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बंगाल चुनाव: 4 मई को 294 सीटों के मतगणना केंद्रों पर मौजूद रहेंगे सामान्य पर्यवेक्षक, चुनाव आयोग का निर्देश
Fri, 01 May 2026 09:56 PM IST
Rahul Kumar
आईएएनएस, कोलकाता
आईएएनएस, कोलकाता
Published by: Rahul Kumar
Updated Fri, 01 May 2026 09:56 PM IST
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चुनाव आयोग
- फोटो : ANI
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों के सामान्य पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि वे 4 मई को सुबह 8 बजे मतगणना शुरू होने से पहले अपने-अपने मतगणना केंद्रों और मतगणना हॉल में मौजूद रहें। आयोग ने यह भी कहा है कि वे मतगणना पूरी होने और विजयी उम्मीदवारों को जीत का प्रमाणपत्र दिए जाने तक वहां मौजूद रहें।
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गड़बड़ी हुई तो सामान्य पर्यवेक्षक होंगे जिम्मेदार
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि आयोग ने यह भी तय किया है कि मतगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी गड़बड़ी या अनियमितता के लिए सामान्य पर्यवेक्षकों को जिम्मेदार माना जाएगा।
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सूत्र ने बताया, सामान्य पर्यवेक्षकों को मतगणना की कार्यवाही की नियमित जानकारी कोलकाता स्थित सीईओ कार्यालय के केंद्रीय कंट्रोल रूम और संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (जिला निर्वाचन अधिकारी) के कार्यालयों में बने जिलास्तरीय कंट्रोल रूम को देनी होगी।' इस बीच, चुनाव आयोग ने मतगणना के दिन और उसके बाद हिंसा या किसी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए कई कदम पहले ही तय कर दिए हैं।
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सूत्र ने कहा, ''अब तक यह तय किया गया है कि मतगणना केंद्रों के सबसे अंदरूनी सुरक्षा घेरे यानी मतगणना कक्षों में सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 200 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इसके अलावा एक मतगणना केंद्र के अंदर और दूसरा केंद्र के बाहर, दो और सुरक्षा घेरों की व्यवस्था होगी।''
क्यूआर कोड के जरिए पहचान सत्यापन
इस बार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए मतगणना केंद्रों की संख्या घटाकर 77 कर दी गई है। अधिकृत चुनाव अधिकारी, कर्मचारी, राजनीतिक दलों के एजेंट और उम्मीदवारों को मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए तीन स्तर की जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा।
पहले और दूसरे चरण में पहचान पत्र की मैन्युअल जांच होगी, जबकि तीसरे चरण में क्यूआर कोड के जरिए पहचान सत्यापन किया जाएगा। वहीं, 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा को देखते हुए चुनाव आयोग ने एहतियात के तौर पर अगली सूचना तक राज्य में सीएपीएफ की 700 कंपनियां तैनात रखने का फैसला किया है।