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Delhi Election: चुनाव परिणाम आने से पहले ही कांग्रेस में घमासान, संदीप दीक्षित पर कांग्रेस प्रत्याशी ने लगाया
Thu, 06 Feb 2025 07:44 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 06 Feb 2025 07:44 PM IST
सार
Sandeep Dixit: चांदनी चौक से कांग्रेस प्रत्याशी मुदित अग्रवाल ने गुरुवार को एक बयान जारी कर संदीप दीक्षित पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने (संदीप दीक्षित) अपनी बहन लतिका के माध्यम से जगत सिनेमा के मालिक से कहकर वहां बना उनका चुनाव कार्यालय हटाने का प्रयास किया।
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संदीप दीक्षित
- फोटो : ani
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विस्तार
अभी चुनाव के परिणाम भी सामने नहीं आए हैं, लेकिन इसके पहले ही कांग्रेस में घमासान मच गया है। कांग्रेस के चांदनी चौक सीट से प्रत्याशी मुदित अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने आम आदमी पार्टी के एक नेता के दबाव में आकर उनका चुनाव कार्यालय बंद करवाने का प्रयास किया। मुदित अग्रवाल ने कहा है कि चुनाव के बीच में संदीप दीक्षित ने उनके पिता और दिल्ली के सबसे वरिष्ठ नेता जेपी अग्रवाल पर चुनावों के दौरान मेहनत न करने का आरोप लगाया है। मुदित अग्रवाल के इन आरोपों पर संदीप दीक्षित की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भी इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
चांदनी चौक से कांग्रेस प्रत्याशी मुदित अग्रवाल ने गुरुवार को एक बयान जारी कर संदीप दीक्षित पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने (संदीप दीक्षित) अपनी बहन लतिका के माध्यम से जगत सिनेमा के मालिक से कहकर वहां बना उनका चुनाव कार्यालय हटाने का प्रयास किया। अग्रवाल के अनुसार, संदीप दीक्षित को डर था कि यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनका अपना नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव खराब हो सकता है। आरोप है कि संदीप दीक्षित के चांदनी चौक सीट से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी पुनर्दीप साहनी से बेहतर रिश्ते हैं।
क्यों उठा विवाद
दरअसल, दिल्ली कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी पार्टी के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय पार्टी ने सभी गुटों को साधने का प्रयास किया, लेकिन इसके बाद भी वह इसमें कामयाब नहीं हो सकी। आरोप है कि संदीप दीक्षित ने चुनाव के बीच 16 जनवरी को मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में मुदित अग्रवाल के पिता और पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल पर अपेक्षित मेहनत न करने का आरोप लगाया था। अपने पिता पर लगे इस आरोप को मुदित अग्रवाल सहन नहीं कर सके। वे चुनाव तक तो चुप रहे, लेकिन चुनाव बीतते ही मैदान में आ गए और संदीप दीक्षित को घेर लिया।
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अग्रवाल ने कहा है कि संदीप दीक्षित ने उनके पिता पर लोगों के संपर्क में न रहने का आरोप लगाया है, जबकि पूरी दिल्ली का कार्यकर्ता जानता है कि उनके पिता सबके लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं। यह संदीप दीक्षित ही हैं जिन्होंने कभी दिल्ली में समय नहीं दिया। उन्होंने दीक्षित पर किसी कार्यकर्ता से संपर्क में न रहने का आरोप भी लगाया।
मुदित अग्रवाल ने तो यहां तक कहा है कि संदीप दीक्षित ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के पहले दिल्ली कांग्रेस की कमान अपने हाथ में लेना चाहते थे। वे प्रदेश का अध्यक्ष बनना चाहते थे। मुदित अग्रवाल के मुताबिक, संदीप दीक्षित ने उनके पिता से इसके लिए सहयोग भी मांगा था, लेकिन बात न बनने के बाद चुनाव के दौरान उन्होंने जेपी अग्रवाल पर आपत्तिजनक टिप्पणी की।
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चांदनी चौक से कांग्रेस प्रत्याशी मुदित अग्रवाल ने गुरुवार को एक बयान जारी कर संदीप दीक्षित पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने (संदीप दीक्षित) अपनी बहन लतिका के माध्यम से जगत सिनेमा के मालिक से कहकर वहां बना उनका चुनाव कार्यालय हटाने का प्रयास किया। अग्रवाल के अनुसार, संदीप दीक्षित को डर था कि यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनका अपना नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव खराब हो सकता है। आरोप है कि संदीप दीक्षित के चांदनी चौक सीट से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी पुनर्दीप साहनी से बेहतर रिश्ते हैं।
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क्यों उठा विवाद
दरअसल, दिल्ली कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी पार्टी के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय पार्टी ने सभी गुटों को साधने का प्रयास किया, लेकिन इसके बाद भी वह इसमें कामयाब नहीं हो सकी। आरोप है कि संदीप दीक्षित ने चुनाव के बीच 16 जनवरी को मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में मुदित अग्रवाल के पिता और पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल पर अपेक्षित मेहनत न करने का आरोप लगाया था। अपने पिता पर लगे इस आरोप को मुदित अग्रवाल सहन नहीं कर सके। वे चुनाव तक तो चुप रहे, लेकिन चुनाव बीतते ही मैदान में आ गए और संदीप दीक्षित को घेर लिया।
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अग्रवाल ने कहा है कि संदीप दीक्षित ने उनके पिता पर लोगों के संपर्क में न रहने का आरोप लगाया है, जबकि पूरी दिल्ली का कार्यकर्ता जानता है कि उनके पिता सबके लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं। यह संदीप दीक्षित ही हैं जिन्होंने कभी दिल्ली में समय नहीं दिया। उन्होंने दीक्षित पर किसी कार्यकर्ता से संपर्क में न रहने का आरोप भी लगाया।
मुदित अग्रवाल ने तो यहां तक कहा है कि संदीप दीक्षित ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के पहले दिल्ली कांग्रेस की कमान अपने हाथ में लेना चाहते थे। वे प्रदेश का अध्यक्ष बनना चाहते थे। मुदित अग्रवाल के मुताबिक, संदीप दीक्षित ने उनके पिता से इसके लिए सहयोग भी मांगा था, लेकिन बात न बनने के बाद चुनाव के दौरान उन्होंने जेपी अग्रवाल पर आपत्तिजनक टिप्पणी की।