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Bengal Ration Scam: बंगाल में ईडी की कार्रवाई, चावल मिल मालिक और पीडीएस डीलर के आवास पर छापेमारी
Sun, 05 Nov 2023 03:50 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Sun, 05 Nov 2023 03:50 AM IST
सार
अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने कालूपुर, कोरार बागान और राणाघाट इलाकों में घरों पर छापेमारी की, यह कार्रवाई कई घंटों तक जारी रही। केंद्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार को की गई तलाशी के बारे में अधिक जानकारी साझा नहीं की।
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- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना और नादिया जिले में प्रवर्तन निदेशालय के कर्मियों ने छापेमारी की। यहां टीम ने कथित राशन वितरण घोटाले की जांच के तहत शनिवार को एक चावल मिल मालिक और एक पीडीएस डीलर के आवासों पर छापामारा।
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अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने कालूपुर, कोरार बागान और राणाघाट इलाकों में घरों पर छापेमारी की, यह कार्रवाई कई घंटों तक जारी रही। केंद्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार को की गई तलाशी के बारे में अधिक जानकारी साझा नहीं की।
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इसने पहले कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पश्चिम बंगाल के मंत्री ज्योति प्रियो मलिक को गिरफ्तार किया था। उन्होंने 2011 से 2021 तक खाद्य आपूर्ति मंत्री के रूप में कार्य किया, इस अवधि के दौरान कथित तौर पर राशन वितरण में "अनियमितताएं" हुईं। एक स्थानीय अदालत ने मलिक को 6 नवंबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।
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महामारी के दौरान पीपीई किट खरीद अनियमितताओं में टीएमसी शामिल: भाजपा के सुवेंदु
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार कोविड-19 महामारी के दौरान पीपीई किट की खरीद में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार में शामिल थी।
यहां एक रैली को संबोधित करते हुए, अधिकारी ने दावा किया कि वह इस "स्वास्थ्य घोटाले" के "सभी विवरण" एकत्र कर रहे हैं और जल्द ही सच्चाई उजागर करेंगे। शनिवार को भी घोष ने हमला जारी रखते हुए दावा किया कि सुवेंदु अधिकारी खुद को और अपने परिवार को अपरिहार्य केंद्रीय एजेंसी छापे से बचाने के लिए भाजपा में शामिल हो गए।
उन्होंने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि बीजेपी अधिकारी और उनके परिवार की संपत्ति के बारे में चुप क्यों है? घोष की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देने के लिए कहे जाने पर सिसिर अधिकारी ने कहा, 'मुझे उस व्यक्ति के बेबुनियाद आरोपों का जवाब देने की जरूरत नहीं है, जो एक बार एक घोटाले के सिलसिले में जेल जा चुका है।' वह कुछ साल पहले सारदा घोटाले में घोष की गिरफ्तारी का जिक्र कर रहे थे।