उत्तर प्रदेश: चुनावों से पहले कांग्रेस की राजनैतिक जमीन तैयार, सबसे पहले प्रत्याशियों की लिस्ट करेगी जारी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के टिकट के दावेदारों की समीक्षा की। संगठन में थोड़े बहुत फेरबदल के साथ कांग्रेस सबसे पहले जारी करेगी सूची...
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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने संगठन के स्तर पर अपनी तैयारियां तकरीबन पूरी कर ली हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने जिले से लेकर शहर तहसील और ब्लॉक से लेकर गांव तक अपनी टीम के माध्यम से लोगों के बीच पांच पॉइंट पर सर्वे भी करा लिया है। हालांकि चुनाव से पहले संगठन में मामूली फेरबदल होने के अनुमान है। कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में सबसे पहले विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की सूची कांग्रेस जारी करेगी।
कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक बीते तीन दशक से सत्ता से बाहर रहने वाली कांग्रेस ने इस बार चुनाव से काफी पहले ही तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। दरअसल इस बार उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की पूरी बागडोर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शुरुआत से ही संभाल ली है। यही वजह है कि बीते चुनावों की तुलना में 2022 के होने वाले चुनाव में कांग्रेस हमेशा की तरह पीछे नहीं रहना चाहती है। कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक 2022 में किन प्रत्याशियों को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया जाए इसके लिए प्रियंका गांधी ने प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश के अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों के माध्यम से संभावित प्रत्याशियों की पूरी जानकारी एकत्र की है। कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि इसी सूची के आधार पर प्रियंका गांधी ने कई कैंडिडेट्स को चुनाव लड़ने की अपनी ओर से सहमति भी जता दी है। जबकि अन्य प्रत्याशियों पर अभी विचार-विमर्श चल रहा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि दरअसल इस बार सामान्य रूप से होने वाले चुनावों की तुलना में प्रत्याशियों की घोषणा सबसे पहले कर दी जाएगी।
कहने को तो कांग्रेस की तैयारियां प्रदेश में चुनाव लड़ने के लिए पूरी हो चुकी हैं लेकिन अभी भी मामला गठबंधन पर फंसा हुआ है। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का किसी पार्टी से गठबंधन होगा या नहीं होगा इसके लिए अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
अमेठी और रायबरेली छोड़ पहली बार गांव-गांव प्रियंका की दस्तक
उत्तर प्रदेश में बीते विधानसभा चुनावों पर अगर नजर डालें तो पाएंगे कि यह पहला मौका है जब कांग्रेस के महासचिव प्रियंका गांधी अमेठी और रायबरेली को छोड़कर उत्तर प्रदेश के गांव-गाव तक अपनी दस्तक दे रही हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मुकेश सिंह चौहान का कहना है ये अलग बात है कि कोरोना के दौर में लगे लॉकडाउन और कोविड प्रोटोकॉल के चलते सीधे तौर पर लोगों से मिलना नहीं हो पा रहा है, लेकिन प्रियंका गांधी का संदेश और उनकी लिखी हुई चिट्ठी ब्लॉक अध्यक्ष के माध्यम से गांव-गांव में लोगों तक पहुंचाई जा रही है।
मुकेश कहते हैं कि प्रियंका गांधी की सक्रियता से उत्तर प्रदेश में इस बार चुनाव के परिणाम बिल्कुल अलग होंगे। हालांकि यह बात अलग है कि प्रियंका गांधी की सक्रियता के अलावा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जबरदस्त अंदरूनी फूट भी पड़ी हुई है, जो उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को बहुत नुकसान भी करेगी। उत्तर प्रदेश कार्यालय में बैठने वाले एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि अगर समय रहते इस आपसी तनातनी को दूर नहीं किया गया तो प्रियंका गांधी की सक्रियता भी किसी तरह से उत्तर प्रदेश में उनको वह स्थान नहीं दिला सकती जिसके लिए इतनी मेहनत की जा रही है।