Bengaluru: पूर्व प्रधानमंत्री बोले- 2024 में वामपंथी पार्टियों का करेंगे समर्थन, जानिए इसकी वजह
2024 लोकसभा चुनाव के लिए अब करीब एक साल का ही समय बचा है। ऐसे में विपक्षी पार्टियां भाजपा के खिलाफ गठबंधन बनाने को लेकर सक्रिय हो गई हैं।
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जनता दल (सेक्युलर) के मुखिया और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में वह वामपंथी पार्टियों के साथ खड़े रहेंगे और जिन्हें वाम पार्टियां समर्थन देंगी, उन्हें जेडीएस भी समर्थन देगी। बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए एचडी देवेगौड़ा ने यह बात कही। माना जा रहा है कि देवेगौड़ा वामपंथी पार्टियों का समर्थन करके एक तरह से उनका एहसान चुका रहे हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह
ज्योति बसु ने ही दिया था पीएम पद के लिए देवेगौड़ा के नाम का प्रस्ताव
साल 1996 में जब अचानक एचडी देवेगौड़ा देश के 11वें प्रधानमंत्री बने तो देवेगौड़ा ने भी इसके बारे में नहीं सोचा था। देवेगौड़ा बता चुके हैं कि जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिरी तो वामपंथी नेता ज्योति बसु को प्रधानमंत्री बनना था लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उन्हें प्रधानमंत्री का पद मिल गया। ज्योति बसु ने ही देवेगौड़ा के नाम का प्रस्ताव दिया था। ऐसे में अब जब देवेगौड़ा 2024 में वामपंथी पार्टियों के साथ खड़े होने की बात कर रहे हैं तो उसके पीछे माना जा रहा है कि देवेगौड़ा शायद अपने कदम से वामपंथी पार्टियों के उस एहसान को उतारना चाहते हैं।
#WATCH | Bengaluru, Karnataka: "I'll stand with left parties in 2024 Lok Sabha elections," says JD(S) chief and former Prime Minister HD Devegowda#KarnatakaElections2023 pic.twitter.com/5PsWqg0K11
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 15, 2023
विपक्षी एकजुटता की हो रही कोशिश
2024 लोकसभा चुनाव के लिए अब करीब एक साल का ही समय बचा है। ऐसे में विपक्षी पार्टियां भाजपा के खिलाफ गठबंधन बनाने को लेकर सक्रिय हो गई हैं। हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने नई दिल्ली में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। इसके अलावा नीतीश कुमार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात की। इन मुलाकातों के बाद विपक्षी गठबंधन की चर्चा फिर तेज हो गई है। अदाणी-हिंडनबर्ग मामले में विपक्ष द्वारा जेपीसी की मांग की जा रही है और इस मांग को लेकर भी विपक्षी पार्टियां एकजुट हैं।