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भारत बायोटेक का दावा : मरीजों पर कोवाक्सीन टीके का असर सबसे ज्यादा, 78 फीसदी तक है प्रभावी
Wed, 21 Apr 2021 06:12 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 21 Apr 2021 06:12 PM IST
सार
- कोवाक्सीन हल्के, मध्यम, और गंभीर लक्षण वाले मामलों में 78 फीसदी तक प्रभावी पाया गया है
- कोवाक्सीन लेने से अस्पताल में भर्ती होने जरूरत 100 फीसदी तक कम हो जाती है
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कोवैक्सीन
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
भारत बायोटेक ने बुधवार को कहा कि उसका टीका कोवाक्सीन तीसरे चरण के अंतरिम विश्लेषण के तहत कोविड-19 संक्रमण के हल्के, मध्यम, और गंभीर लक्षण वाले मामलों में 78 फीसदी तक प्रभावी पाया गया है।
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टीका बनाने वाली कंपनी ने कहा कि तीसरे चरण के अध्ययन का दूसरा अंतरिम आंकड़ा यह बताता है कि कोवाक्सीन टीका लेने के बाद संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने जरूरत 100 फीसदी तक कम हो जाती है (यानी अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत नहीं आती)।
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भारत बॉयोटेक ने एक बयान में कहा कि हाल में कोरोना संक्रमण के बढ़े मामलों के बीच 127 कोविड संक्रमण लक्षण वाले मामले दर्ज किए गए। इसमें हल्के, मध्यम और गंभीर लक्षण वाले कोविड19 संक्रमण के प्रति यह टीका 78 फीसदी तक प्रभावी पाया गया।
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वहीं बिना लक्षण वाले कोविड-19 संक्रमण के मामलों में यह 70 फीसदी प्रभावी पाया गया। भारत बॉयोटेक के चेररमैन और प्रबंध निदेशक कृष्ण एला ने कहा, ‘‘सार्स-कोव-2 के विरुद्ध इसके प्रभावी होने की बात स्थापित हुई है। कोवाक्सीन ने मानव क्लिनिकल परीक्षण और आपात उपयोग के तहत बेहतर सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता प्रदर्शित किया है। कोवाक्सीन अब वैश्विक नवप्रवर्तक टीका बन गया है जो भारत में अनुसंधान एवं विकास के जरिये तैयार किया गया है।
कोवाक्सीन के तीसरे चरण के अध्ययन में 25,800 प्रतिभागियों को शामिल किया गया जिनकी उम्र 18 से 98 साल थी। दूसरी खुराक देने के 14 दिन बाद विश्लेषण किया गया।