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टीआरपी घोटाला : बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

Wed, 30 Dec 2020 06:19 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई। Published by: योगेश साहू Updated Wed, 30 Dec 2020 06:19 PM IST
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BARC CEO Partho Dasgupta Sent To Judicial Custody For 14 Days By Esplanade Court In TRP Scam Case
TRP SCAM, टीआरपी स्कैम - फोटो : अमर उजाला

टीआरपी घोटाला मामले में कोर्ट ने बुधवार को ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी पार्थो दासगुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बता दें कि दासगुप्ता को पुलिस ने बीती 17 दिसंबर को पुणे से गिरफ्तार किया था।

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मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने को 55 वर्षीय दासगुप्ता को पुणे जिले में तब गिरफ्तार किया जब वह गोवा से पुणे जा रहे थे। उन्हें गिरफ्तारी के बाद मुंबई की एक अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने जांच के लिए उनकी रिमांड मांगते हुए कहा था कि घोटाले में उनकी भूमिका को समझने के लिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है।
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दासगुप्ता के वकील कमलेश घुमरे ने दलील दी कि उनके खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के मामले दर्ज किए गए हैं, जो उनके खिलाफ नहीं बनते हैं। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को 28 दिसंबर तक अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया था। कुछ टीवी चैनलों द्वारा टीआरपी से छेड़छाड़ करने के मामले में गिरफ्तार होने वाले आरोपी दासगुप्ता 15वें व्यक्ति हैं। मामले के ज्यादातर आरोपी अभी जमानत पर हैं।
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अदालत ने 28 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा था
इससे पहले मुंबई की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट (टीआरपी) के कथित घोटाला मामले में रेटिंग एजेंसी ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (बार्क) के पूर्व कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पार्थो दास गुप्ता को 28 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में दिया था। ताकि दासगुप्ता से मामले से संबंधित तथ्यों के संबंध में जरूरी पूछताछ की जा सके। 

रोमिल रामगढ़िया को जमानत मिली

पुलिस ने कहा कि बीएआरसी के पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी रोमिल रामगढ़िया से पूछताछ में पता चला कि वह दासगुप्ता की मिलीभगत से टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स (टीआरपी) फर्जीवाड़े में शामिल थे। रामगढ़िया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।अदालत ने गुरुवार को मामले में एक अन्य आरोपी बार्क के पूर्व मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) रामिल रामगढ़िया को जमानत दे दी थी। दासगुप्ता जून 2013 से नवंबर 2019 के बीच बीएआरसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) थे।

रिपब्लिक ने पुलिस के आरोप को हास्यास्पद बताया
मीडिया नेटवर्क ने दिन में एक बयान जारी कर कहा कि पुलिस के आरोप हास्यास्पद हैं और जांच का एकमात्र मकसद रिपब्लिक टीवी को निशाना बनाना है। रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि जांच फर्जी थी और इसका एकमात्र मकसद रिपब्लिक टीवी को निशाना बनाना था।

क्या है मामला
कुछ घरों में दर्शकों की संख्या का पता लगाकर टीआरपी मापी जाती है और दर्शकों की संख्या के आंकड़े से चैनल विज्ञापनदाताओं को आकर्षित करते हैं। ऐसे आरोप लगे हैं कि इन घरों में से कुछ को रिश्वत दी जाती थी कि वे कुछ खास चैनलों पर जाएं ताकि उनकी टीआरपी बढ़ सके।

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