{"_id":"5a39b9de4f1c1b96368b58db","slug":"bhagwat-says-every-citizen-living-in-the-country-hindus","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहन भागवत बोले- देश में रहने वाला हर नागरिक हिंदू","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
मोहन भागवत बोले- देश में रहने वाला हर नागरिक हिंदू
रीता तिवारी / अगरतला
Updated Wed, 20 Dec 2017 06:46 AM IST
विज्ञापन
मोहन भागवत
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने पांच दिवसीय त्रिपुरा दौरे के दौरान यह कह कर सियासी विवाद पैदा कर दिया है कि ‘भारत में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है, वह चाहे मुसलमान ही क्यों न हो।’ भागवत के इस बयान की तीखी आलोचना करते हुए मेघालय के मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता मुकुल संगमा ने कहा कि सांप्रदायिक तनाव पैदा करना संघ का एजेंडा है।
संगमा ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता हमारे संविधान का हिस्सा है जबकि धर्म के आधार पर लोगों को बांटना संघ का एजेंडा है। भागवत का ताजा बयान इस एजेंडे का सुबूत है। दूसरे नेताओं ने भी भागवत के बयान की आलोचना करते हुए कहा है कि धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक देश में ऐसा बयान देना ठीक नहीं है। बता दें कि अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सांगठनिक ताकत का जायजा लेने के लिए भागवत ने राज्य का पांच दिवसीय दौरा किया। वह मंगलवार को अपना दौरा खत्म कर दिल्ली लौट गए।
पढ़ें- 2019 की तैयारी में जुटा संघ, 15 फरवरी से यूपी में डेरा डालेंगे भागवत
विज्ञापन
अपने दौरे के दौरान संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों के साथ बैठक करने के अतिरिक्त एक रैली को भी संबोधित किया। भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया भर से अत्याचार के शिकार हिंदू शरण के लिए भारत आते हैं। दुनिया ताकत में जबकि हिंदू सत्य पर भरोसा करता है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व व हिंदूवाद में अंतर है। हिंदूवाद की सबसे अच्छी बात यह है कि यह किसी भी धर्म के लिए खतरा नहीं है। उन्होंने हिंदुओं से बुरी ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि देश का हर नागरिक हिंदू है, चाहे वह किसी भी धर्म को मानने वाला क्यों न हो।
विज्ञापन
संगमा ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता हमारे संविधान का हिस्सा है जबकि धर्म के आधार पर लोगों को बांटना संघ का एजेंडा है। भागवत का ताजा बयान इस एजेंडे का सुबूत है। दूसरे नेताओं ने भी भागवत के बयान की आलोचना करते हुए कहा है कि धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक देश में ऐसा बयान देना ठीक नहीं है। बता दें कि अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सांगठनिक ताकत का जायजा लेने के लिए भागवत ने राज्य का पांच दिवसीय दौरा किया। वह मंगलवार को अपना दौरा खत्म कर दिल्ली लौट गए।
विज्ञापन
पढ़ें- 2019 की तैयारी में जुटा संघ, 15 फरवरी से यूपी में डेरा डालेंगे भागवत
विज्ञापन
अपने दौरे के दौरान संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों के साथ बैठक करने के अतिरिक्त एक रैली को भी संबोधित किया। भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया भर से अत्याचार के शिकार हिंदू शरण के लिए भारत आते हैं। दुनिया ताकत में जबकि हिंदू सत्य पर भरोसा करता है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व व हिंदूवाद में अंतर है। हिंदूवाद की सबसे अच्छी बात यह है कि यह किसी भी धर्म के लिए खतरा नहीं है। उन्होंने हिंदुओं से बुरी ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि देश का हर नागरिक हिंदू है, चाहे वह किसी भी धर्म को मानने वाला क्यों न हो।