दर्शन कर सकते हैं। इस बहाने उनकी कोशिश होगी कि वह भाजपा को देश की धार्मिक आधार पर बांटने वाली पार्टी करार देने का प्रयास करें। चुनाव प्रचार अभियान के जानकार एसपी सिंह कहते हैं कि राजनीति में कभी-कभी इस तरह के प्रयास भी खुद को लोगों से जोड़ने का बड़ा जरिया होते हैं।

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