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Security Breach: सरेंडर से पहले बंगाल में मुख्य साजिशकर्ता के दोस्त से भी पूछताछ; विधानसभा की बढ़ाई गई सुरक्षा
Fri, 15 Dec 2023 10:45 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 15 Dec 2023 10:45 AM IST
सार
संसद की सुरक्षा में चूक मामले के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्य विधानसभा 'नबन्ना' में पुलिस के आयोजनों की समीक्षा की।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
संसद भवन की सुरक्षा में चूक मामले में पुलिस पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24-परगना में मुख्य आरोपी ललित झा के दोस्त से भी पूछताछ की है। बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट की एक टीम निलाक्ष आइच के हलिसहर आवास पहुंची। पुलिस ने निलाक्ष से आरोपी के बारे में उन दिनों के बारे में पूछा, जब वह एक एनजीओ के लिए काम किया करता था।
अधिकारी ने बताया, 'हमने उस व्यक्ति से घंटों तक बात की। हम ललित झा से उसकी दोस्ती के बारे में जानना चाहते थे। हमें दिल्ली पुलिस से उसके बारे में जानकारी मिली थी।' निलाक्ष आइच पश्चिम बंगाल में एक स्नातक का छात्र है। पुलिस ने बताया कि उसे ललित के जरिए संसद के अंदर हुए घटना का वीडिया मिला था।
पुलिस ने कहा, 'हमने आइच के मोबाइल फोन की तलाशी ली। इस दौरान हमने कुछ चीजों को नोट किया जो हमारे जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।' संसद की सुरक्षा में चूक मामले का मुख्य आरोपी ललित झा को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। झा एक अन्य व्यक्ति के साथ खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा था।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा की सुरक्षा में बढ़ाया गया पहरा
निलाक्ष आइच से पूछताछ के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्पीकर बिमान बनर्जी ने कहा कि बुधवार को दो व्यक्तियों द्वारा दर्शन दीर्घा से लोकसभा में छलांग लगाने के बाद विधानसभा की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया गया था।
उन्होंने कहा, 'किसी भी विधानसभा सदस्य, कर्मचारी और पत्रकार को उनके प्रमाणपत्र के बिना विधानसभा परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं है। वेस्ट गेट केवल पर्यटकों के लिए खुला है। उन्हें विधानसभा के अंदर केवल दो घंटे के लिए रुकने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, इससे पहले पर्यटकों को पूरे दिन रहने की अनुमति थी। परिसर के भीतर निर्धारित समय से अधिक देर तक रुकने पर उनसे पूछताछ की जाएगी।'
स्पीकर ने कहा, 'आपातकालीन बैठक के दौरान परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की तस्वीरें लेने के लिए सभी द्वारों पर कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है। सदस्यों के वाहनों को तबतक अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि उनके पास निर्दिष्ट स्टिकर न हों।'
विधायकों के सुरक्षाकर्मियों के अलावा किसी भी अतिरिक्त पुलिसकर्मी को विधानसभा की लॉबी में जाने की अनुमति नहीं होगी। सूत्र ने बताया कि संसद की सुरक्षा में चूक मामले के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्य विधानसभा 'नबन्ना' में पुलिस के आयोजनों की समीक्षा की।
क्या था पूरा मामला
यह घटना 13 दिसंबर की दोपहर एक बजकर एक मिनट पर हुई। लोकसभा में पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल शून्य काल की कार्यवाही को संचालित कर रहे थे। मालदा उत्तर से भाजपा सांसद खगेन मुर्मू अपनी बात रख रहे थे। तभी दो शख्स दर्शक दीर्घा से नीचे कूद गए।
नीले रंग की जैकेट पहना एक शख्स सांसदों की सीट पर कूदने लगा। वह लगभग तीन कतार लांघकर आसन की तरफ जाने लगा। अफरा-तफरी के माहौल के बीच कुछ सांसदों ने हिम्मत दिखाकर उसे घेर लिया। मार्शल भी दौड़कर आ गए। तभी उस युवक ने जूते के अंदर से कुछ पदार्थ निकाला। इसके बाद वहां पीले रंग का धुआं उठने लगा। बाद में सांसदों और मार्शलों ने मिलकर दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने कार्यवाही स्थगित कर दी।
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अधिकारी ने बताया, 'हमने उस व्यक्ति से घंटों तक बात की। हम ललित झा से उसकी दोस्ती के बारे में जानना चाहते थे। हमें दिल्ली पुलिस से उसके बारे में जानकारी मिली थी।' निलाक्ष आइच पश्चिम बंगाल में एक स्नातक का छात्र है। पुलिस ने बताया कि उसे ललित के जरिए संसद के अंदर हुए घटना का वीडिया मिला था।
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पुलिस ने कहा, 'हमने आइच के मोबाइल फोन की तलाशी ली। इस दौरान हमने कुछ चीजों को नोट किया जो हमारे जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।' संसद की सुरक्षा में चूक मामले का मुख्य आरोपी ललित झा को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। झा एक अन्य व्यक्ति के साथ खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा था।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा की सुरक्षा में बढ़ाया गया पहरा
निलाक्ष आइच से पूछताछ के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्पीकर बिमान बनर्जी ने कहा कि बुधवार को दो व्यक्तियों द्वारा दर्शन दीर्घा से लोकसभा में छलांग लगाने के बाद विधानसभा की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया गया था।
उन्होंने कहा, 'किसी भी विधानसभा सदस्य, कर्मचारी और पत्रकार को उनके प्रमाणपत्र के बिना विधानसभा परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं है। वेस्ट गेट केवल पर्यटकों के लिए खुला है। उन्हें विधानसभा के अंदर केवल दो घंटे के लिए रुकने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, इससे पहले पर्यटकों को पूरे दिन रहने की अनुमति थी। परिसर के भीतर निर्धारित समय से अधिक देर तक रुकने पर उनसे पूछताछ की जाएगी।'
स्पीकर ने कहा, 'आपातकालीन बैठक के दौरान परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की तस्वीरें लेने के लिए सभी द्वारों पर कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है। सदस्यों के वाहनों को तबतक अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि उनके पास निर्दिष्ट स्टिकर न हों।'
विधायकों के सुरक्षाकर्मियों के अलावा किसी भी अतिरिक्त पुलिसकर्मी को विधानसभा की लॉबी में जाने की अनुमति नहीं होगी। सूत्र ने बताया कि संसद की सुरक्षा में चूक मामले के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्य विधानसभा 'नबन्ना' में पुलिस के आयोजनों की समीक्षा की।
क्या था पूरा मामला
यह घटना 13 दिसंबर की दोपहर एक बजकर एक मिनट पर हुई। लोकसभा में पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल शून्य काल की कार्यवाही को संचालित कर रहे थे। मालदा उत्तर से भाजपा सांसद खगेन मुर्मू अपनी बात रख रहे थे। तभी दो शख्स दर्शक दीर्घा से नीचे कूद गए।
नीले रंग की जैकेट पहना एक शख्स सांसदों की सीट पर कूदने लगा। वह लगभग तीन कतार लांघकर आसन की तरफ जाने लगा। अफरा-तफरी के माहौल के बीच कुछ सांसदों ने हिम्मत दिखाकर उसे घेर लिया। मार्शल भी दौड़कर आ गए। तभी उस युवक ने जूते के अंदर से कुछ पदार्थ निकाला। इसके बाद वहां पीले रंग का धुआं उठने लगा। बाद में सांसदों और मार्शलों ने मिलकर दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने कार्यवाही स्थगित कर दी।