{"_id":"5b4965204f1c1b37748b47b7","slug":"be-smart-like-vijay-mallya-says-union-minister-jual-oram-to-tribals","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदिवासियों के बीच केंद्रीय मंत्री ने कहा- माल्या की तरह स्मार्ट बनो","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
आदिवासियों के बीच केंद्रीय मंत्री ने कहा- माल्या की तरह स्मार्ट बनो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Updated Sat, 14 Jul 2018 11:09 AM IST
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव
केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने आदिवासियों को उद्यमिता के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए भगोड़े शराबी कारोबारी विजय माल्या का उदाहरण दिया। उरांव हैदराबाद में शुक्रवार को राष्ट्रीय जनजातीय उद्यमी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लोगों से कहा कि सिर्फ हार्डवर्क मत करो, स्मार्ट बनो। बता दें कि विजय माल्या भारतीय बैंकों के हजारों करोड़ रुपये लेकर विदेश में रह रहा है।
विज्ञापन
उरांव ने लोगों से कहा कि विजय माल्या ने चाहे कितने भी गलत काम किए हों लेकिन इन सबसे पहले उसने अपने कारोबार को सफल बनाया था। उसकी सफलता प्रेरित करने वाली है। उन्होंने आगे कहा कि 'विजय माल्या को आप लोग गाली देते हैं, लोकिन कौन है विजय माल्या? वह एक स्मार्ट व्यक्ति है, उसने पहले तो बुद्धिमान लोगों को काम के लिए रखा और बाद में बैंकों, सरकार और राजनीतिज्ञों को आपने प्रभाव में लिया।'
विज्ञापन
मंत्री ने इसके बाद आदिवासियों से कहा कि आपको ऐसा करने से कौन रोकता है, आप भी सिस्टम पर अपना प्रभाव दिखा सकते हैं। उन्होंने बैंकों के बारे में बोलते हुए लोगों से कहा कि आपको कौन रोकता है कि आप बैंकों को प्रभावित मत करो। इसके बाद उन्होंने आदिवासियों को जीवन में सफल होने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि एक आदिवासी को उसकी पहचान नहीं मिलती है। वह कई बार तो अपना सरनेम तक छिपाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। लेकिन इन सबसे कुछ नहीं होगा।
विज्ञापन
उन्होंने लोगों से कहा कि आदिवासी होने के कुछ नुकसान तो हैं लेकिन फायदे भी कम नहीं हैं। आदिवासियों को शिक्षण संस्थानों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्राप्त है। वह इन सबका लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने इसके बाद कहा कि कई बार कुछ लोग आदिवासियों की सफलता को आरक्षण से भी जोड़ते हैं जो कि ठीक नहीं है। करीब एक हजार आदिवासियों को संबोधित करते हुए उरांव ने कहा कि 'हमें उद्यमी बनना चाहिए, स्मार्ट बनना चाहिए। जानकारियां हासिल करनी चाहिए। वही हमारी ताकत होगी।'
हालांकि बाद में सफाई देते हुए मंत्री ने कहा, 'मैंने गलती से विजय माल्या का नाम ले लिया था। मुझे किसी और का नाम लेना चाहिए था। मुझे उसका नाम नहीं लेना चाहिए था वो मेरी गलती थी।'