भागलपुर हिंसा: अश्विनी चौबे के बेटे की गिरफ्तारी वारंट पर आक्रामक हुई बीजेपी, नीतीश ने साधी चुप्पी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भागलपुर हिंसा में केन्द्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के बेटे का नाम सामने आने के बाद बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। विपक्षी पार्टियां राजद और कांग्रेस इस पूरे प्रकरण पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रही है। वहीं नीतीश कुमार और उनकी पार्टी चुप नजर आ रही है। हालांकि, बिहार पुलिस ने दावा किया है कि केन्द्रीय मंत्री के बेटे अरिजीत शाश्वत की गिरफ्तारी के लिए लगातार छानबीन जारी है। वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार से पूछा है कि आखिर बिहार पुलिस कब शाश्वत को गिरफ्तार करेगी। सोमवार को बिहार विधानसभा में भी यह मामला उठा।
केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के आक्रामक रवैये के बाद जेडीयू शांत है। भाजपा का कहना है कि अरिजीत ने कुछ गलत नहीं किया है। वह केवल भारत माता के नारे लगा रहे थे। हालांकि जेडीयू की चुप्पी पर तेजस्वी ने हमला किया है तो मंत्री का कहना है कि जब मेरे बेटे ने कुछ गलत नहीं किया तो वह सरेंडर क्यों करे।
भाजपा नेता और सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि, 'उसने पूछा जाना चाहिए कि यह कैसे हुआ और वारंट जारी होने के बाद भी पुलिस क्या कर रही है।'
वहीं आरोपी अरिजीत का कहना है कि मैं न्यायालय की शरण में हूं। भागते वो हैं, खोजना उनको पड़ता है जो कहीं गायब हो गए हों, मैं समाज के बीच में हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं सरेंडर क्यों करूं? कोर्ट वारंट जारी करता है पर कोर्ट शरण भी देता है। अगर आप एक बार कोर्ट पहुंच जाएं तो आपको वहीं करना पड़ता है जो कोर्ट तय करता है। अब सवाल यह उठता है कि यदि शाश्वत कहीं भागे नहीं है तो आखिर पुलिस उन्हें हिरासत में क्यों नहीं ले रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जवाब देना होगा कि कोर्ट की तरफ से गिरफ्तारी का वॉरंट जारी होने के बाद भी क्यों अरिजित शाश्वत खुले घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश का सरकार पर कंट्रोल नहीं है और सरकार नागपुर से चल रही है। यह दिखाता है कि वह कितने कमजोर हो चुके हैं। इससे पहले अरिजित शाश्वत ने कहा था कि मैं न्यायालय की शरण में हूं। भागते वो है, खोजना उनको पड़ता है जो कहीं गायब हो गए हो। मैं समाज के बीच में हूं।
बता दें कि भागलपुर में भारतीय नववर्ष के मौके पर केंद्रीय राज्यमंत्री के बेटे ने बजरंग दल, आरएसएस और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली निकाली थी। यह रैली बिना प्रशासन की इजाजत के निकाली गई थी। भाजपा मंत्री के बेटे और भागलपुर से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके अरिजीत शाश्वत पर आरोप लगा है कि उन्होंने बाइक रैली के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के लिए उकसाने वाले नारे लगाए थे। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की हैं। जिसमें शाश्वत को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।