{"_id":"6a3823aba68be1043107670a","slug":"best-bus-employees-union-withdraw-indefinite-strike-mumbai-news-2026-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंबई बेस्ट हड़ताल खत्म: शिंदे से मुलाकात के बाद कमर्चारियों ने लिया फैसला, सोमवार से दौड़ेंगी बसें","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मुंबई बेस्ट हड़ताल खत्म: शिंदे से मुलाकात के बाद कमर्चारियों ने लिया फैसला, सोमवार से दौड़ेंगी बसें
Sun, 21 Jun 2026 11:18 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:18 PM IST
सार
मुंबई में पिछले तीन दिनों से जारी बेस्ट बस कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को यूनियनों ने आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है। इस फैसले से मुंबई के लाखों दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिली है और सोमवार सुबह से शहर की बस सेवाएं पूरी तरह सामान्य हो जाएंगी। क्या है मामला? जानिए...
विज्ञापन
बेस्ट हड़ताल खत्म
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मायानगरी मुंबई के लाखों यात्रियों के लिए रविवार को एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई। पिछले तीन दिनों से मुंबई की सड़कों पर थम चुका सार्वजनिक परिवहन का दूसरा सबसे बड़ा पहिया आखिरकार फिर से घूमने के लिए तैयार है। बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) के कर्मचारी संघों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस लेने का आधिकारिक एलान कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ हुई सकारात्मक बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है। इस घोषणा के बाद से ही मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से मुंबई में बस सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित करने वाली यह हड़ताल, शिंदे की अध्यक्षता में हुई बातचीत के बाद वापस ली गई। इस बातचीत में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'BEST संयुक्त कामगार कृति समिति' के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों ने हिस्सा लिया था। यह बैठक सह्याद्रि गेस्ट हाउस में हुई थी।
शिवसेना (यूबीटी) नेता सचिन अहीर ने यह घोषणा तब की जब शिंदे ने कहा कि स्थायी और वेट-लीज कर्मचारियों को क्रमशः 3,000 रुपये और 2,000 रुपये प्रति माह की अंतरिम वेतन वृद्धि मिलेगी। अहीर ने कहा कि कर्मचारियों की कुछ प्रमुख मांगें भी मान ली गई हैं और बेस्ट बसें जल्द ही शहर की सड़कों पर लौट आएंगी।
विज्ञापन
तीन दिन तक थमी रही मुंबई की रफ्तार
मुंबई में लोकल ट्रेन के बाद बेस्ट बसों को शहर की दूसरी लाइफलाइन माना जाता है। इस हड़ताल के कारण पिछले 3 दिनों से मुंबई महानगर और उसके उपनगरों में सार्वजनिक बस सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई थीं। आम कामकाजी लोगों, दफ्तर जाने वालों और खासकर स्कूली व कॉलेज के छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर बसें न होने के कारण ऑटो और टैक्सी चालकों ने मनमाना किराया वसूला, जिससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ा। लोकल ट्रेनों और मेट्रो में भी आम दिनों के मुकाबले भारी भीड़ देखने को मिली।
यह भी पढ़ें: 'मैं सबसे माफी मांगता हूं कि मैंने गद्दारों के लिए वोट मांगे': बागियों पर बरसे उद्धव; संजय राउत का किया बचाव
बजट विलय और वेतन वृद्धि थी मुख्य मांग
बेस्ट संयुक्त कामगार कृति समिति के बैनर तले इस बेमियादी हड़ताल का आह्वान किया गया था। इस आंदोलन में कुल 12 प्रमुख कर्मचारी संघ शामिल थे। कर्मचारियों की मुख्य मांग बेस्ट के बजट को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मुख्य बजट के साथ जोड़ना है। इसके अलावा, कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले चालकों व सहायकों को स्थायी सेवा में शामिल करने की मांग कर रहे थे। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान का मुद्दा भी इस आंदोलन का एक बड़ा कारण था।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से मुंबई में बस सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित करने वाली यह हड़ताल, शिंदे की अध्यक्षता में हुई बातचीत के बाद वापस ली गई। इस बातचीत में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'BEST संयुक्त कामगार कृति समिति' के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों ने हिस्सा लिया था। यह बैठक सह्याद्रि गेस्ट हाउस में हुई थी।
विज्ञापन
शिवसेना (यूबीटी) नेता सचिन अहीर ने यह घोषणा तब की जब शिंदे ने कहा कि स्थायी और वेट-लीज कर्मचारियों को क्रमशः 3,000 रुपये और 2,000 रुपये प्रति माह की अंतरिम वेतन वृद्धि मिलेगी। अहीर ने कहा कि कर्मचारियों की कुछ प्रमुख मांगें भी मान ली गई हैं और बेस्ट बसें जल्द ही शहर की सड़कों पर लौट आएंगी।
विज्ञापन
तीन दिन तक थमी रही मुंबई की रफ्तार
मुंबई में लोकल ट्रेन के बाद बेस्ट बसों को शहर की दूसरी लाइफलाइन माना जाता है। इस हड़ताल के कारण पिछले 3 दिनों से मुंबई महानगर और उसके उपनगरों में सार्वजनिक बस सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई थीं। आम कामकाजी लोगों, दफ्तर जाने वालों और खासकर स्कूली व कॉलेज के छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर बसें न होने के कारण ऑटो और टैक्सी चालकों ने मनमाना किराया वसूला, जिससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ा। लोकल ट्रेनों और मेट्रो में भी आम दिनों के मुकाबले भारी भीड़ देखने को मिली।
यह भी पढ़ें: 'मैं सबसे माफी मांगता हूं कि मैंने गद्दारों के लिए वोट मांगे': बागियों पर बरसे उद्धव; संजय राउत का किया बचाव
बजट विलय और वेतन वृद्धि थी मुख्य मांग
बेस्ट संयुक्त कामगार कृति समिति के बैनर तले इस बेमियादी हड़ताल का आह्वान किया गया था। इस आंदोलन में कुल 12 प्रमुख कर्मचारी संघ शामिल थे। कर्मचारियों की मुख्य मांग बेस्ट के बजट को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मुख्य बजट के साथ जोड़ना है। इसके अलावा, कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले चालकों व सहायकों को स्थायी सेवा में शामिल करने की मांग कर रहे थे। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान का मुद्दा भी इस आंदोलन का एक बड़ा कारण था।