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राममंदिर निर्माण के लिए कोर्ट की राह क्यों देख रहा है आरएसएस? भैया जी जोशी ने बताया कारण

Sun, 09 Dec 2018 04:26 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 09 Dec 2018 04:26 PM IST
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bhaiyyaji joshi says Why is the court looking at the path of RSS for ram mandir
dharmsabha - फोटो : amar ujala
आरएसएस के सरकार्यवाह सुरेश जोशी (भैया जी) ने भी सरकार द्वारा राममंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून बनाने या अध्यदेश लाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि इस मंदिर निर्माण के जरिये पूरे विश्व में एक संदेश देने की कोशिश होगी और इसीलिए वे मंदिर निर्माण में किसी तरह की हिंसात्मक गतिविधि नहीं चाहते अन्यथा विश्व समुदाय में इसका गलत सन्देश जाएगा। 
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यही कारण है कि इस मसले का हल आज तक न्यायालय और संसद के जरिये की जा रही है। उन्होंने वर्तमान सरकार और न्यायपालिका से भी अपील की कि वह जनता की सोच को समझे और उसकी भावनाओं की कद्र करते हुए मंदिर निर्माण का एक मार्ग प्रशस्त करे। 
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विहिप द्वारा दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित एक धर्मसभा को संबोधित करते हुए भैया जी जोशी ने कहा कि जब तक अयोध्या में राममंदिर निर्माण नहीं होता है तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा। हमारा किसी के साथ कोई संघर्ष नहीं है। हम इस मुद्दे का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान चाहते हैं। इस देश में रहने वाले हर धर्म-समाज के लोग इसके हैं। 
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संघर्ष करना होता तो इतने समय तक सर्वोच्च न्यायालय की तरफ क्यों निहारते रहते। उन्होंने कहा कि किसी भी देश का स्वाभिमान गुलामी और पराधीनता की निशानी को स्वीकार नहीं कर सकता, इसीलिए अयोध्या में राममंदिर की आवश्यकता है। उसके बिना यह कार्य संभव नहीं है। जोशी के मुताबिक हम रामराज्य का स्वप्न देख रहे हैं जिसमें हर वर्ग, हर समाज का स्वाभिमान बना रहना चाहिए। 
 

न्यायव्यवस्था, सरकार करे जनमत का सम्मान

उन्होंने कहा कि इस देश की न्यायव्यवस्था का पूर्ण सम्मान बना रहना चाहिए क्योंकि न्यायव्यवस्था के सम्मानित रहे बिना किसी देश का स्वाभिमान सुरक्षित नहीं रह सकता। लेकिन इसके लिए न्यायव्यवस्था को भी जनसामान्य की भावनाओं को समझना चाहिए। देश की सरकार को भी जनभावनाओं की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। आज देश की सरकार में उपस्थित लोग भी देश की जनता की भावनाओं को समझते होंगे, ऐसा हमारा विश्वास है और उन्हें यह विश्वास बनाये रखना होगा। 

अपने संकल्प की पूर्ति करे सरकार

उन्होंने बताया कि आज की सत्ता भी पूर्व में राममंदिर निर्माण का संकल्प ले चुकी थी। वे भी रामभक्त हैं, इसमें किसी तरह का संदेह नहीं है। लेकिन आज उन्हें अपने ही उस संकल्प की पूर्ति करनी चाहिए जो पूर्व में उन्होंने लिया था। सत्ता को जनता की भावनाओं को पूरा करने के लिए हर कदम उठाना चाहिए क्योंकि वह जनमत को पूरा करने के लिए ही बनाई जाती है। आज की सरकार समझ रही है कि देश की जनता क्या चाहती है। आज की सत्ता को उस जनभावनाओं को पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। 

अयोध्या दर्शन पर होती है पीड़ा

जोशी ने कहा कि 1992 में बाबरी नाम की गुलामी की निशानी मिटाई जा चुकी है, लेकिन कार्य अधूरा है। आज जो दर्शन करने जाता है, वह पीड़ा का अनुभव करता है। (राममंदिर निर्माण के द्वारा) इस पीड़ा से हिन्दू समाज को मुक्त कराया जाना चाहिए। मंदिर निर्माण के जरिये पूरे विश्व को हम मानवता का एक सन्देश देना चाहते हैं। 

इसलिए इस मुद्दे का हल अहिंसात्मक हो, यह सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 'जय श्री राम' के ये नारे न्यायालय तक अवश्य पहुंचेंगे। उन्होंने न्यायालय से अपील की और कहा कि वह हिंदुओं के न्यायोचित अधिकार को सुनिश्चित करे। 
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