कोवाक्सीन टीका: भारत बायोटेक ने डीसीजीआई को सौंपा तीसरे चरण के ट्रायल का डाटा
भारत बायोटेक ने अपने कोरोना रोधी टीके कोवाक्सीन के तीसके चरण के ट्रायल का डाटा डीसीजीआई के पास जमा कर दिया है।
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देश की प्रमुख टीका निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने अपने कोरोना वायरस रोधी टीके कोवाक्सीन के तीसके चरण के ट्रायल का डाटा डीसीजीआई (ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) के पास जमा कर दिया है। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को बताया कि कंपनी ने यह डाटा सप्ताहांत में जमा किया था।
Bharat Biotech submitted Phase 3 clinical trials data of COVAXIN to Drugs Controller General of India (DCGI) over the weekend: Govt sources pic.twitter.com/ggXSxQCaAc
— ANI (@ANI) June 21, 2021विज्ञापन
23 जून को डब्ल्यूएचओ के साथ भारत बायोटेक की बैठक
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत बायोटेक के कोविड-19 रोधी टीके कोवाक्सीन के लिए रूचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) प्रस्ताव को स्वीकार लिया है और टीके को मंजूरी के संबंध में दस्तावेज सौंपे जाने के पहले 23 जून को डब्ल्यूएचओ के साथ बैठक होगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, इस बैठक में उत्पाद की विस्तृत समीक्षा नहीं की जाएगी लेकिन टीका निर्माता के पास टीके की गुणवत्ता को लेकर एक संक्षिप्त विवरण पेश करने का अवसर होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट पर डब्ल्यूएचओ ईयूएल-पीक्यू मूल्यांकन प्रक्रिया दस्तावेज में कोविड-19 टीकों की स्थिति पर यह जानकारी दी गई है।
भारत बायोटेक ने पिछले महीने कहा था कि उसे अपने टीके कोवाक्सीन के आपात इस्तेमाल के लिए डब्ल्यूएचओ से जुलाई-सितंबर तक मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। डब्ल्यूएचओ के दिशा-निर्देश के मुताबिक, आपात इस्तेमाल सूचीबद्ध (ईयूएल) ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत लोक स्वास्थ्य संकट के समय नए या गैर लाइसेंस प्राप्त उत्पादों के इस्तेमाल की मंजूरी दी जाती है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक औषधि के दस्तावेज सौंपे जाने से पहले की बैठक में सलाह और मशविरा का अवसर दिया जाता है। आवेदनकर्ता को डब्ल्यूएचओ के मूल्यांकन करने वालों से मुलाकात का भी मौका मिलता है जो कि उस उत्पाद की समीक्षा में शामिल होंगे।
डब्ल्यूएचओ ने दस्तावेज सौंपे जाने से पहले की इस बैठक के बारे में बताया, ‘दस्तावेज सौंपे जाने से पहले की बैठक में आंकड़ों या अध्ययन रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा नहीं की जाती। बैठक का महत्वपूर्ण पहलू उत्पाद के बारे में एक समग्र संक्षिप्त विवरण पेश करना है।’
सूत्रों ने पूर्व में संकेत दिया था कि भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) ने केंद्र को बता दिया है कि उसने कोवाक्सीन के लिए ईयूएल हासिल करने के संबंध में डब्ल्यूएचओ को 90 प्रतिशत दस्तावेज जमा कर दिया है।