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कोवाक्सीन टीका: भारत बायोटेक ने डीसीजीआई को सौंपा तीसरे चरण के ट्रायल का डाटा

Mon, 21 Jun 2021 10:20 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 21 Jun 2021 10:20 PM IST
सार

भारत बायोटेक ने अपने कोरोना रोधी टीके कोवाक्सीन के तीसके चरण के ट्रायल का डाटा डीसीजीआई के पास जमा कर दिया है।

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Bharat Biotech submitted Phase 3 clinical trials data of COVAXIN to DCGI
कोवाक्सीन टीका - फोटो : ट्विटर

विस्तार

देश की प्रमुख टीका निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने अपने कोरोना वायरस रोधी टीके कोवाक्सीन के तीसके चरण के ट्रायल का डाटा डीसीजीआई (ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) के पास जमा कर दिया है। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को बताया कि कंपनी ने यह डाटा सप्ताहांत में जमा किया था।

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23 जून को डब्ल्यूएचओ के साथ भारत बायोटेक की बैठक
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत बायोटेक के कोविड-19 रोधी टीके कोवाक्सीन के लिए रूचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) प्रस्ताव को स्वीकार लिया है और टीके को मंजूरी के संबंध में दस्तावेज सौंपे जाने के पहले 23 जून को डब्ल्यूएचओ के साथ बैठक होगी।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, इस बैठक में उत्पाद की विस्तृत समीक्षा नहीं की जाएगी लेकिन टीका निर्माता के पास टीके की गुणवत्ता को लेकर एक संक्षिप्त विवरण पेश करने का अवसर होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट पर डब्ल्यूएचओ ईयूएल-पीक्यू मूल्यांकन प्रक्रिया दस्तावेज में कोविड-19 टीकों की स्थिति पर यह जानकारी दी गई है।


भारत बायोटेक ने पिछले महीने कहा था कि उसे अपने टीके कोवाक्सीन के आपात इस्तेमाल के लिए डब्ल्यूएचओ से जुलाई-सितंबर तक मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। डब्ल्यूएचओ के दिशा-निर्देश के मुताबिक, आपात इस्तेमाल सूचीबद्ध (ईयूएल) ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत लोक स्वास्थ्य संकट के समय नए या गैर लाइसेंस प्राप्त उत्पादों के इस्तेमाल की मंजूरी दी जाती है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक औषधि के दस्तावेज सौंपे जाने से पहले की बैठक में सलाह और मशविरा का अवसर दिया जाता है। आवेदनकर्ता को डब्ल्यूएचओ के मूल्यांकन करने वालों से मुलाकात का भी मौका मिलता है जो कि उस उत्पाद की समीक्षा में शामिल होंगे।

डब्ल्यूएचओ ने दस्तावेज सौंपे जाने से पहले की इस बैठक के बारे में बताया, ‘दस्तावेज सौंपे जाने से पहले की बैठक में आंकड़ों या अध्ययन रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा नहीं की जाती। बैठक का महत्वपूर्ण पहलू उत्पाद के बारे में एक समग्र संक्षिप्त विवरण पेश करना है।’


सूत्रों ने पूर्व में संकेत दिया था कि भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) ने केंद्र को बता दिया है कि उसने कोवाक्सीन के लिए ईयूएल हासिल करने के संबंध में डब्ल्यूएचओ को 90 प्रतिशत दस्तावेज जमा कर दिया है। 

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